सूत्रों का कहना है कि टीवीएस मोटर और बजाज ऑटो ने अपनी मोटरसाइकिलों की कीमतें बढ़ा दी हैं। हालांकि मोटरसाइकिलों की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक टीवीएस मोटर ने अपने सभी उत्पादों के दाम में 0.25-0.5 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। टीवीएस मोटर की मोटरसाइकिलों की कीमतों में बढ़ोतरी अप्रैल के पहले हफ्ते से लागू होगी।
सूत्रों की मानें तो बजाज ऑटो ने 100 सीसी वाली मोटरसाइकिलों के दाम में 300 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। वहीं अन्य सभी मॉडल के दाम में बजाज ऑटो ने 500 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। बजाज ऑटो की उत्पादों में की गई बढ़ोतरी 12 अप्रैल से लागू होगी।
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Wednesday, April 17, 2013
रिकॉर्ड ऊंचाई पर यूनाइटेड स्पिरिट्स के शेयर :
यूनाइटेड स्पिरिट्स के शेयरों में जोरदार तेजी आई है और शेयर लाइफ टाइम हाय के स्तर पर पहुंच गया है। फिलहाल, यूनाइटेड स्पिरिट्स 7 फीसदी से चढ़ा है।
यूनाइटेड स्पिरिट्स के लिए डियाजियो का ओपन ऑफर खुला हुआ है। ओपन ऑफर के जरिए डियाजियो यूनाइटेड स्पिरिट्स का 26 फीसदी हिस्सा खरीदने वाला है। ओपन ऑफर का भाव 1440 रुपये प्रति शेयर है और इश्यू 26 अप्रैल को बंद होगा।
इसके अलावा तिमाही-दर-तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च में यूनाइटेड स्पिरिट्स में यूबी होल्डिंग्स की हिस्सेदारी 17.72 फीसदी से घटकर 15.3 फीसदी हुई है। इसी दौरान कंपनी में प्रमोटरों का हिस्सा 27.51 फीसदी से घटकर 25.48 फीसदी हुआ है।
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यूनाइटेड स्पिरिट्स के लिए डियाजियो का ओपन ऑफर खुला हुआ है। ओपन ऑफर के जरिए डियाजियो यूनाइटेड स्पिरिट्स का 26 फीसदी हिस्सा खरीदने वाला है। ओपन ऑफर का भाव 1440 रुपये प्रति शेयर है और इश्यू 26 अप्रैल को बंद होगा।
इसके अलावा तिमाही-दर-तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च में यूनाइटेड स्पिरिट्स में यूबी होल्डिंग्स की हिस्सेदारी 17.72 फीसदी से घटकर 15.3 फीसदी हुई है। इसी दौरान कंपनी में प्रमोटरों का हिस्सा 27.51 फीसदी से घटकर 25.48 फीसदी हुआ है।
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होंडा ने उतारी 110सीसी की नई बाइक ड्रीम नियो :
हीरो मोटोकॉर्प की सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक स्प्लेंडर के लिए मुकाबला तगड़ा होता जा रहा है। हीरो मोटोकॉर्प को ये टक्कर कंपनी के पुराने पार्टनर होंडा से मिल रही है। होंडा ने 110सीसी की बाइक ड्रीम नियो को बाजार में उतार दिया है।
होंडा का दावा है कि ड्रीम नियो बाइक 1 लीटर पेट्रोल में 74 किलोमीटर तक दौड़ेगी। होंडा ड्रीम नियो की प्राइसिंग भी काफी एग्रेसिव है। दिल्ली में इस बाइक की एक्स शो रूम कीमत 43,100 रुपये है। अब 100 से 110 सीसी सेगमेंट में होंडा की 3 मोटरसाइकिलें हो गई हैं।
ड्रीम नियो से पहले होंडा ड्रीम युगा और सीबी ट्विस्टर को भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। बाजार में 100 से 110 सीसी सेगमेंट में हिस्सेदारी करीब पचास फीसदी है और इस सेगमेंट में होंडा का लक्ष्य 1.5 फीसदी ग्रोथ का है।
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होंडा का दावा है कि ड्रीम नियो बाइक 1 लीटर पेट्रोल में 74 किलोमीटर तक दौड़ेगी। होंडा ड्रीम नियो की प्राइसिंग भी काफी एग्रेसिव है। दिल्ली में इस बाइक की एक्स शो रूम कीमत 43,100 रुपये है। अब 100 से 110 सीसी सेगमेंट में होंडा की 3 मोटरसाइकिलें हो गई हैं।
