Friday, February 15, 2013

टेलीकॉंम कंपनियां मायूस, रद्द रहेंगे 122 2जी लाइसेंस

सुप्रीम कोर्ट ने 122  2जी लाइसेंस रद्द करने खिलाफ चारों कंपनियों की पुनर्विचार याचिकाएं रद्द कर दी हैं। आइडिया सेल्युलर, वीडियोकॉन, टाटा टेली और सिस्टेमा श्याम ने टू जी लाइसेंस रद्द करने के फैसले पर दोबारा विचार के लिए अर्जी दी थी। कोर्ट ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा की पुनर्विचार अर्जी दाखिल करने की अपील भी ठुकरा दी।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 2 फरवरी को 122 टूजी लाइसेंस रद्द किए थे। ये लाइसेंस ए राजा के कार्यकाल में दिए गए थे। इस आदेश के खिलाफ कंपनियों ने पहले समीक्षा अर्जी भी दी थी। जिसे पिछले साल 3 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

सिस्टेमा, टाटा टेली को नवंबर में स्पेक्ट्रम नीलामी में हिस्सा नहीं लेना महंगा पड़ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि जिन कंपनियों ने नवंबर में स्पेक्ट्रम नीलामी में हिस्सा नहीं लिया था उन्हें पुरानी कीमत पर ही स्पेक्ट्रम मिलेगा।

साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि अगली नीलामी में पिछले साल रद्द हुए पूरे स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाए। आदेश 900 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम लाइसेंस पर लागू नहीं होगा।

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नतीजों के बाद किन शेयरों की बदलेगी चाल

तीसरी तिमाही नतीजों का सीजन करीब करीब पूरा हो गया है और नतीजों के लिहाज से ये खास अच्छा नहीं रहा है। पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनियों की बिक्री तो करीब 5.3 फीसदी बढ़ी है लेकिन मुनाफा 2 फीसदी से भी कम बढ़ा है।

तीसरी तिमाही के नतीजे इकोनॉमी की अच्छी तस्वीर पेश नहीं कर रहे हैं। ये लगातार दूसरी तिमाही है जब कंपनियों की बिक्री महंगाई दर के मुकाबले काफी कम बढ़ी है। जिससे साफ पता लगता है कि अर्थव्यवस्था में मंदी दिख रही है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वी के शर्मा का कहना है कि इंफोसिस के अच्छे नतीजों के चलते बाजार में अच्छे नतीजों की उम्मीद थी लेकिन बाद में आने वाले खराब नतीजों से बाजार का मूड बिगड़ गया। तीसरी तिमाही के कमजोर नतीजों के पीछे खराब आर्थिक आंकड़े भी एक वजह रही है।

3 साल में बिक्री की सबसे कमजोर रफ्तार होने से बाजार में मायूसी आई है। हालांकि बाजार को भी नतीजों से ज्यादा अच्छे नतीजों की उम्मीद नहीं थी।

वी के शर्मा के मुताबिक पीएसयू बैंक के खराब नतीजे रहे हैं और इनके मुकाबले निजी बैंकों के मुनाफे और आय में जोरदार बढ़ोतरी देखी गई है। इस सेक्टर में निवेश बनाए रखा जा सकता है। इसके अलावा मीडिया सेक्टर में भी अच्छे नतीजे देखे गए हैं और आगे भी देखे जाएंगे। मीडिया सेक्टर भी निवेश के लिहाज से अच्छा है।

खराब अनुमान के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजे अच्छे रहे हैं और ये बाजार में तेजी ला सकता है। कंपनी के पेट्रोकैमिकल मार्जिन और जीआरएम बढ़े हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए आने वाली तिमाही भी अच्छी रहने की उम्मीद है। गैस के दाम बढ़ने की आशा है जिससे आगे चलकर कंपनी को फायदा होगा। हालांकि बाजार की कमजोरी के चलते मार्च तक शेयर में 40-50 रुपये की गिरावट आ सकती है। लेकिन 1 साल में रिलायंस इंडस्ट्रीज में 20-25 फीसदी की तेजी देखी जा सकती है और इसमें मौजूदा भाव पर खरीदारी की जा सकती है।

