Monday, February 25, 2013

मेंथा तेल फरवरी वायदा में सौदे बनाने पर रोक:

मेंथा तेल के फरवरी वायदा में नए सौदे बनाने पर रोक लग गई है। मेंथा तेल में खरीद पर 20 फीसदी का स्पेशल कैश मार्जिन भी लगा है।

सीएनबीसी आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंडियों में मेंथा तेल की आवक बेहद कम हो गई है। इस वजह से एक्सपोर्टर्स की ओर से एक्सचेंज पर मेंथा तेल में खरीद बढ़ गई थी। इस वजह से फरवरी वायदा का भाव मार्च के मुकाबले करीब 200 रुपये ऊपर चल रहा है।

माना ये जा रहा है कि ऐसे हालात में 28 तारीख को फरवरी वायदा की एक्सपायरी के बाद डिलिवरी की दिक्कत आ सकती है। इसी को देखते हुए एफएमसी को ये कदम उठाना पड़ा है।

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हीरो मोटो के गुड़गांव प्लांट में भूख हड़ताल:

सूत्रों से एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है कि हीरो मोटोकॉर्प के गुड़गांव प्लांट में कर्मचारी 28 फरवरी से भूख हड़ताल पर जा सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक गुड़गांव यूनियन के 5 कर्मचारी ने भूख हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। हालांकि, हड़ताल का प्लांट के उत्पादन पर असर नहीं पड़ेगा। दारुहेरा यूनियन ने गुड़गांव यूनियन के हड़ताल का समर्थन किया है।

हीरो मोटोकॉर्प के गुड़गांव प्लांट के कर्मचारी वेतन में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। अब तक कंपनी और यूनियन के बीच हुई बैठक में मामले का हल नहीं निकल पाया है।

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सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली सहारा को राहत:

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने सहारा की निवेशकों के पैसे लौटाने के लिए और वक्त दिए जाने की अर्जी को खारिज कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा के खिलाफ सेबी को उचित कदम उठाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सहारा को फरवरी के पहले हफ्ते में पैसे न चुकाने के लिए झाड़ा है।

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप कंपनियों निवेशकों को 24000 करोड़ रुपये लौटाने को कहा है। सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्प और सहारा इंडिया हाउसिंग ने रकम ओएफसीडी के जरिए रकम जुटाई थी।

सेबी ने सहारा ग्रुप की 2 कंपनियों के करीब 100 खाते फ्रीज कर दिए है। इनमें सहारा के प्रोमोटरों के साथ 3 डायरेक्टर के बैंक खाते भी शामिल हैं।

इतना ही नहीं सेबी ने सहारा ग्रुप की 2 कंपनियों की संपत्ति भी जब्त की है। साथ ही, सहारा से पूरी रकम भी सेबी के पास जमा करने को कहा गया है।

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मिडकैप शेयरों की पिटाई, अब क्या करें:

आज कारोबार में मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट आई है। कोर एजुकेशन के शेयर 60 फीसदी से ज्यादा टूटे। कोर एजुकेशन के शेयर 60 फीसदी से ज्यादा टूटे। वेल्स्पन कॉर्प 30 फीसदी, एबीजी शिपयार्ड 20 फीसदी, अंजनेया लाइफ 20 फीसदी और ऑर्बिट कॉर्प 17 फीसदी लुढ़के हैं। हालांकि, बिकवाली क्यों आई इसकी वजह साफ नहीं है। इन शेयरों में क्या करना चाहिए इस पर रिस्क कैपिटल एडवाइजर्स के डी डी शर्मा ने अपनी राय दी है।

ऑर्बिट कॉर्पः

इस शेयर में प्रोमोटर के शेयर गिरवी रखे होने की वजह से तेज गिरावट आई है। मार्जिन की कमी के चलते इस शेयर में गिरावट देखी जा रही है। ये शेयर भारी दबाव के चलते नीचे गिर रहा है। कंपनी के फंडामेंटल अच्छे थे लेकिन इसमें अभी बिकवाली कर लेना ही ठीक रहेगा। इसमें बिकवाली करके एस्कॉर्ट्स के शेयर में निवेश कर लेना चाहिए।

