जानकारों के मुताबिक अगले हफ्ते इन शेयरों में दांव लगाकर मुनाफा कमाया जा सकता है।पेट्रोनेट एलएनजीः 15 महीने के लिए खरीदें लक्ष्य 168 रुपयेडाबर इंडियाः 15 महीने के लिए खरीदें लक्ष्य 152 रुपयेजेट एयरवेजः खरीदें लक्ष्य 700 रुपयेपैंटालून रिटेलः खरीदें लक्ष्य 190 रुपयेकेर्न इंडियाः खरीदें लक्ष्य 320-325 रुपयेअपोलो टायर्सः खरीदें लक्ष्य 98 रुपये स्टॉपलॉस 88 रुपयेहेक्सावेयर टेक्नोलॉजीजः खरीदें लक्ष्य 96 रुपये स्टॉपलॉस 87 रुपयेआदित्य बिड़ला नूवोः खरीदें लक्ष्य 1090 रुपये स्टॉपलॉस 1030 रुपयेक्रॉम्पटन ग्रीव्जः खरीदें लक्ष्य 108 रुपये स्टॉपलॉस 93 रुपयेजेपी इंफ्राटेकः खरीदें लक्ष्य 48 रुपये स्टॉपलॉस 43 रुपयेयूनिटेकः खरीदें लक्ष्य 30 रुपये स्टॉपलॉस 26.70 रुपयेधनलक्ष्मी बैंकः खरीदें लक्ष्य 57 रुपये स्टॉपलॉस 51 रुपयेमन्नापुरम जनरल फाइनेंसः खरीदें लक्ष्य 37 रुपये स्टॉपलॉस 34 रुपयेऑर्किड कैमिकल्सः खरीदें लक्ष्य 74 रुपये स्टॉपलॉस 66 रुपयेजिंदल पॉलीः खरीदें लक्ष्य 185 रुपये स्टॉपलॉस 169 रुपयेएवरॉन एजूकेशनः खरीदें लक्ष्य 75 रुपये स्टॉपलॉस 68 रुपयेशिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडियाः खरीदें लक्ष्य 54 रुपये स्टॉपलॉस 46.50 रुपयेएचयूएलः खरीदें लक्ष्य 480 रुपयेदीपक नाइट्राइटः 12 महीने के लिए खरीदें लक्ष्य 320 रुपयेएचओईसीः 6 महीने के लिए खरीदें लक्ष्य 85 रुपयेFor more Information Plz log on to www.rpshares.com
भारतीय शेयर बाजार में अब उतार-चढ़ाव का खेल नहीं चलेगा। पिछले महीने शेयर बाजार में मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट के पीछे सेबी को सटोरियों का हाथ होने के सबूत मिले हैं।सेबी के चेयरमैन यू के सिन्हा ने कहा है कि रेगुलेटर ने सभी ऐसे सौदों का भगुतान रोक दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि बाजार में भाव चढ़ाने या उतारने के खेल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। 25 फरवरी को कई शेयर 20-30 फीसदी तक गिरे थे। उसके बाद सेबी इस मामले की जांच कर रही है।के आर चोकसी सिक्योरिटीज के मैनेजिंग डायरेक्टर देवेन चोकसी के मुताबिक सेबी का भुगतान नहीं करने का फैसला वाजिब है, हालांकि उनका मानना है कि एनबीएफसी के जरिए बेचे गए शेयरों का भुगतान करना जरूरी है।For more Information Plz log on to www.rpshares.com
10 लाख रुपये से कम कीमत वाले स्पोर्ट्स युटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) को बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी से छुटकारा मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक बजट पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री इसका ऐलान कर सकते हैं।सरकार खासतौर से छोटे शहरों और गांव में चलने वाली एसयूवी को सस्ता बनाए रखना चाहती है। ऐसे में बजट रिप्लाई के दौरान वित्त मंत्री 10 लाख रुपये तक की एसयूवी को बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी से बाहर रखने का ऐलान कर सकते हैं।