Thursday, March 28, 2013

तीसरी तिमाही में करेंट अकाउंट घाटा बढ़कर 6.7% :

सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद देश का करेंट अकाउंट घाटा कम नहीं हो पाया है। मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में देश का करेंट अकाउंट घाटा रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। वित वर्ष 2013 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में देश का करेंट अकाउंट घाटा बढ़कर 6.7 फीसदी हो गया है। वहीं वित्त वर्ष 2013 की दूसरी तिमाही में करेंट अकाउंट घाटा 5.4 फीसदी रहा था। वित्त वर्ष 2012 की तीसरी तिमाही में करेंट अकाउंट घाटा 4.4 फीसदी रहा था।

साल दर साल आधार पर तीसरी तिमाही में करेंट अकाउंट घाटा 20.2 अरब डॉलर से बढ़कर 32.6 अरब डॉलर हो गया है। सालाना आधार पर अप्रैल-दिसंबर के दौरान करेंट अकाउंट घाटा 56.5 अरब डॉलर से बढ़कर 71.7 अरब डॉलर हो गया है।

वहीं तीसरी तिमाही में देश का व्यापार घाटा 48.6 अरब डॉलर से बढ़कर 59.6 अरब डॉलर हो गया है। सालाना आधार पर तीसरी तिमाही में देश के मैन्यूफैक्चर्ड उत्पादों का निर्यात 7.6 फीसदी से बढ़कर 8.1 फीसदी रहा। सालाना आधार पर तीसरी तिमाही में देश के मैन्यूफैक्चर्ड उत्पादों का आयात 22.3 फीसदी से घटकर 9.4 फीसदी रहा।

सालाना आधार पर तीसरी तिमाही में देश में एफडीआई निवेश 5 अरब डॉलर से घटकर 2.5 अरब डॉलर रहा। वहीं सालाना आधार पर तीसरी तिमाही में देश से 3.8 अरब डॉलर के मुकाबले 6.3 अरब डॉलर की विदेशी निवेश निकाली गई। सालाना आधार पर सेवा क्षेत्र का आयात -8.9 फीसदी से बढ़कर -10.6 फीसदी रहा। वहीं सेवा क्षेत्र का निर्यात 6.4 फीसदी से घटकर 2 फीसदी रहा।

सालाना आधार पर तीसरी तिमाही में फॉरेक्स डेट इनफ्लो -8.7 अरब डॉलर से बढ़कर 2.7 अरब डॉलर रहा। सालाना आधार पर नेट पोर्टफोलियो इंवेस्टमेंट 1.8 अरब डॉलर से बढ़कर 8.6 अरब डॉलर रहा। तीसरी तिमाही में देश का फॉरेक्स भंडार 80 डॉलर से बढ़ा है।

वित्त मंत्रालय का कहना है कि करेंट अकाउंट घाटे का आंकड़ा ज्यादा है, लेकिन धक्का लगने लायक नहीं है। उम्मीद है कि विदेशी निवेश से करेंट अकाउंट घाटे की भरपाई करने हो पाएगी।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक निर्यात में बढ़ोतरी जारी रहने से करेंट अकाउंट घाटे में कमी आएगी। वित्त वर्ष 2013 की तीसरी तिमाही के मुकाबले चौथी तिमाही में करेंट अकाउंट घाटे की स्थिति बेहतर होगी।

साल दर साल आधार पर दिसंबर 2012 में देश का विदेशी कर्ज 345.5 अरब डॉलर से बढ़कर 376.3 अरब डॉलर हो गया है। सालाना आधार पर दिसंबर में देश के कुल जीडीपी के मुकाबले विदेशी कर्ज 19.7 फीसदी से बढ़कर 20.6 फीसदी रहा। लंबी और छोटी अवधि के कर्जों से विदेशी कर्ज का बोझ बढ़ा है। एनआरआई डिपॉजिट और उधारी से लंबी अवधि का कर्ज बढ़ा है।

दिसंबर 2012 के अंत तक देश का लंबी अवधि का कर्ज 284.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। दिसंबर 2012 के अंत तक छोटी अवधि का कर्ज 91.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। कुल विदेशी कर्ज के मुकाबले छोटी अवधि के कर्ज का हिस्सा 24.4 फीसदी और लंबी अवधि के कर्ज का हिस्सा 75.6 फीसदी है।