ड्रीम नियो से पहले होंडा ड्रीम युगा और सीबी ट्विस्टर को भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। बाजार में 100 से 110 सीसी सेगमेंट में हिस्सेदारी करीब पचास फीसदी है और इस सेगमेंट में होंडा का लक्ष्य 1.5 फीसदी ग्रोथ का है।
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यस बैंक: मुनाफा 33%, ब्याज आय 30.6% बढ़ी :
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में यस बैंक का मुनाफा 33 फीसदी बढ़कर 362 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक का मुनाफा 272 करोड़ रुपये रहा था।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में यस बैंक की ब्याज आय 30.6 फीसदी बढ़कर 638 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक की ब्याज आय 488.2 करोड़ रुपये रही थी।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में यस बैंक की अन्य आय 42.5 फीसदी बढ़कर 379 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक की अन्य आय 266 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही-दर-तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च में यस बैंकस का ग्रॉस एनपीए 0.17 फीसदी से बढ़कर 0.2 फीसदी रहा। वहीं, बैंक का नेट एनपीए 0.04 फीसदी से घटकर 0.01 फीसदी रहा।
वित्त वर्ष 2013 की तीसरी तिमाही के मुकाबले चौथी तिमाही में यस बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो 18 फीसदी से बढ़कर 18.3 फीसदी रहा। वहीं, बैंक का प्रोविजन 56.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 97.5 करोड़ रुपये रहा।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में यस बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3 फीसदी रहा। यस बैंक के बोर्ड ने 50 करोड़ डॉलर तक की पूंजी जुटाने को मंजूरी दी है।
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वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में यस बैंक की ब्याज आय 30.6 फीसदी बढ़कर 638 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक की ब्याज आय 488.2 करोड़ रुपये रही थी।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में यस बैंक की अन्य आय 42.5 फीसदी बढ़कर 379 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक की अन्य आय 266 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही-दर-तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च में यस बैंकस का ग्रॉस एनपीए 0.17 फीसदी से बढ़कर 0.2 फीसदी रहा। वहीं, बैंक का नेट एनपीए 0.04 फीसदी से घटकर 0.01 फीसदी रहा।
वित्त वर्ष 2013 की तीसरी तिमाही के मुकाबले चौथी तिमाही में यस बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो 18 फीसदी से बढ़कर 18.3 फीसदी रहा। वहीं, बैंक का प्रोविजन 56.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 97.5 करोड़ रुपये रहा।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में यस बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3 फीसदी रहा। यस बैंक के बोर्ड ने 50 करोड़ डॉलर तक की पूंजी जुटाने को मंजूरी दी है।
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एचसीएल टेक के मुनाफे में 9.8% की बढ़ोतरी :