हीरो मोटोकॉर्प के नतीजे खराब रहे हैं। होंडा के नए प्लांट के आने के बाद कंपनी के लिए मुकाबला और कड़ा हो जाएगा। कंपनी के हरिद्वार प्लांट को मिल रही टैक्स छूट 31 मार्च तक खत्म हो जाएगी जिससे कंपनी को आगे चलकर ज्यादा टैक्स देना होगा। हीरो मोटोकॉर्प में निवेश ना करें। हालांकि टाटा मोटर्स के खराब नतीजों के बावजूद आगे चलकर कंपनी में तेजी आएगी और निवेशक टाटा मोटर्स में निवेश कर सकते हैं।

आईसीआईसीआई बैंक के नतीजे भी बाजार की उम्मीद से ज्यादा रहे हैं। बैंक के मार्जिन में बढ़ोतरी हुई है और एनपीए में कमी आई है। एनपीए घटने से आगे चलकर 18 फीसदी की ग्रोथ संभव है। बाजार की स्थिति सुधरने के साथ ही बैंक के कारोबार में और भी अच्छा सुधार देखा जाएगा। इसके अलावा कुछ अन्य मिडकैप बैंकों के वैल्यूएशन भी अच्छे हो रहे हैं और इनमें निवेश कर सकते हैं।

एक्सिस बैंक के वैल्थ मैनेजमेंट ग्रुप के इंवेस्टमेंट हेड शरद शुक्ला का कहना है कि बाजार में कन्सोलिडेशन देखा जा रहा है। जनवरी में एफआईआई का भारी पैसा आया है। इतनी तेजी के बाद बाजार में गिरावट आनी स्वाभाविक है और अगर 5-7 फीसदी की गिरावट और आती है तो बाजार में निवेश के लिए अच्छे स्तर बन जाएंगे।

तिमाही नतीजे ठीक ठाक रहे हैं और अर्थव्यवस्था की हालत को देखते हुए नतीजों को बुरा नहीं कहा जा सकता है। बाजार का माहौल अभी भी सकारात्मक है और इसमें एफआईआई का निवेश जारी रहेगा।

शरद शुक्ला का कहना है कि बजट में सरकार द्वारा ऐसी कोई घोषणा होने की उम्मीद नहीं है जिससे बाजार को झटका लगेगा।

इस समय बाजार में बैंकिंग सेक्टर में निवेश किया जा सकता है। निजी बैंक शेयर सरकारी बैंकों के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन करेंगे और इनमें निवेश किया जा सकता है।

एचएसबीसी एएमसी के सीआईओ तुषार प्रधान का कहना है कि कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे मिलेजुले रहे। दूसरे चरण में घोषित हुए नतीजों से थोड़ी निराशा जरूर हुई। तीसरी तिमाही नतीजों से साफ जाहिर है कि कई कंपनियों की आय पर दबाव बरकरार है।

तुषार प्रधान के मुताबिक तीसरी तिमाही के नतीजों का भारतीय बाजार को बहुत ज्यादा सहारा नहीं मिलने वाला है। ऐसे में अगर दूसरे एमर्जिंग मार्केट्स में सुधार दिखता है, तो भारतीय बाजार में निवेश की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है।

बजट पर तुषार प्रधान का मानना है कि सरकार की तरफ से अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए अहम ऐलान किए जा सकते हैं। हालांकि अभी जल्द देश में निवेश का माहौल सुधरता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। सरकार को इंफ्रा सेक्टर में बड़े पैमाने पर खर्च करने की जरूरत है।