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डेक्कन क्रॉनिकल के 7 डायरेक्टर होंगे गिरफ्तार :

रेलिगेयर चेक मामले में चंडीगढ़ कोर्ट ने डेक्कन क्रॉनिकल के 7 डायरेक्टरों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। इन डायरेक्टरों को कोर्ट के सामने 23 मार्च को पेश होना था।

सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस इन डायरेक्टरों की गिरफ्तारी के लिए डेक्कन क्रॉनिकल के हैदराबाद ऑफिस पहुंची है। डेक्कन क्रॉनिकल ने रेलिगेयर को 6 करोड़ रुपये का चेक जारी किया था, जो बाद में बाउंस हो गया।

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कमोडिटी बाजार: शनिवार को एग्री में क्या करें :

एग्री कमोडिटीज में कारोबार खत्म हो गया है। एनसीडीईएक्स पर सोयाबीन इन्ट्राडे में करीब 2 फीसदी टूटा था। हालांकि, सोयाबीन में रिकवरी दिखी और सोयाबीन 0.3 फीसदी की कमजोरी पर बंद हुआ। सरसों में मामूली बढ़त दिखी। सोयाऑयल लाल निशान में बंद हुआ।

चीनी में 0.7 फीसदी की गिरावट आई। गेहूं 1 फीसदी टूटा। मंडियों में आवक बढ़ने की वजह से चना 0.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट पर बंद हुआ। एमसीएक्स पर मेंथा ऑयल 3 फीसदी लुढ़का। वहीं, आलू में 3 फीसदी का उछाल नजर आया। सीपीओ में 0.5 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी आई।

मसालों में एमसीएक्स पर इलायची 1 फीसदी चढ़ी। एनसीडीईएक्स पर जीरा भी 1 फीसदी मजबूत हुआ। काली मिर्च में करीब 1.5 फीसदी की तेजी आई। हालांकि, लाल मिर्च करीब 2.5 फीसदी टूटी। हल्दी भी 1.5 फीसदी गिरी।

कैस्टर सीड एनसीडीईएक्स (मई वायदा): खरीदें - 3655, स्टॉपलॉस - 3580, लक्ष्य - 3730-3735

कॉकुड एनसीडीईएक्स (मई वायदा): खरीदें - 1542, स्टॉपलॉस - 3480, लक्ष्य - 1559-1560

शाम के सत्र के लिए नॉन-एग्री में रणनीति

सोने में गिरावट बढ़ गई है। घरेलू बाजार में सोने का भाव 0.25 फीसदी से ज्यादा गिर गया है। कॉमैक्स पर सोना 1600 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। चांदी में भी बिकवाली का दबाव है।

कच्चे तेल तेजी आई है। जर्मनी और इटली के अच्छे आंकड़ों से नायमैक्स पर कच्चा तेल 97 डॉलर की ओर बढ़ता दिख रहा है। इसी का असर घरेलू कारोबार पर पड़ा है। आईसीई पर ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के पास पहुंच गया है।

222 रुपये के ऊपर जाने के बाद नैचुरल गैस पर बिकवाली का दबाव आया है। एमसीएक्स पर फिलहाल नैचुरल गैस पर 1 फीसदी गिर चुकी है।

बेस मेटल्स पर दबाव जारी है। जिंक 0.5 फीसदी से ज्यादा गिरा है। निकेल, लेड, एल्यूमिनियम में भी कमजोरी है। हालांकि, कॉपर में सुस्ती है। एलएमई पर कॉपर में तेजी है।

किस पर रहेगी नजर: फरवरी में जर्मनी का रिटेल सेल्स करीब 0.5 फीसदी बढ़ गई है। इसके साथ ही मार्च के दौरान जर्मनी में बेरोजगारी की दर में करीब 7.5 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। इसके अलावा इटली के बिजनेस कॉन्फिडेंस में लगातार तीसरे महीने बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इटली का बिजनेस कॉन्फिडेंस बढ़कर 88.9 प्वाइंट पर पहुंच गया है। आज अमेरिका में जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं। साथ ही, अमेरिका में वीकली जॉबलेस डेटा भी जारी किया जाएगा।

