Wednesday, March 13, 2013

बाजार की आरबीआई पर नजर; फार्मा शेयरों से आस:

बजट के बाद रफ्तार पकड़ने वाले भारतीय बाजारों में अब बिकवाली हावी हो रही है। मौजूदा स्तरों पर देखा जा रहा है कि बाजार सीमित दायरे में रहकर गिर रहे हैं। लिहाजा अब दिग्गज जानकार माने रहे हैं कि बाजार को कई मुद्दों पर सफाई की जरूरत है। और बाजार की नजर पूरी तरह आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी पर टिकी हुई है।

बाजार सीमित दायरे में नजर आ रहा है और आगे भी सीमित दायरे में रहने के आसार हैं। बाजार को कई मुद्दों पर सफाई की जरूरत है। खासकर आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी पर बाजार की नजर टिकी हुई है। ऐसे में निफ्टी के 5600-6100 के दायरे में रहने के आसार ज्यादा हैं। साथ ही लंबी अवधि में अर्थव्यवस्था की चाल मजबूत होने पर भी बाजार की नजर टिकी हुई है।

चौथी तिमाही नतीजों से बाजार की आगे की चाल निर्भर करेगी। अर्थव्यवस्था की तस्वीर काफी चिंताजनक नजर आ रही है और हालात में सुधार के लिए अभी समय लगेगा। लिहाजा आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी में ग्रोथ की सुस्ती के कारण दरों में कटौती की गुंजाइश बन रही है और रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती संभव है। फिलहाल महंगाई दर को लेकर ज्यादा चिंता नजर आ रही है।

बाजार की मौजूदा चाल में एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर में शेयरों की चाल देखकर निवेश करने की सलाह है। साथ ही महंगे वैल्यूएशन वाले शेयरों में निवेश से सावधान रहे।

पोर्टफोलियो में आईआरबी इंफ्रा में निवेश रखा जा सकता है। इसके अलावा फाइनेंशियल टेक्नॉलॉजी में खरीदारी की जा सकती है। आगे चलकर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में खरीदारी की जा सकती है। बीपीसीएल, एचपीसीएल, आईओसी में निवेश किया जा सकता है।

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कमोडिटी बाजारः सोना 29500 रु के नीचे:

सोने में मंगलवार की तेजी आज थम गई है। घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेहद सुस्त कारोबार हो रहा है। मंगलवार को यूरो जोन की आर्थिक सेहत को लेकर आई फिक्र की वजह से सोने में थोड़ी तेजी आई थी। फिलहाल सोने में तेजी के लिए कोई बड़ी वजह मौजूद नहीं है।

फिलहाल एमसीएक्स पर सोना 0.1 फीसदी की गिरावट के साथ 29,420 रुपये पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी 0.2 फीसदी टूटकर 54,800 रुपये के करीब आ गई है।

गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की बिकवाली अभी भी हावी है। साथ ही भारत और अमेरिका में सोने के वॉल्यूम में भारी गिरावट दर्ज हुई है। लेकिन चीन में इस साल के पहले 2 महीनों के दौरान सोने के वॉल्यूम में करीब 25 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।

नायमैक्स क्रूड 92 डॉलर के ऊपर पहुंच गया है, जबकि आईसीई पर ब्रेंट क्रूड में गिरावट पर कारोबार हो रहा है। इस बीच घरेलू बाजार में कच्चा तेल दबाव में आ गया है। अमेरिकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट के मुताबिक अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार करीब 14 लाख बैरल घट गया है। फिलहाल एमसीएक्स पर कच्चा तेल 0.25 फीसदी फिसलकर 5,020 रुपये के करीब आ गया है।

बेस मेटल्स में सुस्त कारोबार हो रहा है। आज यूरो जोन के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन के आंकड़े आएंगे। अमेरिका के ट्रेड डेटा पर भी बाजार की नजर है। इन अहम आंकड़ों के आने से पहले कॉपर दबाव में दिख रहा है। हालांकि घरेलू बाजार में कॉपर को छोड़कर सभी मेटल चढ़े हुए हैं। कॉपर 0.2 फीसदी टूटकर 427.50 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है। एल्यूमिनियम, निकेल, लेड और जिंक में 0.1-0.5 फीसदी की मजबूती आई है।

मसालों में आज भारी उठापटक हो रही है। मंगलवार को 4 फीसदी के ऊपरी सर्किट पर बंद होने के बाद आज लाल मिर्च और धनिया में गिरावट आई है। इलायची वायदा पर भी बिकवाली हावी है। लेकिन जीरा और हल्दी में अभी भी बढ़त कायम है।

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रेप्को होमफिन का आईपीओ आज से खुला:

रेप्को बैंक की हाउसिंग फाइनेंस कंपनी रेप्को होम फाइनेंस का आईपीओ आज खुल गया है। इश्यू का प्राइस बैंड 165-172 रुपये है। आईपीओ 15 मार्च को बंद होगा।

आईपीओ के जरिए रेप्को होम फाइनेंस की 270 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। इश्यू के जरिए कंपनी का 25 फीसदी हिस्सा बेचा जाएगा।

रेप्को होम फाइनेंस अपने कर्मचारियों को शेयरों के इश्यू प्राइस पर 16 रुपये की छूट देने वाली है। आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी कैपिटल बेस बढ़ाने के लिए करेगी।