कोर एजूकेशनः

इस कंपनी में भी प्रोमोटरों की हिस्सेदारी गिरवी रखी है और निवेशकों को फंडामेंटल कमजोर होने का डर सता रहा है। फिलहाल खबरों के चलते शेयर में गिरावट रहेगी इसलिए इस शेयर से भी निवेशकों को निवेश निकाल लेना चाहिए। कंपनी में पिछले 5 साल में हर साल 1 बार 30-40 फीसदी की गिरावट आना इस बात का संकेत है कि शेयर में मनमाने तरीके से कीमतों को ऊपर नीचे किया जाता है। इस तरह के शेयरों से बचकर चलना चाहिए।

जहां बाजार में मिडकैप शेयरों में पिटाई देखी जा रही है वहीं कुछ ऐसे शेयर भी हैं जिनमें निवेश के जरिए अच्छी कमाई की जी सकती है। डी डी शर्मा ने अपार इंडस्ट्रीज, जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस में निवेश करने की सलाह दी है। इसके अलावा डी डी शर्मा के मुताबिक युनाइटेड फॉस्फोरस, जेएम फाइनेंशियल, बालकृष्ण इंडस्ट्रीज में खरीदारी की जा सकती है।

डी डी शर्मा का मानना है कि जिन शेयरों में खरीदारी की सलाह दी है उन शेयरों के फंडामेंटल मजबूत हैं और इनके वैल्यूएशन काफी अच्छे हो चुके हैं। इन शेयरों में 3-4 महीनों में 20 फीसदी तक का रिटर्न मिल सकता है। अगर ज्यादा समय के लिए रखा जाए तो ये शेयर और भी अच्छा रिटर्न दे सकते हैं।

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मिडकैप में हड़कंप, कोर एजुकेशन 63.5% टूटा:

कारोबार के दौरान मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट आई है। कोर एजुकेशन के शेयर 60 फीसदी से ज्यादा टूटे। वेल्स्पन कॉर्प 17.5 फीसदी, एबीजी शिपयार्ड 20 फीसदी, अंजनेया लाइफ 20 फीसदी और ऑर्बिट कॉर्प 11.7 फीसदी लुढ़के। हालांकि, बिकवाली क्यों आई इसकी वजह साफ नहीं है।

लेकिन, इन सभी शेयरों में बात जो एक जैसी है, वो है इन कंपनियों के प्रमोटरों ने अपना बड़ा हिस्सा गिरवी रखा हुआ है। कोर एजुकेशन में प्रोमोटरों की 46.45 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसमें से 47.39 फीसदी हिस्सा गिरवी है। वेल्स्पन कॉर्प में प्रोमोटरों की 36.04 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसमें से 40.48 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी रखी गई है। एबीजी शिपयार्ड में प्रोमोटरों की 62.03 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसमें से 64.17 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी रखी गई है।

वहीं ऑर्बिट कॉर्प में प्रोमोटरों की हिस्सेदारी 48.33 फीसदी है, जिसमें से 78.66 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी है। अंजानेया लाइफ में प्रोमोटरों की 46.79 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसमें से 94.40 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी रखी गई है।

साथ ही सबसे ज्यादा गिरावट उन चुनिंदा मिडकैप शेयरों में देखने को मिली है जिनमें रेलिगेयर फिनवेस्ट और मेंटॉर कैपिटल की बड़ी हिस्सेदारी है। खबर है कि रेलिगेयर फिनवेस्ट ने गिरवी रखे शेयरों की बड़ी मात्रा में बिकवाली की है।

रेलिगेयर फिनवेस्ट की अंजानेया लाइफकेयर में 13 फीसदी, एबीजी शिपयार्ड में 10 फीसदी और कोर एजूकेशन में 2.18 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं मेंटॉर कैपिटल की एबीजी शिपयार्ड में 2.05 फीसदी, कोर एजुकेशन में 1.2 फीसदी और वेल्स्पन कॉर्प में 2.86 फीसदी हिस्सेदारी है।

ये भी माना जा रहा है कि कंपनियों के शेयर गिरवी रखकर कर्ज देने वालों ने शेयरों में बिकवाली की जिससे मिडकैप शेयरों में गिरावट हावी हुई है। साथ ही कुछ ब्रोकरों ने मार्जिन फंडिंग की सीमा घटाए जाने से भी शेयरों की पिटाई होने की बात कही जा रही है। वहीं कुछ मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट का असर दूसरी कंपनियों पर पड़ने से मिडकैप शेयर टूट गए।

