Monday, March 11, 2013

व्यापार घाटा 25.4% घटकर 1492 करोड़ डॉलर:

इस साल फरवरी महीने में व्यापार घाटे में तेज गिरावट देखने को मिली है। महीने दर महीने आधार पर फरवरी में व्यापार घाटा 25.4 फीसदी घटकर 1,492 करोड़ डॉलर रहा। वहीं इस साल जनवरी महीने में व्यापार घाटा 2,000 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया था।

फरवरी में देश का आयात 9.5 फीसदी से ज्यादा घटकर 41.18 अरब डॉलर रहा। इस साल जनवरी में देश का निर्यात 45.58 अरब डॉलर रहा था। हालांकि साल दर साल आधार पर आयात में 2.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वहीं फरवरी में देश का निर्यात 2.6 फीसदी बढ़कर 26.26 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इस साल जनवरी में देश का निर्यात 25.59 अरब डॉलर रहा था। सालाना आधार पर फरवरी में निर्यात में 4.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

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विदेशी बाजारों के दम पर तेजीः एंड्र्यू हॉलैंड:

वैश्विक बाजारों में अच्छी तेजी के चलते घरेलू बाजार भी जोरदार उछाल दिखा रहे हैं। पिछला हफ्ता बाजार के लिए शानदार साबित हुआ और बाजार में अच्छी तेजी देखी गई है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में सबकुछ ठीकठाक चलता रहा तो घरेलू बाजारों में और नए ऊपरी स्तर देखे जा सकते हैं।

एंबिट कैपिटल के सीईओ एंड्र्यू हॉलैंड का कहना है कि विदेशी बाजारों में तेजी के चलते घरेलू बाजार में भी तेजी देखी जा रही है। आगे चलकर भी घरेलू बाजारों की चाल विदेशी बाजारों पर ही निर्भर करेगी। अगर वैश्विक माहौल ठीक रहता है तो भारतीय बाजारों में भी बढ़त जारी रहेगी।  

हालांकि बजट से विदेशी निवेशकों को खास उत्साह नहीं मिला है। बजट में वित्त मंत्री ने एफआईआई को खुश करने का बेहतरीन मौका खो दिया है।

एंड्र्यू हॉलैंड के मुताबिक 19 मार्च को आने वाली क्रेडिट पॉलिसी में रिजर्व बैंक दरों में 0.25-0.5 फीसदी की कमी कर सकता है। बाजार को 0.25 फीसदी की कटौती की उम्मीद पहले से ही है। लेकिन अगर आरबीआई दरों में बिल्कुल भी कटौती नहीं करता है तो बाजार में जोरदार गिरावट आ सकती है और निफ्टी 5500 के नीचे जा सकता है।

बाजार की इस साल की चाल कंपनियों की कमाई के आंकड़ों पर निर्भर कर सकती है। निवेशकों को डिफेंसिव शेयरों में खरीदारी करनी चाहिए और ऊंचे जोखिम वाली कंपनियों से दूर रहना चाहिए। जिन कंपनियों में कर्ज ज्यादा है और

एंड्र्यू हॉलैंड के मुताबिक भारतीय बाजारों में इस समय सतर्कता के साथ निवेश करने की सलाह है। अगर किसी तरह की गिरावट आती है तो निवेशकों को खरीदारी करनी चाहिए। अगर ब्याज दरों में कमी आती है तो बैंक, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर में 4 व्हीलर, 2 व्हीलर कंपनियों के शेयरों में खरीदारी की जा सकती है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ के लिए सरकार का रिफॉर्म के कदमों को आगे बढ़ाना काफी जरूरी है। सरकारी कंपनियों का विनिवेश इस दिशा में अच्छा कदम है। हालांकि एंड्र्यू हॉलैंड का कहना है कि सरकारी कंपनियों के विनिवेश में निवेश करना उन कंपनियों के वैल्यूएशन पर निर्भर करता है।

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फिर पटरी पर लौटेगा कारोबारः बारट्रोनिक्स:

बारट्रॉनिक्स इंडिया में पिछले कुछ समय से बढ़ती लेनदारी के चलते दबाव देखा जा रहा है। दिसंबर तिमाही के अंत तक कंपनी पर 880 करोड़ रुपए की लेनदारी है। कंपनी की लेनदारी की स्थिति खतरनाक है।