रेप्को होम फाइनेंस के एमडी, आर वरदराजन का कहना है कि एंकर निवेशकों को 172 रुपये के भाव पर शेयर जारी किए गए हैं। एंकर निवेशकों में गोल्डमैन सैक्स, बिड़ला सनलाइफ, रिलायंस कैपिटल शामिल हैं।

आर वरदराजन के मुताबिक कंपनी टीयर-2 शहरों में कारोबार बढ़ाने पर फोकस कर रही है। कंपनी नॉन-सैलरीड वर्ग को कर्ज देती है, इसलिए कंपनी के एनपीए ज्यादा हैं। कंपनी के कॉस्ट ऑफ फंड 9.45 फीसदी हैं।

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ब्रोकरेज हाउसेज ने घटाया जीडीपी अनुमान:

सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद विदेशी ब्रोकरेज हाउसों का भारत की अर्थव्यवस्था पर भरोसा घटा है। मॉर्गन स्टैनली और एचएसबीसी ने वित्त वर्ष 2014 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.25 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी किया है।

एचएसबीसी ने वित्त वर्ष 2013 के लिए भी जीडीपी दर का अनुमान 5.2 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया है। एचएसबीसी का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की रिकवरी में जरूरत से ज्यादा वक्त लग रहा है।

एचएसबीसी को 19 मार्च की आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी बैठक में दरों में 0.25 फीसदी की कटौती की उम्मीद
 है। एचएसबीसी के मुताबिक 2012-13 में महंगाई दर 7.2 फीसदी और 2013-14 में 6.1 फीसदी रह सकती है।

मॉर्गन स्टैनली का भी मानना है कि अर्थव्यव्यस्था में सुधार की रफ्तार काफी धीमी है। हालांकि, रेटिंग एजेंसी मूडीज की सब्सिडियरी मूडीज एनालिटिक्स ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था बुरे दौर से निकल चुकी है।

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सेंसेक्स 202 अंक टूटा, 5851 पर बंद निफ्टी:

कमजोर अंतर्राष्ट्रीय संकेतों की वजह से बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। सेंसेक्स 202 अंक गिरकर 19362 और निफ्टी 63 अंक गिरकर 5851 पर बंद हुए।

बाजार में आई चौतरफा बिकवाली में दिग्गजों के साथ-साथ छोटे और मझौले शेयर भी टूटे। निफ्टी मिडकैप और बीएसई स्मॉलकैप 1.25 फीसदी लुढ़के।

बैंक शेयर 2 फीसदी से ज्यादा टूटे। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो, पीएसयू, आईटी, मेटल, तकनीकी, ऑयल एंड गैस, पावर शेयर 1.5-1 फीसदी लुढ़के।

कैपिटल गुड्स शेयर 0.8 फीसदी और रियल्टी शेयर 0.6 फीसदी गिरे। हेल्थकेयर शेयरों पर भी दबाव रहा। एफएमसीजी शेयर 0.5 फीसदी चढ़कर बंद हुए।

बाजार की चाल

एशियाई बाजारों में गिरावट की वजह से घरेलू बाजारों ने भी कमजोरी के साथ शुरुआत की। निफ्टी 5900 के अहम स्तर के नीचे खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 130 अंक से ज्यादा गिरा।

पूरे कारोबार के दौरान बाजार पर बिकवाली का दबाव जारी रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी कमजोर हुए। यूरोपीय बाजारों में कमजोरी रहने से घरेलू बाजारों का मूड नहीं सुधरा।

कारोबार के आखिरी घंटे में बाजार में गिरावट गहराई और बाजार 1 फीसदी टूटे। सेंसेक्स ने 220 अंक से ज्यादा का गोता लगाया और निफ्टी 5850 के नीचे लुढ़का।

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रिलायंस इंडस्ट्रीज करेगी बड़े पैमाने पर नए निवेश:

देश की सबसे बड़ी प्राइवेट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज टेलीकॉम, रिटेल के साथ ऑयल एंड रिफाइनरी सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश करने वाली है। कंपनी 1 अप्रैल से 5 साल के लिए हर साल टेलीकॉम और रीटेल सेक्टर में 6500 करोड़ रुपये तक का निवेश करेगी।

जानकारों के मुताबिक 5 साल के बाद कंपनी का टेलीकॉम सेक्टर में 13,500 करोड़ रुपये और रिटेल कारोबार में 19,500 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज 1 लाख 51,000 करोड़ रुपये का निवेश ऑयल, गैस और रिफाइनरी सेक्टर में करेगी।

आगे आने वाले समय में रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए नॉन कोर बिजनेस जैसे टेलीकॉम और रिटेल ग्रोथ इंजन साबित हो सकते हैं।

उधर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक बार फिर इराक में एंट्री कर ली है। कंपनी को इराक से मल्टी बिलियन डॉलर का प्रोजेक्ट हाथ लगा है। इराक ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को नसीरिया ऑयल फील्ड के डेवलेपमेंट के साथ 30 हजार बैरल प्रति दिन की क्षमता वाली रिफाइनरी बनाने के लिए चुना है। इसी के साथ फ्रांस की कंपनी टोटल, रूस की लक ऑयल, अमरिका की ब्राउन एनर्जी के साथ 6 दूसरी कंपनियों को भी चुना गया है।

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