इरोस इंटरनेशनल के शेयर भी 19 फीसदी टूटा है। इरोस इंटरनेशनल के सीएफओ कमल जैन का कहना है कि शेयर में किसने बिकवाली की है, इसकी जानकारी कंपनी को नहीं है।

कमल जैन के मुताबिक प्रमोटर की कंपनी में 75 फीसदी हिस्सेदारी, जिसमें से हिस्सा गिरवी नहीं रखा गया है।

ऑर्बिट कॉर्प के हेड (फाइनेंस), रामाश्रय यादव का कहना है कि कंपनी के शेयर एडेलवाइज और आईएफसीआई गिरवी रखे हुए हैं, लेकिन इन दोनों की तरफ से बिकवाली नहीं की गई है।

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कमोडिटी बाजारः दबाव में सोना, चांदी मजबूत:

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने में भले तेजी आई है। लेकिन घरेलू बाजार में सोने पर भारी दबाव बना हुआ है। एमसीएक्स पर सोना सुबह के स्तर के आसपास ही कारोबार कर रहा है। दरअसल डॉलर के मुकाबले आज रुपये में मजबूती आई है और इसी का असर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर पड़ा है।

कॉमैक्स पर सोने में 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त आई है और इसका भाव 1,590 डॉलर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी 2 फीसदी चढ़कर 29 डॉलर के पार पहुंच गई है। हालांकि एमसीएक्स पर सोना सपाट होकर 29,620 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय बाजार की तेजी को भुनाते हुए एमसीएक्स पर चांदी करीब 0.5 फीसदी तक मजबूत हुई है। चांदी का भाव 53,900 रुपये के पार पहुंच गया है।

एमसीएक्स पर कच्चे तेल में खरीदारी लौट आई है। कच्चा तेल करीब 0.1 फीसदी चढ़कर 5,080 रुपये पर पहुंच गया है। नेचुरल गैस में 2 फीसदी से ज्यादा की उछाल आई है और इसका भाव 186 रुपये के करीब पहुंच गया है। हालांकि बेस मेटल्स में जोरदार गिरावट दिख रही है। एमसीएक्स पर बेस मेटल्स में 0.5-1.5 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी आई है। कॉपर करीब 0.5 फीसदी लुढ़ककर 422.30 रुपये पर आ गया है। एल्यूमिनियम में 1.6 फीसदी, निकेल में 1.4 फीसदी, लेड में 1 फीसदी और जिंक में 1 फीसदी की कमजोरी आई है।

चने में आज गिरावट आई है। वायदा हो या हाजिर बाजार, चना करीब 1-2 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। एनसीडीईएक्स पर चना करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ 3,400 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं दिल्ली और राजस्थान की मंडियों में चने का भाव करीब 50 रुपये तक टूट गया है।

आज जीरे में जोरदार गिरावट आई है। मंडियों में नई फसल की आवक बढ़ने से जीरे की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। इस साल करीब 40 लाख बोरी पैदावार का अनुमान है। एनसीडीईएक्स पर जीरा 1.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 13,000 रुपये के नीचे आ गया है।

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सुस्ती पर बंद बाजार, चुनिंदा मिडकैप लुढ़के:

मजबूत अंतर्राष्ट्रीय संकेत और रुपये के 54 के ऊपर पहुंचने के बावजूद बाजार में सुस्ती रही। चुनिंदा मिडकैप शेयरों में आई भारी गिरावट ने बाजार का मूड बिगाड़ा।

सेंसेक्स 15 अंक चढ़कर 19332 और निफ्टी 4 अंक चढ़कर 5855 पर बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 1.25 फीसदी टूटा। बीएसई स्मॉलकैप में करीब 1.5 फीसदी की गिरावट आई।

आईटी शेयर 2 फीसदी और तकनीकी शेयर 1.25 फीसदी चढ़े। ऑटो शेयरों में 0.75 फीसदी की मजबूती आई। पावर और हेल्थकेयर शेयरों में सुस्ती रही।

रियल्टी शेयर 2.5 फीसदी टूटे। कैपिटल गुड्स, मेटल, ऑयल एंड गैस और सरकारी कंपनियों के शेयरों में 1.5-1 फीसदी की गिरावट आई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी और बैंक शेयर 0.25 फीसदी कमजोर हुए।

बाजार की चाल

अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से मजबूती के संकेत मिलने से घरेलू बाजार तेजी के साथ खुले। हालांकि, शुरुआती कारोबार में बाजार में बिकवाली बढ़ी और सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में फिसले।

