गोल्ड डिपॉजिट स्कीम में म्यूचुअल फंड कंपनियों के निवेश का रास्ता साफ हो गया है। आरबीआई के बाद सेबी ने भी गोल्ड ईटीएफ को बैंकों के गोल्ड डिपॉजिट स्कीम में निवेश की मंजूरी दे दी है।
वित्त मंत्रालय के निर्देश पर सेबी और आरबीआई ने गोल्ड ईटीएफ को मंजूरी दी है। नियमों के तहत म्यूचुअल फंड किसी स्कीम के कुल एयूएम का 20 फीसदी निवेश कर पाएंगे। गोल्ड सर्टिफिकेट सिर्फ डीमैट फॉर्म में ही जारी होंगे।
आरबीआई के पैनल के मुताबिक लोगों के पास करीब 20000 टन सोना पड़ा, जिसका कोई उपयोग नहीं है। पिछले महीने ही सरकार ने गोल्ड डिपॉजिट स्कीम को गोल्ड ईटीएफ से जोड़ने का ऐलान किया था।
सरकार ने फैसला सोने बढ़ते आयात को देखते हुए किया है। दिसंबर तक करीब 38 अरब डॉलर का सोना के आयात किया गया। सोने के बढ़ते आयात की वजह से देश का करंट अकाउंट घाटा भी बढ़ रहा है।
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आरबीआई के पैनल के मुताबिक लोगों के पास करीब 20000 टन सोना पड़ा, जिसका कोई उपयोग नहीं है। पिछले महीने ही सरकार ने गोल्ड डिपॉजिट स्कीम को गोल्ड ईटीएफ से जोड़ने का ऐलान किया था।
सरकार ने फैसला सोने बढ़ते आयात को देखते हुए किया है। दिसंबर तक करीब 38 अरब डॉलर का सोना के आयात किया गया। सोने के बढ़ते आयात की वजह से देश का करंट अकाउंट घाटा भी बढ़ रहा है।
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