साल 2012 की तीसरी तिमाही में एचसीएल टेक का मुनाफा 9.8 फीसदी बढ़कर 1,040 करोड़ रुपये हो गया है। साल 2012 की दूसरी तिमाही में एचसीएल टेक का मुनाफा 946.7 करोड़ रुपये रहा था।
साल 2012 की तीसरी तिमाही में एचसीएल टेक की बिक्री 2.4 फीसदी बढ़कर 6,425 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। साल 2012 की दूसरी तिमाही में एचसीएल टेक की बिक्री 6,273.8 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही दर तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में एचसीएल टेक की डॉलर आय 115.43 करोड़ डॉलर से 3.2 फीसदी बढ़कर 119.1 करोड़ डॉलर रही। तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में एचसीएल टेक का एबिट मार्जिन 19.83 फीसदी से मामूली बढ़कर 19.9 फीसदी रहा। तीसरी तिमाही में एचसीएल टेक का एबिट 1,244.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,276 करोड़ रुपये रहा।
एचसीएल टेक के सीएफओ अनिल चानना का कहना है कि तीसरी तिमाही में 1 अरब डॉलर से ज्यादा के सौदे किए गए हैं। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में अच्छी बढ़त आई है। वहीं बीएफएसआई सेक्टर की कम ग्रोथ चिंता का विषय नहीं है। आने वाले दिनों में बीएफएसआई सेक्टर में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है।
अनिल चानना के मुताबिक लगातार 6वीं तिमाही में एचसीएल टेक का मार्जिन सुधरा है। मध्यम अवधि में मार्जिन 18-19 फीसदी रहने का अनुमान है। आगे के कारोबार के लिए ज्यादातर फैसले वित्त वर्ष 2014 की दूसरी छमाही में लिए जाएंगे। केकी मिस्त्री बतौर इंडीपेंडेंट डायरेक्टर एचसीएल टेक के बोर्ड में शामिल हुए हैं।
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साल 2012 की तीसरी तिमाही में एचसीएल टेक की बिक्री 2.4 फीसदी बढ़कर 6,425 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। साल 2012 की दूसरी तिमाही में एचसीएल टेक की बिक्री 6,273.8 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही दर तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में एचसीएल टेक की डॉलर आय 115.43 करोड़ डॉलर से 3.2 फीसदी बढ़कर 119.1 करोड़ डॉलर रही। तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में एचसीएल टेक का एबिट मार्जिन 19.83 फीसदी से मामूली बढ़कर 19.9 फीसदी रहा। तीसरी तिमाही में एचसीएल टेक का एबिट 1,244.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,276 करोड़ रुपये रहा।
एचसीएल टेक के सीएफओ अनिल चानना का कहना है कि तीसरी तिमाही में 1 अरब डॉलर से ज्यादा के सौदे किए गए हैं। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में अच्छी बढ़त आई है। वहीं बीएफएसआई सेक्टर की कम ग्रोथ चिंता का विषय नहीं है। आने वाले दिनों में बीएफएसआई सेक्टर में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है।
अनिल चानना के मुताबिक लगातार 6वीं तिमाही में एचसीएल टेक का मार्जिन सुधरा है। मध्यम अवधि में मार्जिन 18-19 फीसदी रहने का अनुमान है। आगे के कारोबार के लिए ज्यादातर फैसले वित्त वर्ष 2014 की दूसरी छमाही में लिए जाएंगे। केकी मिस्त्री बतौर इंडीपेंडेंट डायरेक्टर एचसीएल टेक के बोर्ड में शामिल हुए हैं।
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कमोडिटी बाजारः मजबूत रुपये से सोना टूटा :