डायमेंशंस कंसल्टिंग के सीईओ अजय श्रीवास्तव का कहना है कि मिडकैप शेयरों में करेक्शन से खरीदारी का माहौल बन गया है। मिडकैप शेयर एक बार फिर आकर्षक स्तरों पर आ गए हैं। करेक्शन के बाद फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज, एमसीएक्स और टाटा ग्लोबल जैसे मिडकैप शेयरों में दांव लगाने की सलाह है। साथ ही साल 2013 में मिडकैप इंडेक्स के शेयरों में तेजी बरकरार रहने की उम्मीद है। हाल के करेक्शन के बाद यूनाइटेड ब्रुअरीज और हैवेल्स इंडिया पर भी दांव लगाया जा सकता है।

अजय श्रीवास्तव के मुताबिक एफआईआई हर गिरावट पर ब्लूचिप शेयरों में खरीदारी की रणनीति पर कायम हैं। लिहाजा ट्रेडिंग के लिहाज से जेपी एसोसिएट्स में 90-100 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदारी की जा सकती है। हिंडाल्को में 100 रुपये के स्तर पर 130 रुपये के लक्ष्य के लिए खरीदारी करने की सलाह है। मिडकैप शेयरों में थोड़े थोड़े अंतराल पर मुनाफावसूली की रणनीति अपनानी चाहिए।

अजय श्रीवास्तव ने जीएमआर और जीवीके पावर जैसे इंफ्रा शेयरों से दूरी बनाने की सलाह दी है। हालांकि मौजूदा स्तर पर फोर्टिस हेल्थकेयर में खरीदारी की जा सकती है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के ऑटो एनालिस्ट हितेश गोयल का कहना है कि नतीजों के बाद टाटा मोटर्स में 330 रुपये के लक्ष्य के साथ निवेश किया जा सकता है। टाटा मोटर्स का घरेलू कारोबार कंपनी के कमाई में ज्यादा योगदान नहीं दे पाएगा। घरेलू कारोबार कंपनी के कंसोलिडेटेड कारोबार में 5 फीसदी का योगदान दे सकता है। टाटा मोटर्स का घरेलू कमर्शियल व्हीकल का कारोबार स्थिर रहने का अनुमान है।

मैक्वायरी के बैंकिंग एनालिस्ट सुरेश गणपति का कहना है कि एसबीआई के नतीजों से ज्यादा निराशा नहीं हुई है। तिमाही आधार पर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में गिरावट थोड़ी चिंता का विषय है।

मौजूदा समय से बैंकों के ऐसेट क्वालिटी में सुधार होना शुरु होगा। वित्त वर्ष 2014 बैंकों के लिए कुछ बेहतर साबित होगा।

सुरेश गणपति के मुताबिक पीएसयू बैंकों में एसबीआई सबसे पसंदीदा शेयर बना रहेगा। तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद बैंक ऑफ बडौ़दा के ऊपर विश्वास कुछ कम हुआ है।

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कमोडिटी बाजारः मसालों में क्या करें ?

मसालों में आज काफी हरकत हो रही है। एनसीडीईएक्स पर धनिया में 4 फीसदी का ऊपरी सर्किट लग गया है और इसका भाव 6,650 रुपये के पार पहुंच गया है। वहीं जीरा 1.8 फीसदी की बढ़त के साथ 13,500 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है।

हल्दी वायदा भी करीब 1.5 फीसदी चढ़कर 6,400 रुपये के पार चला गया है। इस के साथ ही एनसीडीईएक्स पर लाल मिर्च में भी करीब 1 फीसदी की तेजी आई है और इसका भाव 6,750 रुपये के करीब पहुंच गया है। काली मिर्च करीब 2.5 फीसदी चढ़कर 39,800 रुपये पर पहुंच गई है। एमसीएक्स पर इलायची 0.7 फीसदी की गिरावट के साथ 935 रुपये पर कारोबार कर रहा है।

अगले महीने से मंडियों में नए चने की आवक शुरु हो जाएगी, इसके बावजूद एनसीडीईएक्स पर आज चना करीब 1 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। एनसीडीईएक्स पर चने का भाव 3,500 रुपये के करीब पहुंच गया है। हाजिर बाजारों में भी चने की कीमतों में मजबूती आई है।