कारोबार के पहले घंटे में भारी उतार-चढ़ाव दिखाने के बाद बाजार संभले। सेंसेक्स-निफ्टी में 0.25 फीसदी की मजबूती दिखी। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में 0.5-0.25 फीसदी की तेजी रही।

दोपहर को बाजार में अचानक बिकवाली का दबाव बढ़ गया और बाजार से लाल निशान में फिसले। सेंसेक्स करीब 80 अंक और निफ्टी 25 अंक गिरे।

बाजार का मूड खराब होने की पीछे की वजह थी मिडकैप शेयरों में आई भारी गिरावट। कोर एजुकेशन 60 फीसदी, वेल्स्पन कॉर्प 30 फीसदी, एबीजी शिपयार्ड 30 फीसदी लुढ़के।

दोपहर 1 बजे के बाद बाजार संभलते नजर आए। यूरोपीय बाजारों में तेजी की वजह से बाजार में जोश लौटा। सेंसेक्स 90 अंक से ज्यादा चढ़ा और निफ्टी 5875 के ऊपर पहुंचा। वहीं, मिडकैप में गिरावट कम होकर 1 फीसदी हुई।

लेकिन, बाजार में ज्यादा देर तक मजबूती बनी नहीं रही और बाजार ऊपरी स्तरों से फिसले। कारोबार खत्म होते-होते बाजार में सुस्ती छाई।

For more Information Plz log on to www.rpshares.comमजबूत अंतर्राष्ट्रीय संकेत और रुपये के 54 के ऊपर पहुंचने के बावजूद बाजार में सुस्ती रही। चुनिंदा मिडकैप शेयरों में आई भारी गिरावट ने बाजार का मूड बिगाड़ा।

सेंसेक्स 15 अंक चढ़कर 19332 और निफ्टी 4 अंक चढ़कर 5855 पर बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 1.25 फीसदी टूटा। बीएसई स्मॉलकैप में करीब 1.5 फीसदी की गिरावट आई।

आईटी शेयर 2 फीसदी और तकनीकी शेयर 1.25 फीसदी चढ़े। ऑटो शेयरों में 0.75 फीसदी की मजबूती आई। पावर और हेल्थकेयर शेयरों में सुस्ती रही।

रियल्टी शेयर 2.5 फीसदी टूटे। कैपिटल गुड्स, मेटल, ऑयल एंड गैस और सरकारी कंपनियों के शेयरों में 1.5-1 फीसदी की गिरावट आई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी और बैंक शेयर 0.25 फीसदी कमजोर हुए।

बाजार की चाल

अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से मजबूती के संकेत मिलने से घरेलू बाजार तेजी के साथ खुले। हालांकि, शुरुआती कारोबार में बाजार में बिकवाली बढ़ी और सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में फिसले।

कारोबार के पहले घंटे में भारी उतार-चढ़ाव दिखाने के बाद बाजार संभले। सेंसेक्स-निफ्टी में 0.25 फीसदी की मजबूती दिखी। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में 0.5-0.25 फीसदी की तेजी रही।

दोपहर को बाजार में अचानक बिकवाली का दबाव बढ़ गया और बाजार से लाल निशान में फिसले। सेंसेक्स करीब 80 अंक और निफ्टी 25 अंक गिरे।

बाजार का मूड खराब होने की पीछे की वजह थी मिडकैप शेयरों में आई भारी गिरावट। कोर एजुकेशन 60 फीसदी, वेल्स्पन कॉर्प 30 फीसदी, एबीजी शिपयार्ड 30 फीसदी लुढ़के।

दोपहर 1 बजे के बाद बाजार संभलते नजर आए। यूरोपीय बाजारों में तेजी की वजह से बाजार में जोश लौटा। सेंसेक्स 90 अंक से ज्यादा चढ़ा और निफ्टी 5875 के ऊपर पहुंचा। वहीं, मिडकैप में गिरावट कम होकर 1 फीसदी हुई।

लेकिन, बाजार में ज्यादा देर तक मजबूती बनी नहीं रही और बाजार ऊपरी स्तरों से फिसले। कारोबार खत्म होते-होते बाजार में सुस्ती छाई।

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रेल बजट: किन रेल शेयरों में लगाएं दांव:

इंतजार की घड़िया खत्म होने को हैं और 26 फरवरी को रेल बजट पेश होने वाला है। रेल बजट के बाद किन शेयरों में निवेश करने से होगा मुनाफा और कौन से शेयर कराएंगे कमाई इस पर जानकारों ने अपनी राय दी है।

ईस्टर्न फाइनेंशियर्स के राजेश अग्रवाल के चुनिंदा रेल शेयर

टीटागढ़ वैगन्सः

राजेश अग्रवाल के मुताबिक टीटागढ़ वैगन्स के शेयरों के लिए नकारात्मक खबरों का समय खत्म हो चुका है। हालांकि कल तक शेयर 350 रुपये तक नहीं जा पाएगा। टीटागढ़ वैगन्स वैगन्स मैन्यूफैक्चरिंग में अग्रणी कंपनी है। रेलवे किराये बढ़ने के चलते रेलवे के पास फंड बढ़ेंगे और इससे नए वैगन्स के लिए ऑर्डर दिए जाएंगे जिनका फायदा कंपनी को मिल सकता है। शेयर में लंबी अवधि के लिए निवेश बनाए रखना चाहिए। 1 साल में टीटागढ़ वैगन्स का शेयर 350 रुपये तक जा सकता है।

कालिंदी रेलः

कंपनी रेलवे स्पिनिंग और ईपीयू सेगमेंट में काम करती है। रेल बजट के बाद कंपनी को नए ऑर्डर मिल सकते हैं। इसके चलते शेयर में तेजी आ सकती है। 6 महीने में कालिंदी रेल का शेयर 90-95 रुपये तक जा सकता है। अगर निवेशक इतने समय के लिए नहीं रुकना चाहते हैं तो शेयर में कुछ उछाल आने पर निवेश निकाल सकते हैं।

बीईएमएलः

कंपनी कोच बनाने के क्षेत्र में काम करती है। इस कंपनी के 50 फीसदी ऑर्डर रेलवे से और 50 फीसदी ऑर्डर माइनिंग सेक्टर से आते हैं। माइनिंग सेक्टर में दिक्कतों का कंपनी के कारोबार पर असर देखा जा रहा है। हालांकि अब रेलवे से नए ऑर्डर मिलने की उम्मीद बन रही है और माइनिंग सेक्टर से भी नए ऑर्डर मिल सकते है। हाल ही में कंपनी को 600 कोच बनाने का ऑर्डर मिला है। कल के रेट बजट में नए कोचों के मोर्चों पर कुछ सुधार देखने को मिल सकते हैं। 6 महीने में बीईएमएल का शेयर 20 फीसदी का उछाल दिखा सकता है।

कंटेनर कॉर्पोरेशन (कॉनकॉर):

इस शेयर में रेल बजट से पहले कुछ मुनाफावसूली कर लेनी चाहिए। जिन निवेशकों को शेयर में मुनाफा मिल रहा है उन्हें कल के रेल बजट से पहले इसमें मुनाफावसूली कर लेनी चाहिए क्योंकि कल के बजट के बाद इसमें कुछ गिरावट देखी जा सकती है। हालांकि ये कंपनी अपने सेगमेंट की सबसे बेहतरीन कंपनी है लेकिन अगर इसमें कुछ गिरावट आती है तो निवेशकों को दोबारा शेयर में पोजीशन बनानी चाहिए।

स्टोन इंडियाः

इस कंपनी के पिछले 3-4 तिमाही के नतीजे काफी खराब रहे हैं। कंपनी रेलवे के ब्रेक बनाती है। इसमें और तेजी आने की उम्मीद नहीं है। बजट से पहले इसमें नई खरीदारी करने की राय नहीं है।

आर के ग्लोबल के राकेश बंसल के चुनिंदा रेल शेयर

टैक्समैको रेलः

राकेश बंसल के मुताबिक शेयर में गिरावट का रुख नजर आ रहा है। अगर 59 रुपये का स्टॉपलॉस टूट जाता है तो शेयर नीचे की तरफ 51 रुपये तक जा सकता है। फिलहाल इस शेयर में 59 रुपये का स्टॉपलॉस लगाना चाहिए। अगर नई खरीदारी करनी है तो 51 रुपये से नीचे मिलने पर शेयर में नई पोजीशन ले सकते हैं।