बारट्रॉनिक्स इंडिया के एमडी सुधीर राव का कहना है कि कंपनी पैसे वसूलने के लिए कई कदम उठा रही है जैसे लेनदारों को डिस्काउंट, किश्तों में भुगतान करना आदि कदमों से हालात सुधरने की उम्मीद है। पैसा वापस न आने से कंपनी की ग्रोथ पर दबाव देखा जा रहा है। ग्राहकों से पैसे वसूलने के लिए कंपनी 10 से 40 फीसदी तक के डिस्काउंट दे रही है।

लिक्विडिटी से जूझने के लिए फंड जुटाने की कोशिश जारी है। प्रोमोटरों से कंपनी में फंड डालने के लिए बातचीत जारी है। इसके अलावा कंपनी के कुछ एसेट में निवेश करने के लिए विदेशी निवेशकों से भी बातचीत जारी है। सुधीर राव के मुताबिक मैनेजमेंट 100फीसदी आश्वस्त है कि कारोबार में तेजी वापस आएगी।

23 सरकारी बैंको के साथ फिलहाल प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। कंपनी की कारोबारी स्थिति सुधरने के साथ ही नए ऑर्डरों में भी तेजी आएगी।

कंपनी के कुल 5 करोड़ डॉलर के एफसीसीबी बकाया हैं जो पिछले महीने लंबित हो चुके हैं। इसके लिए बांड होल्डर्स से बातचीत चल रही है, ये चर्चा अंतिम चरण में है। सुधीर राव के मुताबिक जिस देनदार ने हाई कोर्ट में मुकदमा किया है उसके केवल 4 करोड़ रु बकाया हैं।

बारट्रोनिक्स इंडिया हैदराबाद की कंपनी है जो बार कोडिंग सॉल्यूशंस देती है। कंपनी का मार्केट कैप 50 करोड़ रुपये है और इसमें प्रोमोटरों की हिस्सेदारी 20 फीसदी है।

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12 साल के निचले स्तर पर कार बिक्री की रफ्तार:

ऑटो कंपनियों का बुरा हाल बरकरार है। देश में कार बिक्री 12 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। फरवरी में कारों की बिक्री में करीब 26 फीसदी की जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। वहीं फरवरी में बाइक बिक्री में भी 4.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

इस साल फरवरी में साल दर साल आधार पर पैसेंजर कारों की बिक्री 25.7 फीसदी घटकर 1.58 लाख यूनिट रही। सालाना आधार पर फरवरी में कुल कमर्शियल व्हीकल बिक्री 11.1 फीसदी घटकर 63,388 यूनिट रही।

साल दर साल आधार पर फरवरी में टू-व्हीलर गाड़ियों की बिक्री 2.8 फीसदी घटकर 11.1 लाख यूनिट रही। वहीं सालाना आधार पर फरवरी में घरेलू मोटरसाइकिल की बिक्री 4.5 फीसदी गिरकर 8 लाख यूनिट रही। हालांकि फरवरी में सालाना आधार पर कुल निर्यात 13.4 फीसदी बढ़कर 2.53 लाख यूनिट रहा।

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सीडीएमए स्पेक्ट्रम नीलामी को खराब रिस्पांस:

सीडीएमए स्पेक्ट्रम की कीमत आधी करने का भी सरकार को खास फायदा नहीं मिला। दूसरे दौर की नीलामी को भी बेहद ठंडा रिस्पॉन्स मिला है। सिस्टेमा श्याम टेलीसर्विसेज इकलौती कंपनी है जिसने दूसरे दौर में सीडीएमए स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगाई है।

सिस्टेमा श्याम ने देशभर में 8 सर्किल में सीडीएमए स्पेक्ट्रम के लिए करीब 3,600 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। जबकि वो 11 सर्किल के लिए बोली लगा सकती थी। मुंबई, महाराष्ट्र और यूपी ईस्ट के स्पेक्ट्रम के लिए अब भी कोई खरीदार नहीं मिल पाया है।

पिछले साल नवंबर में जब सरकार ने स्पेक्ट्रम की पहले दौर की नीलामी की थी तब सीडीएमए के लिए किसी भी कंपनी ने बोली नहीं लगाई थी जिसके बाद सरकार को इसकी कीमत घटाकर आधी करनी पड़ी। लेकिन दूसरे दौर की नीलामी में भी सिस्टेमा श्याम के अलावा किसी कंपनी ने बोली नहीं लगाई। हालांकि, नवंबर में जीएसएम स्पेक्ट्रम की नीलामी से सरकार को करीब 9,500 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी।