कच्चा तेल: खरीदें - 5220, स्टॉपलॉस - 5190, लक्ष्य - 5290

जिंक एमसीएक्स (अप्रैल वायदा): बेचें - 104, स्टॉपलॉस - 105, लक्ष्य - 102.5

कॉपर एमसीएक्स (अप्रैल वायदा): बेचें - 418, स्टॉपलॉस - 421, लक्ष्य - 412

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सोने-चांदी का फीका प्रदर्शन, आगे क्या करें :

2013 की पहली तिमाही में सोने और चांदी ने निवेशकों को नेगेटिव रिटर्न दिया है। जनवरी से अब तक घरेलू बाजार में सोने का भाव 7 फीसदी तक गिरा है। वहीं चांदी ने 10 फीसदी से ज्यादा का गोता लगाया है।

जनवरी के शुरूआत में सोना जहां 31700 रुपये के करीब कारोबार कर रहा था, अब इसका भाव गिरकर 29500 रुपये के करीब आ गया है। यानि सोने में करीब 2000 रुपये की भारी गिरावट आई है।

इसी तरह से साल के शुरुआत में चांदी जहां 61000 रुपये के पास कारोबार कर रही थी, अब इसका भाव गिरकर 54000 रुपये के नीचे आ गया है। यानि 3 महीनों में चांदी 7000 रुपये तक लुढ़की है।

कल गुडफ्राइडे के मौके पर दुनिया भर के बाजार बंद रहेंगे। इस वजह से आज इस तिमाही का अंतिम कारोबारी दिन है। छोटी अवधि में सोना 28000 रुपये का भाव दिखा सकता है।

लंबी अवधि में सोने में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, सोने के मुकाबले चांदी से ज्यादा रिटर्न मिल सकता है।

लंबी अवधि में सोना 32000-35000 रुपये और चांदी 70000-75000 रुपये का स्तर दिखा सकते हैं।

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गेल ने नहीं चुकाई 700 करोड़ रु की एक्साइज :

टैक्स चोरी रोकने की वित्त मंत्रालय मुहिम अब सरकारी कंपनियों तक भी पहुंचने लगी है। एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक गेल पर करीब 700 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी नहीं चुकाने का आरोप लगा है।

सूत्रों का कहना है कि गेल पर एक्साइज ड्यूटी नहीं चुकाने के 2 मामले पकड़े गए हैं। पहले मामले में 426 करोड़ रुपये और दूसरे मामले में 284 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी बकाया है।

गेल पर गलत कैटगरी के तहत प्रोडक्ट दिखाकर कम एक्साइज ड्यूटी चुकाने का आरोप लगाया गया है। एक्साइज डिपार्टमेंट ने गेल को ड्यूटी चुकाने का नोटिस भेजा है।

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अप्रैल-फरवरी में वित्तीय घाटा 5.07 लाख करोड़ रु :

वित्तीय घाटे के मोर्चे पर सरकार को राहत मिलती नहीं दिख रही है। अप्रैल-फरवरी में वित्तीय घाटा 5.07 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पूरे साल के लक्ष्य का 97.4 फीसदी है।

वहीं, अप्रैल-फरवरी के दौरान राजस्व घाटा 3.96 लाख करोड़ रुपये रहा। जबकि पिछले साल अप्रैल-फरवरी में राजस्व घाटा 3.81 लाख करोड़ रुपये रहा था।

पिछले साल के मुकाबले अप्रैल-फरवरी में सरकारी खर्च 11.07 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.19 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, टैक्स वसूली 7.03 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 8.12 लाख करोड़ रुपये रही।

हालांकि, फरवरी के आंकड़े बेहतर रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले फरवरी में राजस्व घाटा 47100 करोड़ रुपये से घटकर 43900 करोड़ रुपये रहा। वहीं, वित्तीय घाटा 58600 करोड़ रुपये से घटकर 41680 करोड़ रुपये रहा।

फरवरी में सरकरा ने 1.08 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि टैक्स वसूली 66060 करोड़ रुपये की रही। पिछले साल फरवरी में सरकारी खर्चा 1.05 लाख करोड़ रुपये का था और 54100 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली रही थी।

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जानिए वित्त वर्ष-13 के हिट-फ्लॉप शेयर :