बीएचईएलः

शेयर 200 से 216 रुपये के बीच घूम रहा है। अगर शेयर 216-218 रुपये तक जाता है तो शेयर में से निवेश निकाल लेना चाहिए। आने वाले दिनों में शेयर 200 रुपये से भी नीचे जा सकता है। अगर रेल बजट के बाद कंपनी के लिए सकारात्मक स्थिति बनती है तो उस समय शेयर में नई खरीदारी की जा सकती है।

एसीसीः

अगर रेल बजट में माल भाड़ा बढ़ता है तो सीमेंट कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में एसीसी जैसी दिग्गज सीमेंट कंपनी पर दबाव बढ़ सकता है। एसीसी में 1300 रुपये के स्तर पर नजर रखें। अगर शेयर 1300 रुपये से ऊपर टिक नहीं पाता है तो शेयर में और गिरावट आ सकती है। फिलहाल शेयर में नई खरीदारी करने से बचना चाहिए। रेल बजट के बाद शेयर में नई खरीदारी करने के बारे में सोच सकते हैं।

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Wheat Drops to 8-Month Low as Plains Snow to Ease Drought:

Wheat dropped to an eight-month low in Chicago on speculation a snowstorm in the U.S. Great Plains will help ease drought conditions before crops emerge from winter dormancy.
Parts of Kansas, Oklahoma and Texas were under a blizzard warning today, with some areas expected to get more than a foot (30 centimeters) of snow, according to the National Weather Service. While much of the central to northern Great Plains was under moderate to exceptional drought as of Feb. 19, according to the U.S. Drought Monitor, central Oklahoma northward already has snow cover from recent storms, Weather Service data show.
“A snowstorm in the U.S. Midwest has significantly increased the snow cover in the winter-wheat growing areas, which should considerably improve moisture levels in the soil when the snow melts,” Carsten Fritsch, an analyst at Commerzbank AG in Frankfurt, wrote in an e-mailed report. “Winter wheat plants are in very poor condition due to the prolonged period of drought.”
Wheat for delivery in May fell 0.7 percent to $7.135 a bushel by 7:37 a.m. on the Chicago Board of Trade. The grain reached $7.1275, the lowest price for a most-active contract since June 25. In Paris, milling wheat for delivery in May declined 0.9 percent to 235.25 euros ($312.76) a metric ton on NYSE Liffe.
U.S. wheat production may drop 7.4 percent this year to 2.1 billion bushels as yields fall to 45.2 bushels an acre from 46.3 bushels, the U.S. Department of Agriculture projected on Feb. 22. Kansas and Oklahoma were last year’s biggest U.S. growers of winter wheat, usually planted in the Plains beginning in September. The crops will emerge from dormancy in the coming month before harvesting starts in June.
Soybeans for delivery in May slipped less than 0.1 percent in Chicago to $14.43 a bushel. Corn for delivery in May declined 0.4 percent to $6.815 a bushel.

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European Stocks Rise as Italy Polls Show Bersani Victory:

European stocks gained for a second day as polls showed Pier Luigi Bersani is on track beat Silvio Berlusconi in Italy’s election and speculation grew that Japan will appoint a central bank chief who favors stimulus.
Deutsche Boerse AG jumped the most in five months as CME Group Inc. was said to have approached the exchange over merger talks. BP Plc advanced 2.2 percent after a report the U.S. may settle oil-spill claims. PostNL (PNL) NV rose the most in a month as earnings beat estimates. Reckitt Benckiser Group Plc slid 3.1 percent after a U.S. regulator gave rivals approval to produce generic versions of its Suboxone heroin-dependency treatment.

The Stoxx Europe 600 Index (SXXP) increased 0.4 percent to 289.63 at 2:53 p.m. in London after earlier climbing as much as 0.7 percent to the highest intraday level in two years. The equity benchmark is on course for a ninth month of gains, the longest winning streak since 1997, as U.S. lawmakers agreed on a compromise budget and European Central Bank President Mario Draghi pledged to defend the euro.
“The market is temporarily relieved by Berlusconi’s defeat,” said Pierre Mouton, who helps oversee $6 billion as portfolio manager at Notz, Stucki & Cie. in Geneva. “He was maybe the biggest threat for euro cohesion. Having a pro- stimulus Bank of Japan governor can be good on a short-term basis because we all know Japan needs negative real interest rates.”