टेलिकॉम विभाग के सचिव आर चंद्रशेखर का कहना है कि सिस्टेमा श्यामा ने 8 सर्किल के लिए बोली लगाई है और हर सर्किल में 3 ब्लॉक के लिए बोली लगाई है। सिस्टेमा श्यामा ने मुंबई, महाराष्ट्र और यूपी (ईस्ट) के लिए कोई बोली नहीं लगाई है। लिहाजा सिस्टेमा श्यामा ने जिन सर्किल के लिए बोली नहीं लगाई वहां कंपनी को सर्विस बंद करनी होगी।

आर चंद्रशेखर के मुताबिक सीडीएमए स्पेक्ट्रम की नीलामी से सरकार को 3,639 करोड़ रुपये मिलेंगे। अब तक दोनों दौर की नीलामी से सरकार को 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा मिले हैं। मार्च में 20 सर्किल के स्पेक्ट्रम के लिए तीसरे दौर की नीलामी शुरू होगी।

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कमोडिटी बाजारः बेस मेटल्स में क्या करें:

बेस मेटल्स में गिरावट गहरा गई है। एमसीएक्स पर एल्युमीनियम का भाव 1 फीसदी से ज्यादा टूट गया है। वहीं कॉपर के साथ लेड और निकेल में भी गिरावट आई है। पूरे पैक मे जिंक सबसे ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर 0.5 फीसदी से ज्यादा टूट गया है। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी के बावजूद घरेलू बाजार पर ग्लोबल मार्केट की गिरावट का ज्यादा असर है।

फिलहाल एमसीएक्स पर कॉपर 0.7 फीसदी की गिरावट के साथ 422.40 रुपये पर कारोबार कर रहा है। एल्यूमिनियम 1.25 फीसदी की कमजोरी के साथ 104.40 रुपये पर आ गया है। जिंक 2 फीसदी लुढ़ककर 105 रुपये के नीचे आ गया है। निकेल 0.5 फीसदी से ज्यादा और लेड 1.15 फीसदी कमजोर हो गए हैं।

सोने और चांदी में आज बेहद सुस्त कारोबार हो रहा है। एमसीएक्स पर सोना सपाट होकर 29,350 रुपये पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी 0.3 फीसदी लुढ़ककर 54,700 रुपये के नीचे आ गई है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल 0.2 फीसदी की उछाल के साथ 5,000 रुपये के पार पहुंच गया है।

सोया तेल वायदा में आज गिरावट आई है, जबकि सोयाबीन वायदा में बढ़त पर कारोबार कर रहा है। गौर करने वाली बात ये है कि हाजिर बाजारों में भी आज सोया तेल का भाव ऊपर ही चल रहा है। फिलहाल एनसीडीईएक्स पर सोया तेल करीब 0.7 फीसदी की गिरावट के साथ 680 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं सोयाबीन 0.3 फीसदी चढ़कर 3,550 रुपये के पार पहुंच गया है।

इस हफ्ते होने वाले कैबिनेट की बैठक में शुगर डीकंट्रोल पर फैसला हो सकता है। इस बीच चीनी वायदा में तेज गिरावट आई है। एनसीडीईएक्स पर चीनी का अप्रैल वायदा करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ 3,080 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है।

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दायरे में झूमेगा निफ्टी; बैंक शेयरों पर भरोसा:

बजट के बाद अब बाजार की नजर 19 मार्च को आने वाली आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी पर टिकी हुई है। हालांकि बजट के बाद बाजार में अच्छी तेजी का सिलसिला बरकरार है। लिहाजा क्रेडिट पॉलिसी से कुछ अच्छा निकलकर आया तो बाजार तेज दौड़ लगा सकते हैं। जानकार भी मान रहे हैं कि बाजार सीमित दायरे में ही रहेगा, लेकिन बाजार की इस चाल में बैंक शेयरों से काफी उम्मीद है।

बाजार में बजट से पहले की तेजी विदेशी संकेतों और फेडरल रिजर्व के कदमों के चलते हुई थी। वित्त मंत्री का वित्त वर्ष 2014 का बजट बाजार के लिहाज से अच्छा रहा है। बजट में उठाए गए कदमों से 19 मार्च को आरबीआई प्रमुख ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है। वहीं अगले 1 साल में प्रमुख ब्याज दरों में केवल 0.5 फीसदी की कटौती का अनुमान है। वहीं