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को सोने को कुछ सपोर्ट मिला, तो अब घरेलू बाजार में रुपया मजबूत होने लगा है। और इसी वजह से आज घरेलू बाजार में सोना फिर से दबाव में आ गया है। फिलहाल सोना 1 फीसदी से कमजोर होकर कारोबार कर रहा है। चांदी में भी दबाव देखने को मिल रहा है और ये 1.5 फीसदी से ज्यादा टूट चुकी है। दरअसल 1 डॉलर की कीमत 54 रुपये के नीचे आ गई है और डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 1 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया है।
फिलहाल एमसीएक्स पर सोना 1.1 फीसदी की कमजोरी के साथ 25,500 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी 1.7 फीसदी टूटकर 43,450 रुपये के नीचे आ गई है।
आईएमएफ ने भारत समेत दुनिया पर अपना ग्रोथ अनुमान घटा दिया है। इसके बाद से कच्चे तेल पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि अमेरिकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट के मुताबिक अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार करीब 67 लाख बैरल घट गया है। इसके बावजूद आज कच्चे तेल में गिरावट का रुख है।
वैसे घरेलू बाजार में मजबूत रुपये का भी असर कच्चे तेल पर देखने को मिल रहा है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल 0.25 फीसदी फिसलकर 4,780 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। हालांकि नेचुरल गैस में आज तेजी आई है। नेचुरल गैस 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ ये 225 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है।
आज बेस मेटल में तेज गिरावट आई है। एमसीएक्स पर कॉपर 1 फीसदी से ज्यादा गिर गया है। वहीं एल्युमीनियम और दूसरे मेटल्स भी करीब 1 फीसदी की गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं। दरअसल दुनिया मे मांग घटने की वजह से ग्लोबल मार्केट में कॉपर करीब 20 महीने के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं घरेलू बाजार में रुपये की मजबूती ने भी दबाव बनाया है।
एमसीएक्स पर कॉपर 1.4 फीसदी लुढ़ककर 389 रुपये के आसपास आ गया है। एल्यूमिनियम में 0.75 फीसदी, निकेल, लेड और जिंक में 1-1 फीसदी की कमजोरी आई है।
मसालों में आज भी गिरावट आई है। एनसीडीईएक्स पर मंगलवार को ज्यादातर मसालों में 4 फीसदी का निचला सर्किट लगा था। दरअसल ईरान में भूंकप की वजह से मसालों के निर्यात पर असर की आशंका जताई जा रही है। इस वजह से कम पैदावार के बावजूद हल्दी में आज भी गिरावट पर कारोबार हो रहा है। हल्दी करीब 3 फीसदी तक लुढ़क चुकी है। साथ ही लाल मिर्च और धनिया में भी गिरावट हावी है। हालांकि एमसीएक्स पर इलायची वायदा में निचले स्तरों से थोड़ी खरीदारी आई है।
सोना एमसीएक्स (जून वायदा) : बेचें - 25650, स्टॉपलॉस - 25710 और लक्ष्य - 25540/25360
चांदी एमसीएक्स (मई वायदा) : बेचें - 44000, स्टॉपलॉस - 44550 और लक्ष्य - 43200/42600
कच्चा तेल एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : बेचें - 4790-4800, स्टॉपलॉस - 4820 और लक्ष्य - 4770/4730
नेचुरल गैस एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : खरीदें - 224, स्टॉपलॉस - 222 और लक्ष्य 228/230
कॉपर एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : बेचें - 393-394, स्टॉपलॉस - 396 और लक्ष्य - 390/388.5
जिंक एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : बेचें - 101.25-101.50, स्टॉपलॉस - 396 और लक्ष्य - 390/388.5
लेड एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : बेचें - 111, स्टॉपलॉस - 111.5 और लक्ष्य - 110/109.5
एल्यूमिनियम एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : बेचें - 102.5, स्टॉपलॉस - 103 और लक्ष्य - 101.5/101