सोने पर दबाव बढ़ गया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जहां सोने का भाव 1.5 महीने के निचले स्तर पर आ गया है। वहीं घरेलू बाजार में भी सोना 30,400 रुपए के नीचे कारोबार कर रहा है। दरअसल यूरो जोन के खराब आर्थिक आंकड़ों से सोने में गिरावट बढ़ गई है। इस बीच वर्ल्ड गोल्ड काउसिंल की रिपोर्ट से पता चला है कि पिछले साल भारत में सोने की मांग करीब 12 फीसदी घट गई है। दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड ईटीएफ एसपीडीआर गोल्ड की होल्डिंग भी गिरकर 1,322 टन के स्तर पर आ गई है।

फिलहाल एमसीएक्स पर सोना 0.2 फीसदी की गिरावट के साथ 30,400 रुपये पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी 0.1 फीसदी की कमजोरी के साथ 56,580 रुपये पर कारोबार कर रही है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल 0.2 फीसदी फिसलकर 5,250 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है। एमसीएक्स पर बेस मेटल्स में 0.2-0.7 फीसदी की मजबूती आई है। कॉपर 0.4 फीसदी की उछाल के साथ 447.30 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

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प्री ओपनिंग सेशन में सभी शेयरों की ट्रेडिंगः सेबी

अब बाजार खुलने पर सभी शेयरों में बेहतर प्राइस डिस्कवरी हो सकेगी। सेबी ने प्री ओपनिंग सेशन में सभी शेयरों की ट्रेडिंग की इजाजत दे दी है। सेबी ने एक्सचेंजों को इसे लागू करने के लिए सिस्टम तैयार करने को कहा है। नया सिस्टम 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा।

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IOC raises petrol price by Rs 1.50/l, diesel by 45 paise/l

Indian Oil Corp (IOC), the country's largest fuel retailer by sales, has hiked petrol price by Rs 1.50 paisa per litre and diesel prices by 45 paise per litre with effect from midnight tonight.

As per government data, fuel retailers are currently suffering a revenue loss of 1.23 rupees a litre on retail sales of petrol. IOC says the revenue loss on diesel sale to now fall to Rs 10.27 per litre. It sees the FY13 revenue loss on subsidized fuels at over Rs 86,000 crore. 

The government had said last month it would allow fuel retailers to raise the price of subsidised diesel by 0.40 rupees-0.50 rupees a litre every month and asked bulk buyers to pay market rates.

Petrol price in Delhi will go up by almost Rs 1.80 per litre after taking into account 19 per cent VAT. Diesel rates would go up by 51 paise. New rates for petrol in Delhi would be Rs 69.05 per litre, while a litre of diesel will cost Rs 48.16.

Petrol price was last revised on January 18 when the price was cut by 30 paise to Rs 67.26 a litre in Delhi.

The reduction in rates on that day coincided with the government decision to give oil firms freedom to raise diesel prices in small monthly dozes to eliminate all of the losses on the fuel. Oil firms hiked diesel price on that day by 50 paise to Rs 47.65 a litre in Delhi.

Crude oil price has increased from USD 109.08 per barrel to USD 113.24, while international gasoline or petrol prices have risen from USD 119.59 a barrel to USD 128.57.

State-owned companies have been "compelled to pass on the increase in petrol prices to consumers as the they have already suffered losses on sale of petrol so far and trends in international oil market as well as rupee-US dollar exchange rate indicate continued strength."

In fact, currently petrol prices are hovering around USD 132.80 per barrel. "The trends of international oil prices and INR-USD exchange rate shall be closely monitored and the same shall be reflected in future price changes," IOC said in statement.