बाजार के 5600-6200 के दायरे में रहने का अनुमान है। बाजार में इस समय इंफोसिस और विप्रो जैसे दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में निवेश करने की सलाह है। ऑटो शेयरों में टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, जबकि बैंक शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक में निवेश किया जा सकता है। फेडरल बैंक और जम्मू एंड कश्मीर बैंक जैसे मिडकैप बैंक शेयरों में खरीद की सलाह है। मिडकैप आईटी शेयरों में एनआईआईटी टेक को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं।

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निवेशकों का बाजार में भरोसा बढ़ाः वित्त मंत्री:

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि अच्छे रेगुलेशन के चलते बाजार ने पिछले साल 25 फीसदी का रिटर्न दिया है और सरकार के बड़े फैसलों के बाद निवेशकों का बाजार में भरोसा बढ़ा है।

पी चिदंबरम के मुताबिक बतौर उनके वित्त मंत्री कार्यकाल में सेंसेक्स 17,257 अंकों से चढ़कर 19,680 तक पहुंचा। वहीं इस दौरान निफ्टी भी 5,240 अंकों से उछाल लेकर 5,949 तक पहुंचने में कामयाब हुआ।

वहीं इनसाइडर ट्रेडिंग पर नजर रखने के लिए और कदम उठाने की सरकार की कोशिश जारी है। राज्यसभा में वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि इनसाइडर ट्रेडिंग काफी गंभीर मसला है और इन मामलों में सेबी को सख्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

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गिरावट पर बंद बाजार; सेंसेक्स 37 अंक टूटा:

बाजारों का हाल

नए हफ्ते का बाजार ने ठंडा स्वागत किया है। पूरे दिन सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स-निफ्टी करीब-करीब पिछले हफ्ते के स्तर पर ही बंद हुए। निफ्टी पूरे दिन 35 अंकों के दायरे में घूमता रहा। बाजार में जितने चढ़ने वाले शेयर थे करीब-करीब उतने ही गिरने वाले थे।

आज दिग्गजों के मुकाबले मिडकैप शेयरों की स्थिति कुछ ठीक रही। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.2 फीसदी और बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.3 फीसदी चढ़कर बंद हुए। बाजार में आज सबसे ज्यादा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों की पिटाई हुई। वहीं आईटी, मेटल, ऑयल एंड गैस, ऑटो और बैंक शेयरों में भी बिकवाली हावी रही। हालांकि रियल्टी, कैपिटल गुड्स, फार्मा और पावर शेयरों ने बाजार को थामने की पूरी कोशिश की।

किन स्तरों पर सिमटे बाजार

आखिरकार बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 37 अंक यानि 0.2 फीसदी की गिरावट के साथ 19,646 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 3.5 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 5,942 पर बंद हुआ।

शेयरों का हाल-चाल

आज के कारोबार में हीरो मोटोकॉर्प, बजाज ऑटो, आईडीएफसी, विप्रो, टीसीएस, बीपीसीएल, रिलायंस इंफ्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक, जिंदल स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और बीएचईएल जैसे दिग्गज शेयर 2.8-1 फीसदी टूटकर बंद हुए। हालांकि दिग्गज शेयरों में सीमेंस, डीएलएफ, टाटा पावर, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी, सन फार्मा, एमएंडएम, एचसीएल टेक, एलएंडटी, रैनबैक्सी, गेल, केर्न इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा 4.8-0.6 फीसदी चढ़कर बंद हुए।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों की चाल

मिडकैप शेयरों में ट्यूब इंवेस्टमेंट, ऑप्टो सर्किट्स, एम्टेक ऑटो, यूनिकेम लैब और आईजीएल सबसे ज्यादा 7.6-4.7 फीसदी चढ़कर बंद हुए। हालांकि बीओसी इंडिया, इंडिया टूरिज्म, रेस्पोंसिव इंडस्ट्रीज, मैक्स इंडिया और गुजरात मिनरल जैसे मिडकैप शेयर सबसे ज्यादा 5.5-3.3 फीसदी लुढ़ककर बंद हुए।

स्मॉलकैप शेयरों में सेशाषयी पेपर, एवरेस्ट कैंटो, किर्लोस्कर इंडस्ट्रीज, एलेंबिक फार्मा और एलेकॉन इंजीनियरिंग सबसे ज्यादा 18.7-9 फीसदी की मजबूती के साथ बंद हुए। हालांकि सीसीएल इंटरनेशनल, हेरिटेज फूड, एटूजेड मेंटनेंस, सुदर्शन केम और वीसा स्टील जैसे स्मॉलकैप शेयर 18.2-5.3 फीसदी टूटकर बंद हुए।