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Technical Trading: UK Downgrade, New BOJ Governor Support Gold Bounce:

Comex April gold futures firmed in overnight trading and are set to climb higher in early New York action. Gold is underpinned by news that Moody's Investors Service cut the rating on U.K. government bonds, along with reports about a new Bank of Japan governor appointment, who is expected to support the easy monetary policy outlook there.

Asian stock markets pushed higher, encouraged by news that Japanese Prime Minister Shinzo Abe intends to appoint Haruhiko Kuroda to head up the Bank of Japan. Kuroda is seen as a supporter to the easier monetary policy outlook that Abe has espoused. Japan is seeking to stimulate its economy and stave off deflation through aggressive monetary policy approaches.

On the charts, April gold futures are due for a corrective bounce. The gold market has nosedived in the past two weeks and the contract had reached technically oversold conditions. Since February 11, April gold has collapsed from $1,670 per ounce to last week's low at $1,554.30. That latter level is now a minor bottom on the chart and important nearby support.

In recent months, gold futures have been declining within a bear channel. Last week's action, however, was an extreme move to the downside, which broke channel support. The gold market is now likely to attempt to stabilize back within the lower area of that channel.

Daily momentum indicators, such as the 9-day relative strength index (RSI), had touched extremely oversold levels, with a low at the 15% level last week. Momentum has rebounded higher on Monday and will support a snap-back corrective rebound attempt.

Where could gold bounce on a corrective recovery trade? A small Fibonacci retracement drawn off the sell-off the Feb. 11 high to the Feb. 21 low shows initial upside targets at $1,588.60 (38.2%) and then $1,612.30 (50%).

The near and medium term trends remain bearish. But, the market is attempting to carve out a minor bottom at last week's low and stage a corrective rally bounce.

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BMO Conference: No Company Position on Copper ETFs- Freeport-McMoRan CEO:

Copper exchange-traded funds “are controversial for some of our downstream” clients, says Richard Adkerson, Freeport-McMoRan president and chief executive officer, but he adds that officially the world’s largest publically traded copper company has no stated view on copper ETFs. Adkerson says his downstream clients concerns are that a copper ETF has the potential to take metal off the market during tight supply situations. “As a company we have no position on them. We see (ETFs) … as part of the financial landscape,” he says. Recently JP Morgan received approval recently to list a copper ETF, but that has been delayed by industry objections. Money-manager BlackRock just received approval from U.S. securities regulators to list a copper-backed ETF. Adkerson spoke Monday at the BMO Global Metals & Mining Conference in Florida.

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Kingfisher loses international flying rights:

India's Ministry of Civil Aviation has decided to withdraw international flying rights and domestic slots from Kingfisher Airlines, in a fresh blow to the debt-laden firm.

The carrier has been grounded since October after repeated strikes by workers over unpaid wages.

It has $1.4bn (£870m) in debts and, earlier this month, its creditors said they would start recalling their loans.

Kingfisher's licence to fly expired at the end of 2012.

The company has two years from the point of expiry to apply for a renewal.

Kingfisher, controlled by liquor baron Vijay Mallya, was once India's second biggest airline but has reported annual losses for five years in a row.

Final blow?
The Ministry of Civil Aviation said it was withdrawing with immediate effect Kingfisher's international bilateral traffic rights "on account of non-utilisation", affecting routes to Bangladesh, Hong Kong, Nepal, Singapore, Sri Lanka, Thailand, UAE Dubai and the UK.

These international traffic rights will be made available to other carriers, making an extra 25,000 seats available per week, "some of which are much in demand by these carriers", the Ministry said in a statement.

It has also withdrawn the domestic slots at Indian airports allocated to Kingfisher and will make these available to other domestic carriers.

The BBC's Shilpa Kannan in Delhi said it was the withdrawal of the domestic slots that was the most significant move, because at congested airports such as Mumbai, there are already many carriers vying for this space.

She added that with a consortium of 17 banks and a number of government agencies already trying to recover their dues, this could be the last blow to the airline.

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Wall Street turns lower on Italian worries:

 U.S. stocks turned negative on Monday, dragged lower by financial and housing shares and a reversal of early market gains based on voting in Italy where there were fears of a hung parliament that could undermine stability in the euro zone.
The Dow Jones industrial average (^DJI) fell 5.26 points or 0.04 percent, to 13,995.31, the S&P 500 (^GSPC) lost 0.24 points or 0.02 percent, to 1,515.36 and the Nasdaq Composite (^IXIC) added 5.8 points or 0.18 percent, to 3,167.61.

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