कालीमिर्च एनसीडीईएक्स (मई वायदा) : बेचें - 35200, स्टॉपलॉस - 35870 और लक्ष्य - 34400
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फिलहाल एमसीएक्स पर सोना 1.1 फीसदी की कमजोरी के साथ 25,500 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी 1.7 फीसदी टूटकर 43,450 रुपये के नीचे आ गई है।
आईएमएफ ने भारत समेत दुनिया पर अपना ग्रोथ अनुमान घटा दिया है। इसके बाद से कच्चे तेल पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि अमेरिकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट के मुताबिक अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार करीब 67 लाख बैरल घट गया है। इसके बावजूद आज कच्चे तेल में गिरावट का रुख है।
वैसे घरेलू बाजार में मजबूत रुपये का भी असर कच्चे तेल पर देखने को मिल रहा है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल 0.25 फीसदी फिसलकर 4,780 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। हालांकि नेचुरल गैस में आज तेजी आई है। नेचुरल गैस 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ ये 225 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है।
आज बेस मेटल में तेज गिरावट आई है। एमसीएक्स पर कॉपर 1 फीसदी से ज्यादा गिर गया है। वहीं एल्युमीनियम और दूसरे मेटल्स भी करीब 1 फीसदी की गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं। दरअसल दुनिया मे मांग घटने की वजह से ग्लोबल मार्केट में कॉपर करीब 20 महीने के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं घरेलू बाजार में रुपये की मजबूती ने भी दबाव बनाया है।
एमसीएक्स पर कॉपर 1.4 फीसदी लुढ़ककर 389 रुपये के आसपास आ गया है। एल्यूमिनियम में 0.75 फीसदी, निकेल, लेड और जिंक में 1-1 फीसदी की कमजोरी आई है।
मसालों में आज भी गिरावट आई है। एनसीडीईएक्स पर मंगलवार को ज्यादातर मसालों में 4 फीसदी का निचला सर्किट लगा था। दरअसल ईरान में भूंकप की वजह से मसालों के निर्यात पर असर की आशंका जताई जा रही है। इस वजह से कम पैदावार के बावजूद हल्दी में आज भी गिरावट पर कारोबार हो रहा है। हल्दी करीब 3 फीसदी तक लुढ़क चुकी है। साथ ही लाल मिर्च और धनिया में भी गिरावट हावी है। हालांकि एमसीएक्स पर इलायची वायदा में निचले स्तरों से थोड़ी खरीदारी आई है।
सोना एमसीएक्स (जून वायदा) : बेचें - 25650, स्टॉपलॉस - 25710 और लक्ष्य - 25540/25360
चांदी एमसीएक्स (मई वायदा) : बेचें - 44000, स्टॉपलॉस - 44550 और लक्ष्य - 43200/42600
कच्चा तेल एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : बेचें - 4790-4800, स्टॉपलॉस - 4820 और लक्ष्य - 4770/4730
नेचुरल गैस एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : खरीदें - 224, स्टॉपलॉस - 222 और लक्ष्य 228/230
कॉपर एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : बेचें - 393-394, स्टॉपलॉस - 396 और लक्ष्य - 390/388.5
जिंक एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : बेचें - 101.25-101.50, स्टॉपलॉस - 396 और लक्ष्य - 390/388.5
लेड एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : बेचें - 111, स्टॉपलॉस - 111.5 और लक्ष्य - 110/109.5
एल्यूमिनियम एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : बेचें - 102.5, स्टॉपलॉस - 103 और लक्ष्य - 101.5/101
कालीमिर्च एनसीडीईएक्स (मई वायदा) : बेचें - 35200, स्टॉपलॉस - 35870 और लक्ष्य - 34400