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U.S. Stocks Little Changed as China Production Slows:

U.S. stocks were little changed, after the Dow Jones Industrial Average reached its highest level ever last week, amid a report showing industrial production in China expanded at the slowest pace since 2009.
Dick’s Sporting Goods Inc. tumbled 8.1 percent after forecasting profit that was less than analysts estimated. Kroger Co. dropped 1.1 percent and Apple (AAPL) Inc. lost 1.2 percent after analyst downgrades. Best Buy Co. climbed 0.5 percent as its rating was raised by a Piper Jaffray analyst.
The Standard & Poor’s 500 Index slipped less than 0.1 percent to 1,550.94 at 11:12 a.m. in New York. The Dow added 8.59 points, or 0.1 percent, to 14,405.66. Trading in S&P 500 stocks was 26 percent lower than the 30-day average.
“There’d be no surprise if people are just trying to digest and take a little bit of profit here,” Christopher McHugh, who helps manage about $10 billion at Turner Investment Partners in Berwyn, Pennsylvania, said in a phone interview. “Earnings will come in focus over the next few weeks again as we come through the end of the quarter,” he said. “We want to get off to a good start to complement the good gains of the market.”
The Dow reached an all-time high last week amid better- than-forecast jobs growth and as investors speculated that central banks will continue with stimulus measures. The S&P 500 is about 1 percent below its record.
Last week’s 2.2 percent rally in the Dow pushed the gauge’s price-to-earnings ratio to 14.03, the highest level since May 2011, data compiled by Bloomberg show. The S&P 500 is valued at 15.3 times earnings, a 22-month high.

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European Stocks Fall From 4 1/2-Year High on Italy Cu

European stocks fell from a 4 1/2- year high as Fitch Ratings downgraded Italy and China’s retail sales and industrial output missed forecasts.
Storebrand (STB) ASA slumped 6.3 percent after Norway’s second- largest insurer said it must set aside more money to meet stricter rules on group pension plans. OMV (OMV) AG and ICAP Plc dropped more than 1.5 percent as analysts downgraded the shares. Ladbrokes Plc (LAD) jumped the most in almost two years after signing a deal with Playtech Ltd. to develop its Web business.

The Stoxx Europe 600 Index lost 0.2 percent to 294.99 at 2:31 p.m. in London. The gauge has still surged 5.5 percent this year as U.S. lawmakers agreed on a compromise budget and amid optimism that central banks around the world will continue stimulus measures to support the economic recovery.
“The downgrade in Italy will lead to some nervousness that more intervention will be needed, especially as it is clear that Cyprus also needs a bail out.” Felicity Smith, a London-based fund manager at Bedlam Asset Management Plc, which oversees about $500 million, wrote in an e-mail. “Ultimately, Germany will be the main contributor to the cost of this. I just see today’s downgrade as a bit of realism returning to the market, rather than a reason to panic.”
The Stoxx 600 rallied 2.3 percent last week, the biggest advance in two months, as employers in the U.S. increased payrolls more than forecast and optimism mounted that central banks will continue to stimulate their economies. The index closed at the highest level since June 2008.

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Best Topix Gain Since 1987 Pays S&P 500 Return:


International investors who propelled the biggest rally for Japanese shares since 1987 would have earned almost as much in the Standard & Poor’s 500 Index once the yen’s 16 percent tumble is taken into account.
The Topix Index, the country’s broadest equity measure, has climbed 41 percent in the 74 days since the rally began in November. After adjusting for the yen’s depreciation against the dollar, the return shrinks to 18 percent, or three percentage points more than the S&P 500 (TPX), according to data compiled by Bloomberg. This year’s 18 percent advance in the Nikkei 225 Stock Average (NKY) falls to 6.8 percent in dollar terms, less than the 8.8 percent increase by the U.S. benchmark index.

Foreign investors who bought a net 4.19 trillion yen ($43.9 billion) during the rally’s first 16 weeks are repeating a pattern that has occurred during advances since at least 1997. The erosion highlights the hazards of the world’s third-largest equity market, where prices have moved in the opposite direction of the yen 67 percent of the time the last four months.
“People just simply keep looking at the return and not paying attention to the risks,” Malcolm Polley, who manages $1.1 billion as chief investment officer at Stewart Capital Advisors LLC in Indiana, Pennsylvania, said in a March 6 phone interview. “You’re trying to make your money on the currency side and the market side, but the outcome is only good if you make the right call on the market and on the currency.”

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