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टेक महिंद्राः ब्राजिल की कंपनी में हिस्सा खरीदा

टेक महिंद्रा ने ब्राजिल की कंपनी कॉम्पलेक्स आईटी में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। टेक महिंद्रा ने ये सौदा सत्यम कंप्यूटर के जरिए किया है और खरीदी गई इस हिस्सेदारी के लिए कंपनी 2.30 करोड़ डॉलर देगी।

120 क्लाइंट्स वाली कॉम्पलेक्स आईटी के जरिए टेक महिंद्रा लैटिन अमेरिका में अपना कारोबार बढ़ाएगी। टेक महिंद्रा का कहना है कि आने वाले दिनों में कंपनी कॉम्पलेक्स आईटी में और हिस्सेदारी भी खरीद सकती है।

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बजट में टैक्स छूट की सीमा 3 लाख रु तक संभव

बजट में टैक्स छूट की सीमा 3 लाख रु तक संभव

इस बजट में इनकम टैक्स छूट की सीमा 3 लाख करने का सरकार पर भारी दबाव है। कांग्रेस नेताओं के साथ वित्त मंत्री पी चिदंबरम की कल हुई अहम बैठक में पार्टी ने वित्तमंत्री से इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ा कर 3 लाख करने की सिफारिश की है।

माना जा रहा है कांग्रेस ने वित्त मंत्री से साफ कह दिया है कि अगले साल होने वाले चुनाव से पहले ये आखिरी बजट होगा, ऐसे में मिडिल क्लास को लुभाने के लिए सरकार को इनकम टैक्स में राहत देनी होगी। सिर्फ सरकार ही नहीं डीटीसी पर बनी स्टैंडिंग कमेटी ने भी इनकम टैक्स सीमा 3 लाख तक करने की सिफारिश की है।

कांग्रेस पार्टी ने इनकम टैक्स छूट सीमा बढ़ाने की सिफारिश की है। कांग्रेस पार्टी की चिदंबरम के साथ कल बैठक हुई थी। सरकार के पास बीच का रास्ता अपनाने का विकल्प है। 2.40-2.60 लाख रुपये तक इनकम टैक्स छूट देने का विकल्प है। इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने से सरकार को राजस्व का नुकसान होगा।

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लाल निशान में बंद बाजार, मिडकैप चमके

कारोबार के आखिरी में बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाई। सेंसेक्स 29 अंक गिरकर 19468 और निफ्टी 9 अंक गिरकर 5887 पर बंद हुए।

लगातार 10 दिन की पिटाई के बाद मिडकैप शेयरों में जोश लौटा। निफ्टी मिडकैप 0.5 फीसदी चढ़ा। हालांकि, स्मॉलकैप शेयरों में 0.6 फीसदी की कमजोरी रही।

ऑयल एंड गैस शेयर करीब 1 फीसदी टूटे। आईटी, हेल्थकेयर और तकनीकी शेयर 0.6-0.3 फीसदी गिरे। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कैपिटल गुड्स और मेटल शेयरों में भी कमजोरी रही।

ऑटो शेयर 0.4 फीसदी और बैंक शेयर 0.25 फीसदी मजबूत हुए। एफएमसीजी शेयरों में हल्की बढ़त आई। पावर, रियल्टी और सरकारी कंपनियों के शेयर सुस्त रहे।

बाजार की चाल

कमजोर एशियाई संकेतों की वजह से घरेलू बाजार भी गिरावट के साथ खुले। निफ्टी 5900 के नीचे शुरुआत की और पूरे कारोबार में इस स्तर को नहीं तोड़ पाया।

बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा और बाजार लगातार फिसलते चले गए। दिग्गजों के मुकाबले छोटे शेयरों में ज्यादा गिरावट आई। हालांकि, मिडकैप सुस्त रहे।

यूरोपीय बाजारों की कमजोर शुरुआत की वजह घरेलू बाजारों का मूड नहीं सुधर पाया। डॉलर के मुकाबले रुपये के 54 के नीचे फिसलने से बाजार की गिरावट बढ़ी। सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा टूटा।

दोपहर 2 बजे के बाद बाजार ने अच्छी रिकवरी दिखाई और निचले स्तरों से संभले सबसे ज्यादा रिकवरी मिडकैप शेयरों में आई।