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10000 करोड़ रु का कर्ज चुकाएंगेः जीएमआर :
सड़क बनाने वाली और एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनी जीएमआर इंफ्रा कई वजह से खबरों में है। साथ ही खबर है कि प्रोमोटर जीएमआर होल्डिंग्स ने आईएफसीआई के पास गिरवी रखे 86 लाख शेयर छुड़ाए लिए हैं।
जीएमआर के स्ट्रैटेजी और कॉरपोरेट डेवलपमेंट के सीईओ परमीत चड्ढा का कहना है कि इस साल 10,000 करोड़ रुपये का कर्ज चुकता करने की योजना है। जीएमआर इंफ्रा के लिए चिंता की बात ये है कि कंपनी पर फिलहाल 43,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। साथ ही कर्ज में कमी करने के लिए जीएमआर ने अपने प्रोजेक्ट्स में हिस्सा बेचने का फैसला किया है।
वहीं एनएचएआई बोर्ड ने प्रीमियम के भुगतान में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जो जीएमआर के लिए अच्छी खबर है। दरअसल पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी में देरी के कारण दिसंबर 2012 में जीएमआर इंफ्रा किशनगढ़ और अहमदाबाद के बीच 555 किलोलमीटर के हाईवे को चौड़ा करने के प्रोजेक्ट से बाहर हो गई थी। परमीत चड्ढा के मुताबिक जीएमआर इंफ्रा ने किशनगढ़-उदयपुर-अहमदाबाद प्रोजेक्ट के लिए एनएचएआई के पास नए सिरे से आवेदन किया है। घरेलू इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के फाइनेंसिंग मॉडल में सुधार की जरूरत है।
जीएमआर इंफ्रा की हिस्सा बेचकर मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कम रिटर्न वाले प्रोजेक्ट में करने की योजना है। साथ ही जीएमआर इंफ्रा को छोटी अवधी में 1,900 करोड़ रुपये की पूंजी की जरूरत होगी। वहीं केजी-डी6 की गैस से चलने वाले प्रोजेक्ट्स 30 फीसदी क्षमता पर चल रहे हैं। परमीत चड्ढा ने बताया कि कंपनी को तुरंत पूंजी की जरूरत नहीं है। लेकिन कुछ प्रोजेक्ट्स में हिस्सा बेचने के साथ-साथ नए प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगाने की योजना है।
हाल में जीएमआर इंफ्रा के 3 प्रोजेक्टस में हिस्सा बेचने से कर्ज में 3,000 करोड़ रुपये की कमी होगी। फिलिपींस में 40 करोड़ डॉलर के एयरपोर्ट अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के लिए बोली लगाने की योजना है।
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जीएमआर के स्ट्रैटेजी और कॉरपोरेट डेवलपमेंट के सीईओ परमीत चड्ढा का कहना है कि इस साल 10,000 करोड़ रुपये का कर्ज चुकता करने की योजना है। जीएमआर इंफ्रा के लिए चिंता की बात ये है कि कंपनी पर फिलहाल 43,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। साथ ही कर्ज में कमी करने के लिए जीएमआर ने अपने प्रोजेक्ट्स में हिस्सा बेचने का फैसला किया है।
वहीं एनएचएआई बोर्ड ने प्रीमियम के भुगतान में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जो जीएमआर के लिए अच्छी खबर है। दरअसल पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी में देरी के कारण दिसंबर 2012 में जीएमआर इंफ्रा किशनगढ़ और अहमदाबाद के बीच 555 किलोलमीटर के हाईवे को चौड़ा करने के प्रोजेक्ट से बाहर हो गई थी। परमीत चड्ढा के मुताबिक जीएमआर इंफ्रा ने किशनगढ़-उदयपुर-अहमदाबाद प्रोजेक्ट के लिए एनएचएआई के पास नए सिरे से आवेदन किया है। घरेलू इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के फाइनेंसिंग मॉडल में सुधार की जरूरत है।