वित्त वर्ष 2013 समाप्ति के कगार पर है, यह वित्त वर्ष बाजार के लिए काफी मिलाजुला रहा है। आर्थिक मोर्चे पर बाजार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में यहां यह आकलन करना बेहद जरूरी है कि इस कारोबारी साल में निवेशकों ने क्या खोया और क्या पाया है। यहां हम बता रहें हैं ऐसे शेयर जो वित्त वर्ष 2013 में हिट और फ्लॉप रहे हैं, वहीं आगामी कारोबारी साल में इन शेयरों की चाल कैसी रहेगी।

आईटीसी

आईटीसी के शेयर ने वित्त वर्ष 2013 में 35 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं फिलहाल शेयर में 310-320 रुपये के स्तर पर रेसिस्टेंस है। ऐसे में मौजूदा निवेशकों को 300 रुपये के स्टॉपलॉस के साथ बने रहना चाहिए। हालांकि आनेवाले कारोबारी साल रिटर्न की तुलना में मौजूदा साल से कमजोर रहने की आशंका है।

एचयूएल

एचयूएल में ऊपरी स्तरों से काफी गिरावट देखी गई है, हालांकि शेयर में अह रिकवरी हो रही है। शेयर यदि 495-500 रुपये के स्तर पर आता है तो इसमें बिकवाली की रणनीति बनानी चाहिए। वहीं वित्त वर्ष 2014 एचयूएल के शेयर के लिए ज्यादा आकर्षक नहीं लग रहा है।

एचसीएल टेक

एचसीएल टेक के शेयर में वित्त वर्ष 2013 में 60 फीसदी का सकारात्मक रिटर्न दिया है। लंबी अवधि के लिहाज से ये शेयर काफी शानदार है। निवेशकों को इसमें बने रहना चाहिए, आनेवाले समय में शेयर 1,000-1,020 रुपये तक से स्तर छूने की क्षमता रखता है।

जिंदल स्टील एंड पावर

जिंदल के शेयर ने वित्त वर्ष 2013 में 35 फीसदी के नकारात्मक रिटर्न दिया है। फंडामेंटल नजरिए से शेयर काफी कमजोर लग रहा है। वहीं अगले 3 महीनों में शेयर में मौजूदा स्तरों से और ज्यादा गिरावट देखी जा सकती है।

बीएचईएल

वित्त वर्ष 2013 में बीएचईएल के शेयर में करीब 31 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों को लंबी अवधि के नजरिए से शेयर से दूरी बनाए रखना चाहिए। आनेवाले समय में शेयर लुढ़ककर 150-140 रुपये के स्तर दिखा सकता है।

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जानें 1 अप्रैल से आपकी जिंदगी में क्या बदलेगा :

1 अप्रैल यानि नए वित्तवर्ष में आपकी जिंदगी में बहुत कुछ बदल जाएगा जहां आपको रेल में सफर करने के लिए ज्यादा किराया चुकाना होगा वहीं एसी रेस्टोरेंट में खाना भी आपकी जेब पर भारी पड़ेगा।

1 अप्रैल से अपनी जेब ज्यादा ढीली करने के लिए तैयार रहिए। अगर आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं तो आपको अब थोड़े ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। रेलवे 1 अप्रैल से रिजर्वेशन चार्ज बढ़ाने जा रहा है। अगर आप 1 अप्रैल से टिकट बुक कराएंगे तो अब आपको बुकिंग और टिकट कैंसिल करवाने के लिए 5 से 50 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे।

स्लीपर क्लास का टिकट बुक कराने पर 10 रूपये और कंफर्म टिकट कैंसिल करवाने पर 20 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। साथ ही तत्काल टिकट करवाने पर भी आपको ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। तत्काल चार्ज बेसिक किराए का 30 फीसदी होगा। अगर आपने आईआरसीटीसी से टिकट बुक करवाया है तो स्लीपर क्लास के टिकट में 1 रूपया और एसी में 2 रूपया सर्विस टैक्स भी देना होगा। आपके लिए अच्छी बात ये है कि एक तारीख से आप 6 महीने और 12 महीने के सीजन टिकट खरीद पाएंगे।

