शु्क्रवार को सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्र में भारतीय बाजारों ने फेड के ऐलानों को नजरअंदाज किया और बाजार करीब 2 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए। अब बाजार के लिए ज्यादा दिक्कतें नहीं दिखाई दे रही हैं। वहीं यहां से बहुत ज्यादा कमजोरी के संकेत नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में उम्मीद है कि जनवरी सीरीज भारतीय बाजारों के लिए बेहतर साबित होगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज-
गैस की कीमतों में को बढ़ाने की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में जोरदार बढ़त देखी जा रही है। ऊपरी स्तरों पर शेयर में 915-920 रुपये के स्तर पर रेसिस्टेंस देखा जा सकता है। लंबी अवधि को निवेशकों को इस शेयर पर दांव लगाना चाहिए।
एमसीएक्स-
फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी के फिट एंज प्रॉपर नहीं होने के ऐलान के बाद कंपनी एमसीएक्स में अपनी 26 फीसदी की हिस्सेदारी घटाकर 2 फीसदी करेगी। ऐसे में उम्मीद है कि कोई बेहतर इंस्टिट्यूशनल इस हिस्सेदारी को खरीदे, जो एमसीएक्कस के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत है। मौजूदा समय में एमसीएक्स का 2,300-2,400 करोड़ रुपये की मार्केट कैपिटल है। अगले 1 महीने में एमसीएक्स का शेयर ऊपरी स्तरों पर 510 रुपये तक के स्तर छू सकता है।
एफडीसी-
एफडीसी का इलेक्ट्रॉल काफी लोकप्रिय है, कंपनी के भारत में 5 प्लांट मौजूद हैं। दूसरी तिमाही में कंपनी के नतीजे काफी शानदार रहे थे। निवेशकों को मौजूदा स्तरों पर इसमें खरीदारी करना चाहिए। अगले 1 महीने में शेयर 132 रुपये तक के लक्ष्य छूने की क्षमता रखता है।
कर्नाटक बैंक-
कर्नाटक बैंक में मौजूदा निवेशकों को 6-8 महीनों तक निवेश बरकरार रखना चाहिए। आरबीआई द्वारा बैंक लाइसेंस जारी किए जाने के बाद उम्मीद है कोई बड़ा निवेशक कर्नाटक बैंक का अधिग्रहण करे। बैंक के लिहाज से यह एक सकारात्मक हो सकता है, वहीं बैंक के फंडामेंटल काफी मजबूत हैं। ऐसे में अगले 6 महीनों में कर्नाटक बैंक का शेयर 150-160 रुपये तक के स्तर छू सकता है।
ओएनजीसी-जिंदल स्टील एंड पावर-
दोनों की शेयरों में निवेशकों को फिलहाल निवेश नहीं करना चाहिए। ओएनजीसी का मुनाफा काफी समय से सीमित देखा जा रहा है। वहीं जिंदल स्टील को रेगुलेटर की ओर से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को दोनों ही शेयरों से दूर रहना चाहिए। फार्मा, आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश किया जा सकता है।
बॉम्बे डाइंग-
बॉम्बे डाइंग एक रियल एस्टेट की कंपनी है, जहां काफी समय से दबाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि बॉम्बे डाइंग के कुछ प्रोजेक्ट्स हैं जहां से बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन इसके लिए लंबा वक्त लगेगा। ऐसे में निवेशकों का नजरिया यदि 2 साल तक का है तो इसमें निवेश कर सकते हैं। अन्यथा छोटी अवधि में शेयर में ऊपरी स्तरों पर 80-82 रुपये के स्तर मिलते हैं तो बिकवाली करना चाहिए।
एनसीसी-
एनसीसी अपना कर्ज कम करने के लिए पावर प्लांट में हिस्सेदारी बेच रही है। जो इस बात के संकेत हैं कि कंपनी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। लंबी अवधि के निवेश के लिए ये बेहतर निवेश नहीं है। ऊपरी स्तरों पर यदि 32 रुपये तक के स्तर मिलते हैं को बिकवाली करना चाहिए।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज-
गैस की कीमतों में को बढ़ाने की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में जोरदार बढ़त देखी जा रही है। ऊपरी स्तरों पर शेयर में 915-920 रुपये के स्तर पर रेसिस्टेंस देखा जा सकता है। लंबी अवधि को निवेशकों को इस शेयर पर दांव लगाना चाहिए।
एमसीएक्स-
फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी के फिट एंज प्रॉपर नहीं होने के ऐलान के बाद कंपनी एमसीएक्स में अपनी 26 फीसदी की हिस्सेदारी घटाकर 2 फीसदी करेगी। ऐसे में उम्मीद है कि कोई बेहतर इंस्टिट्यूशनल इस हिस्सेदारी को खरीदे, जो एमसीएक्कस के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत है। मौजूदा समय में एमसीएक्स का 2,300-2,400 करोड़ रुपये की मार्केट कैपिटल है। अगले 1 महीने में एमसीएक्स का शेयर ऊपरी स्तरों पर 510 रुपये तक के स्तर छू सकता है।
एफडीसी-
एफडीसी का इलेक्ट्रॉल काफी लोकप्रिय है, कंपनी के भारत में 5 प्लांट मौजूद हैं। दूसरी तिमाही में कंपनी के नतीजे काफी शानदार रहे थे। निवेशकों को मौजूदा स्तरों पर इसमें खरीदारी करना चाहिए। अगले 1 महीने में शेयर 132 रुपये तक के लक्ष्य छूने की क्षमता रखता है।
कर्नाटक बैंक-
कर्नाटक बैंक में मौजूदा निवेशकों को 6-8 महीनों तक निवेश बरकरार रखना चाहिए। आरबीआई द्वारा बैंक लाइसेंस जारी किए जाने के बाद उम्मीद है कोई बड़ा निवेशक कर्नाटक बैंक का अधिग्रहण करे। बैंक के लिहाज से यह एक सकारात्मक हो सकता है, वहीं बैंक के फंडामेंटल काफी मजबूत हैं। ऐसे में अगले 6 महीनों में कर्नाटक बैंक का शेयर 150-160 रुपये तक के स्तर छू सकता है।
ओएनजीसी-जिंदल स्टील एंड पावर-
दोनों की शेयरों में निवेशकों को फिलहाल निवेश नहीं करना चाहिए। ओएनजीसी का मुनाफा काफी समय से सीमित देखा जा रहा है। वहीं जिंदल स्टील को रेगुलेटर की ओर से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को दोनों ही शेयरों से दूर रहना चाहिए। फार्मा, आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश किया जा सकता है।
बॉम्बे डाइंग-
बॉम्बे डाइंग एक रियल एस्टेट की कंपनी है, जहां काफी समय से दबाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि बॉम्बे डाइंग के कुछ प्रोजेक्ट्स हैं जहां से बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन इसके लिए लंबा वक्त लगेगा। ऐसे में निवेशकों का नजरिया यदि 2 साल तक का है तो इसमें निवेश कर सकते हैं। अन्यथा छोटी अवधि में शेयर में ऊपरी स्तरों पर 80-82 रुपये के स्तर मिलते हैं तो बिकवाली करना चाहिए।
एनसीसी-
एनसीसी अपना कर्ज कम करने के लिए पावर प्लांट में हिस्सेदारी बेच रही है। जो इस बात के संकेत हैं कि कंपनी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। लंबी अवधि के निवेश के लिए ये बेहतर निवेश नहीं है। ऊपरी स्तरों पर यदि 32 रुपये तक के स्तर मिलते हैं को बिकवाली करना चाहिए।
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