जीएमआर इंफ्रा की हिस्सा बेचकर मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कम रिटर्न वाले प्रोजेक्ट में करने की योजना है। साथ ही जीएमआर इंफ्रा को छोटी अवधी में 1,900 करोड़ रुपये की पूंजी की जरूरत होगी। वहीं केजी-डी6 की गैस से चलने वाले प्रोजेक्ट्स 30 फीसदी क्षमता पर चल रहे हैं। परमीत चड्ढा ने बताया कि कंपनी को तुरंत पूंजी की जरूरत नहीं है। लेकिन कुछ प्रोजेक्ट्स में हिस्सा बेचने के साथ-साथ नए प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगाने की योजना है।
हाल में जीएमआर इंफ्रा के 3 प्रोजेक्टस में हिस्सा बेचने से कर्ज में 3,000 करोड़ रुपये की कमी होगी। फिलिपींस में 40 करोड़ डॉलर के एयरपोर्ट अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के लिए बोली लगाने की योजना है।
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सोने के टूटने से बैंक-एनबीएफसी पर बढ़ी चिंता :
सोने की कीमतों में भारी गिरावट का असर गोल्ड फाइनेंस कंपनियों और गोल्ड लोन देने वाले बैंकों के शेयरों पर दिखा है। निवेशकों में चिंता है कि सोना सस्ता होने के बाद बैंकों और गोल्ड एनबीएफसी के लोन डिफॉल्ट बढ़ जाएगा।
सोने में गिरावट आने के बाद बैंकों और गोल्ड एनबीएफसी की मुश्किलें बढ़ी हैं। बैंकों और गोल्ड एनबीएफसी के एसेट क्वॉलिटी पर दबाव आया है।
बैंक और गोल्ड एनबीएफसी मार्जिन रखकर गोल्ड लोन देती हैं, ताकि दाम कम होने के बाद डिफॉल्ट होने पर सोना बेचकर लोन वसूल किया जा सके। लेकिन, सोने के टूटने से बैंकों और गोल्ड एनबीएफसी का मार्जिन कम हुआ है। सोने में और गिरावट आने पर ग्राहकों के पास लोन वापस करने का कारण नहीं रहता है।
सबसे ज्यादा असर उन बैंकों पर दिखेगा जिनके कुल पोर्टफोलियो में गोल्ड लोन का हिस्सा ज्यादा है। खासतौर पर दक्षिण भारतीय बैंक काफी गोल्ड लोन देते हैं।
गोल्ड लोन पर ब्याज एक साथ रीपेमेंट के वक्त लिया जाता है और अगर सोने के दाम घटे तो लोन की रिकवरी मुश्किल हो जाती है। बैंकों और गोल्ड एनबीएफसी को अब अपनी रणनीति बदलनी होगी। सोने में गिरावट का मंथली गोल्ड स्कीम पर पर ज्यादा असर नहीं होगा।
मुथूट फाइनेंस और मन्नापुरम फाइनेंस चौथी तिमाही में घाटे में आ सकते हैं। अगर कंपनियों को सोना बेचना पड़े तो उनके मार्जिन पर दबाव दिखेगा।
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सोने में गिरावट आने के बाद बैंकों और गोल्ड एनबीएफसी की मुश्किलें बढ़ी हैं। बैंकों और गोल्ड एनबीएफसी के एसेट क्वॉलिटी पर दबाव आया है।
बैंक और गोल्ड एनबीएफसी मार्जिन रखकर गोल्ड लोन देती हैं, ताकि दाम कम होने के बाद डिफॉल्ट होने पर सोना बेचकर लोन वसूल किया जा सके। लेकिन, सोने के टूटने से बैंकों और गोल्ड एनबीएफसी का मार्जिन कम हुआ है। सोने में और गिरावट आने पर ग्राहकों के पास लोन वापस करने का कारण नहीं रहता है।
सबसे ज्यादा असर उन बैंकों पर दिखेगा जिनके कुल पोर्टफोलियो में गोल्ड लोन का हिस्सा ज्यादा है। खासतौर पर दक्षिण भारतीय बैंक काफी गोल्ड लोन देते हैं।
गोल्ड लोन पर ब्याज एक साथ रीपेमेंट के वक्त लिया जाता है और अगर सोने के दाम घटे तो लोन की रिकवरी मुश्किल हो जाती है। बैंकों और गोल्ड एनबीएफसी को अब अपनी रणनीति बदलनी होगी। सोने में गिरावट का मंथली गोल्ड स्कीम पर पर ज्यादा असर नहीं होगा।
मुथूट फाइनेंस और मन्नापुरम फाइनेंस चौथी तिमाही में घाटे में आ सकते हैं। अगर कंपनियों को सोना बेचना पड़े तो उनके मार्जिन पर दबाव दिखेगा।
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