ये तो हो गई सफर की बात अगर आप रेस्टोरेंट में खाना खाने जा रहे हैं तो यहां पर भी आपकी जेब पर चपत लगेगी। 1 अप्रैल से सभी एसी रेस्टोरेंट आपसे सर्विस टैक्स वसूलेंगे। अगर आप पैसा बचाना चाहते हैं तो घर पर ऑर्डर कर खाने में ही फायदा है। उधर इंश्योरेंस कंपनियां भी आपकी जेब पर नजर गड़ाए हुए है। 1 अप्रैल से आईआरडीए का कार पर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम औसतन 40 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव है। सरकार ने पीपीएफ ब्याज दर में जो 0.1 फीसदी कटौती की है वो भी 1 अप्रैल से लागू होगी।

अगर आप कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो जल्दी कर लें। होंडा अपनी कारों के दाम 1 अप्रैल से 2 फीसदी बढ़ाएगी। लग्जरी कार बनाने वाली कंपनी मर्सिडीज भी कारों के दाम 20 फीसदी तक बढ़ाएगी। ह्युंडई मोटर्स भी 1 तारीख से अपनी कारों के दाम बढ़ा सकती है। 1 अप्रैल से सेबी कॉल ऑक्शन की शुरूआत करेगा जिससे शेयरों में अचानक आए भारी उतार चढ़ाव पर रोक लगेगी। तो 1 अप्रैल से अपनी जिंदगी में इन बदलावों के लिए तैयार रहें।

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5600-5900 के दायरे में निफ्टी, मिडकैप से उम्मीद कम :

वित्त वर्ष 2013 के अंत में बाजार सुस्त हो गया है। बजट के बाद बाजार में अच्छी उछाल जरूर आई थी, लेकिन कुछ दिनों बाद ये तेजी हवा हो गई है। अब जानकार बाजार के कई दिनों तक सीमित दायरे में रहने का अनुमान जता रहे हैं।

अगले 6 महीने तक निफ्टी 5600-5900 के दायरे में ही झूमने वाला है। हालांकि उभरते हुए बाजारों के प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले भारतीय बाजार सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। लिहाजा आने वाले कुछ हफ्तों के बाद बाजार में उछाल संभव है। करेंट अकाउंट घाटे के आंकड़ों से बाजार पर कोई ज्यादा असर देखने को नहीं मिलने वाला है।

हाल के दिनों में मिडकैप शेयरों की बहुत ज्यादा पिटाई हुई है। ऐसे में पिटे हुए मिडकैप शेयरों को अपने ऊपरी स्तरों पर आने में काफी वक्त लग सकता है। ऑयल एंड गैस शेयरों में तेजी की उम्मीद है। मौजूदा स्तर से डीएलएफ में गिरावट की गुंजाइश कम है। ऑटो शेयरों में मांग और बिक्री की बजाए आंतरिक कारणों के चलते ज्यादा गिरावट आई है।

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कमोडिटी बाजार में आज क्या हो रणनीति :

रुपये में लौटी तेजी और अंतर्राष्ट्रीय बाजार की सुस्ती ने घरेलू बाजार में सोने पर दबाव बनाने का काम किया है। डॉलर के मुकाबले रुपया 54.46 पर खुला था, लेकिन अब रुपया 54.35 प्रति डॉलर के स्तर पर दिख रहा है। वहीं कॉमैक्स पर सोना सपाट होकर 1,606.50 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। नायमैक्स पर कच्चे तेल में भी सुस्ती दिख रही है।

फिलहाल एमसीएक्स पर सोना करीब 0.2 फीसदी की गिरावट के साथ 29,600 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी 0.2 फीसदी लुढ़ककर 54,000 रुपये के नीचे बनी हुई है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल सपाट होकर 5,260 रुपये पर कारोबार कर रहा है। एमसीएक्स पर बेस मेटल्स में 0.25-0.4 फीसदी की गिरावट आई है। कॉपर 0.4 फीसदी की कमजोरी के साथ 416 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है।

इस बीच एनसीडीईएक्स पर लाल मिर्च करीब 1.5 फीसदी की कमजोरी के साथ 6,500 रुपये पर आ गई है। हालांकि एनसीडीईएक्स पर धनिया करीब 1 फीसदी चढ़कर 6,730 रुपये पर कारोबार कर रहा है।

सोना एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : बेचें - 29780, स्टॉपलॉस - 29900 और लक्ष्य - 29500

नेचुरल गैस एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : खरीदें - 219, स्टॉपलॉस - 216 और लक्ष्य - 225

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