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कमोडिटी बाजारः किस पर लगाएं दांव

अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की गिरावट ने घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी को कमजोर कर दिया है। कॉमैक्स पर सोना 0.15 फीसदी और चांदी 0.1 फीसदी लुढ़क गए हैं। नायमैक्स पर कच्चा तेल 97.30 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

फिलहाल एमसीएक्स पर सोना 0.25 फीसदी की गिरावट के साथ 30,400 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी करीब 0.1 फीसदी लुढ़ककर 56,600 रुपये पर आ गई है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल 0.2 फीसदी फिसलकर 5,245 रुपये पर कारोबार कर रहा है। एमसीएक्स पर बेस मेटल्स में 0.1-0.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। कॉपर 0.1 फीसदी की गिरावट के साथ 445.40 रुपये पर कारोबार कर रहा है।

इस बीच एनसीडीईएक्स पर धनिया 3.5 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 6,630 रुपये पर पहुंच गया है। हालांकि एनसीडीईएक्स पर चीनी में 0.5 फीसदी और काली मिर्च में 0.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

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बजट 2013 से वरिष्ठ नागरिकों की उम्मीदें

भारत में अधिकांश लोगों की कामकाजी जिंदगी का अंत 58-60 साल की उम्र में हो जाता है। ऐसा तब होता है जब लोग सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी से रिटायर हो जाते हैं। इसलिए इस आयु में आमदनी होनी बंद हो जाती है। पिछले 2-3 सालों में घर के बजट के बढ़ते खर्चो से इस आयु वर्ग ( कुल जनसंख्या का 7.5 फीसदी यानी 7.7 करोड़ लोग) पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ता है।

रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए उनके निवेश से मिलने वाला रिटर्न ही आय का सबसे बड़ा स्त्रोत होता है। पिछले कुछ सालों से ऊंची ब्याज दरों के चलते रिटर्न ज्यादा मिलते हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई में ये कारगर साबित नहीं होता है। इसके अलावा कई टैक्स भी अदा करने होते हैं जो आय पर असर डालते हैं। इसलिए सबसे पहली बात जो वरिष्ठ नागरिक इस बजट से चाहते हैं वो है कि टैक्स छूट में बढ़ोतरी की सीमा बढ़ाई जाए।

फिलहाल वरिष्ठ नागरिक जिनकी आय 2.5 लाख रुपये से कम है वो ही टैक्स देने से बच पाते हैं। वहीं जिनकी आयु 80 साल से अधिक है उन्हें 5 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स देने से छूट मिलती है। तो क्या जो वरिष्ठ नागरिक 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के हैं उन्हें भी 5 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स देने से छूट नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने पूरी उम्र टैक्स अदा किया है और अब उन्हें इससे कुछ विश्राम मिलना चाहिए।

वहीं वरिष्ठ नागरिक भी दूसरे अन्य लोगों की तरह सेक्शन 80 सी के अंतर्गत टैक्स छूट बढ़ाए जाने का इंतजार कर रहे हैं। 80सी के अंतर्गत मिलने वाली टैक्स छूट कई निवेशों में बंटी होती है और अगर इसमें बढ़ोतरी होती है इसका स्वागत ही होगा।

इसके अलावा सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम पर मिलने वाली टैक्स छूट में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए। फिलहाल ये निवेश ईटीटी श्रेणी में आता है। इसके अंतर्गत 80सी के तहत मिलने वाली टैक्स छूट केवल निवेश करने पर ही मिल सकती है। इसके चलते तिमाही आय या अन्य आय किसी भी दूसरी आय की तरह टैक्स के अधीन आती है। इसके तहत 15 लाख रुपये तक के निवेश पर ही टैक्स छूट मिल सकती है।

और अंत में वरिष्ठ नागरिक काफी बेसब्री से नए डीटीसी कोड के आने का इंतजार कर रहे हैं कि उसमें उनके लिए भी कुछ घोषणा हो सकती है।

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Gold Sharply Lower, at 6-Mo. Low, on Heavy Technical Selling

Gold prices are trading sharply lower and hit a fresh six-month low in early U.S. dealings Friday. At the U.S. Comex futures opening, moderate early losses were extended to sharply lower levels on the day. Heavy technical selling pressure has emerged as gold prices fell below key near-term technical support levels on Friday. April gold last traded down $21.70 at $1,614.00 an ounce. Spot gold was last quoted down $20.40 at $1,614.50.  March Comex silver last traded down $0.358 at $29.98 an ounce.