बजट में सरकार ने एसयूवी पर एक्साइज ड्यूटी 27 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी कर दिया था। लेकिन इंडस्ट्री की तरफ से इसके विरोध को देखते हुए सरकार बढ़ी एक्साइज ड्यूटी वापस ले सकती है। इसका फायदा बोलेरो जैसी गाड़ियों को मिल सकता है। साथ ही एसयूवी के मापदंड में भी फेरबदल करने पर विचार किया जा रहा है। इतना ही नहीं, बजट के बाकी प्रावधानों से अगर आप निराश हैं तो उम्मीदें अभी भी बाकी हैं क्योंकि वित्त मंत्री कई और ऐलान कर सकते हैं।बजट पर इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया और सुझावों को वित्त मंत्री ने टैक्स डिपार्टमेंट के पास भेज दिया है। ताकि इसकी समीक्षा की जा सके। सूत्रों की मानें तो इनमें से कुछ सुझावों को वित्त मंत्री बजट पर अपने जवाब के दौरान बजट में शामिल करने का ऐलान कर सकते हैं।विदहोल्डिंग टैक्स कम करने के इंडस्ट्री के सुझाव पर वित्त मंत्रालय गंभीरता से विचार कर रहा है। कॉरपोरेट बॉन्ड में एफआईआई के निवेश पर लगने वाले 20 फीसदी विदहोल्डिंग टैक्स को कम किया जा सकता है। कैपिटल गेंस, डिविडेंड या रॉयल्टी पर होने वाली आमदनी पर ये विदहोल्डिंग टैक्स लगता है। इसके अलावा ट्रांसफर प्राइसिंग के मुद्दे पर भी बजट रिप्लाई में सफाई आ सकती है।एक्साइज ड्यूटी चुकाने के एवज में कई सेक्टर को सेनवेट क्रेडिट मिलता है। बजट में इस बारे में किए गए फेरबदल पर वित्त मंत्री सफाई दे सकते हैं। ऐसे ही कई छोटे मोटे बदलाव बजट पर रिल्पाई के दौरान या फिर फाइनेंस बिल पर चर्चा के दौरान किए जा सकते हैं। यानि उम्मीदें अभी भी बाकी हैं।For more Information Plz log on to www.rpshares.com
देश की जानी मानी इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) पर विश्व बैंक ने 6 महीने की पाबंदी लगा दी है। इस दौरान कंपनी को ना तो विश्व बैंक से कोई कर्ज मिलेगा ना ही इसके फंड वाले किसी प्रोजेक्ट में काम कर सकेगी।एलएंडटी के एक सीनियर अधिकारी के धोखाधड़ी के मामले में शामिल होने की बात सामने आने के बाद विश्व बैंक ने ये कार्रवाई की है। मामला साल 2005 का है। तमिलनाडु में मेडिकल उपकरणों का ठेका हासिल करने के लिए बोली लगाने में इस अधिकारी ने गड़बड़ी की थी। वर्ल्ड बैंक की एलएंडटी पर पाबंदी 7 मार्च 2013 से 7 सितंबर 2013 तक लागू होगी।इस मामले में एलएंडटी ने कहा है कि आगे से ऐसी घटना रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। और विश्व बैंक की पाबंदी से कंपनी के कामकाज पर कोई खास असर पड़ने के आसार नहीं हैं।For more Information Plz log on to www.rpshares.com
पैंटालून ने फ्यूचर जनराली की 22.5 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी है। ये सौदा 300 करोड़ रुपये में हुआ है। कंपनी ने ये हिस्सेदारी इंडस्ट्रियल इंवेस्टमेंट ट्रस्ट लिमिटेड (आईआईटीएल) को बेची है।इस सौदे से फ्यूचर जनराली का वैल्यूएशन करीब 1,330 करोड़ रुपये का बनता है। इस सौदे से पहले फ्यूचर ग्रुप की फ्यूचर जनराली में 74 फीसदी हिस्सेदारी थी। इटली की जनराली कंपनी की फ्यूचर जनराली में 26 फीसदी हिस्सेदारी है।For more Information Plz log on to www.rpshares.com