Gold prices are still feeling the negative effects of a bearish report from the World Gold Council issued Thursday, which said investment demand for gold declined by 10% in 2012. Overall world demand for gold declined by 0.4% in 2012.

The Group of 20 nations are meeting in Moscow on Friday and Saturday. Precious metals traders will closely scrutinize the weekend news coming out of that confab. In the days heading up to the meeting there have been finance officials’ remarks and a G-7 statement mostly directed toward and trying to downplay the much-talked-about prospect of “currency wars.” Many industrialized nations have in recent months, or longer, worked to devalue their currencies to revive their economic growth. Japan has been aggressively moving to devalue the yen in recent months. Reports Friday said the G-20 will issue a statement pledging to work toward growing their economies and not devaluing their currencies. However, the fact world finance ministers are working so hard to play down the matter is a clue that they are actually very worried about the prospect of currency wars. European markets were subdued Friday, ahead of the weekend G-20 meetings. This overall world currency devaluation situation could be an underlying bullish factor for the precious metals down the road, due to the inflationary implications.

The Lunar New Year celebration is occurring this week in Asia. China, the number-two economy in the world, is on holiday all week for the celebration. That is keeping Asian markets quiet and is also keeping physical demand for gold coming out of Asia on the light side. That’s been another bearish factor for gold this week.

The U.S. dollar index is firmer Friday after hitting a five-week high on Thursday. There has been some perceived safe-haven demand for the greenback as the Euro currency has sunk on the bad economic data issued for the EU late this week, and on the worries about a currency war. The U.S. dollar bears still have the overall near-term technical advantage, but the dollar bulls have gained some upside technical momentum to begin to suggest the dollar index may have put in a market bottom. Meantime, Nymex crude oil futures prices are slightly weaker early Friday but still hovering near a five-month high. The crude oil bulls still have the overall near-term technical advantage. The bullish near-term technical posture in crude oil is an underlying supportive underlying element for the precious metals.

U.S. economic data due for release Friday includes the Empire State manufacturing survey, Treasury international capital data, industrial production and capacity utilization, the University of Michigan consumer sentiment survey, and quarterly e-commerce retail sales.

The London A.M. gold fixing is $1,629.25 versus the previous London P.M. fixing of $1,646.00.

Technically, April gold futures prices are trading well below the key 200-day moving average, which comes in at $1,670.00 area. Prices hit a fresh six-month low overnight, dropping below key technical support levels to produce fresh near-term technical damage. Prices are also set to close at a technically bearish weekly low close Friday.

Prices are in a four-week-old downtrend on the daily bar chart. Bears have the near-term technical advantage and gained fresh downside momentum Friday. The gold bulls’ next upside price breakout objective is to produce a close above solid technical resistance at $1,655.00. Bears' next near-term downside breakout price objective is closing prices below solid technical support at $1,600.00. First resistance is seen at $1,627.90 and then at the overnight high of $1,636.00. First support is seen at $1,610.00 and then at $1,600.00.

March silver futures bears have the near-term technical advantage and gained more downside momentum on Friday. Prices hit a fresh five-week low. Prices are in a three-week-old downtrend on the daily bar chart. Bulls’ next upside price breakout objective is closing prices above solid technical resistance at $31.225 an ounce. The next downside price breakout objective for the bears is closing prices below solid technical support at $29.00. First resistance is seen at $30.25 and then at the overnight high of $30.46. Next support is seen at Friday’s low of $29.91 and then at $29.50.

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