Thursday, April 4, 2013

सेंसेक्स 294 अंक टूटा, 5574 पर बंद निफ्टी :

लगातार दूसरे दिन बाजार में भारी गिरावट आई और बाजार 1.5 फीसदी से ज्यादा लुढ़के। निफ्टी 23 नवंबर 2012 के बाद पहली बार 5600 के अहम स्तर के नीचे फिसला।

सेंसेक्स 294 अंक टूटकर 18499 और निफ्टी 99 अंक टूटकर 5574 पर बंद हुए। छोटे और मझौले शेयरों की भी पिटाई हुई। निफ्टी मिडकैप और बीएसई स्मॉलकैप 2 फीसदी लुढ़के।

बाजार की चाल

कमजोर अंतर्राष्ट्रीय संकेतों की वजह से बाजार गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में बाजार में गिरावट बढ़ी और कारोबार के पहले ही घंटे में सेंसेक्स करीब 200 अंक टूटा। निफ्टी 5600 के करीब पहुंचा।

दोपहर के कारोबार तक बाजार में गिरावट का रुझान जारी रहा। एशियाई बाजारों के संभलने से घरेलू बाजार का भी मूड थोड़ा सुधरता हुआ नजर आया। लेकिन, दोपहर 12:30 के बाद बाजार पर बिकवाली हावी हुई।

सेंसेक्स करीब 250 अंक लुढ़का और निफ्टी 5600 के स्तर के नीचे फिसल गया। यूरोपीय बाजारों की मिली-जुली शुरुआत भी घरेलू बाजारों के मूड को नहीं बदल पाई।

कारोबार के आखिरी घंटे में बाजार में गिरावट और गहराई। सेंसेक्स करीब 330 अंक लुढ़का। निफ्टी 5550 के स्तर की ओर बढ़ता नजर आया। छोटे और मझौले शेयर भी टूटे।

For more Information Plz log on to www.rpshares.com


आईजीएल-पीएनजीआरबी मामले की सुनवाई टली :

आईजीएल-पीएनजीआरबी मामले में सुनवाई टल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने गैस कंपनियों की ओर से और समय मांगने के कारण आईजीएल-पीएनजीआरबी मामले की सुनवाई 16 अप्रैल तक के लिए टाल दी है।

माना जा रहा था कि इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में आईजीएल के पक्ष में फैसला सुनाया है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को पीएनजीआरबी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस खबर के बाद आईजीएल के शेयरों में 3 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है।

वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर गुजरात गैस के कारोबार पर भी देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि सुनवाई टलने की खबर से गुजरात गैस के शेयरों में आई मजबूती कम हो गई है।

For more Information Plz log on to www.rpshares.com


8 रु प्रति बोरी बढ़ेंगे दामः जेके लक्ष्मी सीमेंट :

जेके लक्ष्मी सीमेंट के व्होलटाइम डायरेक्टर शैलेंद्र चोकसी का कहना है कि रेलवे के मालभाडे़ में बढ़त के कारण कंपनी को दाम बढ़ाने पडेंगे। रेलवे का माल भाडा महंगा होने से कंपनी की लागत प्रति बोरी 4-5 रुपये तक बढ़ गई है। इसके अलावा पिछले महीने डीजल की कीमतें बढ़ने का भी कंपनी पर असर पड़ेगा। लिहाजा कुल मिलाकर कंपनी सीमेंट के दाम 8 रुपये प्रति बोरी तक बढ़ाएगी।

रेलवे बजट में माल भाड़े में बढ़ोतरी से कंपनी के ऊपर 5 फीसदी का भार पड़ा है जिसे ग्राहकों पर डाला जाएगा। कंपनी के सीमेंट की 50 फीसदी ढुलाई रेलवे से होती है।

पिछले दिनों कंपनी को सुस्त मांग, लागत में बढ़ोतरी, कीमतों में मंदी और मांग में कमी से जूझना पड़ा था जिसके चलते कंपनी के कारोबार पर दबाव देखा गया था। हालांकि पिछले 9 महीनों में कंपनी की बिक्री 8 फीसदी बढ़ी है और 2013 के पहले 2 महीने में बिक्री 3 फीसदी बढ़ी है। पिछले 9 महीनों में कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन 21-22 फीसदी रहे हैं।

For more Information Plz log on to www.rpshares.com


भारती एयरटेल को झटका, बंद होगी 3जी सेवा :

कानूनी सूत्रों से खबर मिली है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने भारती एयरटेल के 3जी रोमिंग मामले में डिविजन बेंच के स्टे ऑर्डर को रद्द किया है।

सूत्रों के मुताबिक अब भारती एयरटेल को 3जी रोमिंग सेवाएं बंद करने होंगी। साथ ही, कंपनी को टेलिकॉम विभाग को 350 करोड़ रुपये के जुर्माना भी देना होगा।

भारती एयरटेल, आइडिया सेल्यूलर और वोडाफोन के बीच 3जी रोमिंग सेवा के लिए करार है। करार के तहत कंपनियां जिन सर्किल में लाइसेंस नहीं, उन सर्किल में भी 3जी सेवाएं अपने ग्राहकों को देती है।

टेलिकॉम विभाग पहले ही 3जी इंटर सर्किल रोमिंग करार को अवैध घोषित कर चुका है। साथ ही, तीनों कंपनियों को 3जी रोमिंग सेवाएं बंद करने का निर्देश दिया है।

For more Information Plz log on to www.rpshares.com


सेंसेक्स 230 अंक नीचे, मिडकैप शेयर टूटे :

बाजार का मूड सुधरता हुआ नहीं दिख रहा है और बाजार दिन के निचले स्तरों के करीब बने हुए हैं। दोपहर 2:25 बजे, सेंसेक्स 231 अंक गिरकर 18570 और निफ्टी 80 अंक गिरकर 5593 के स्तर पर है। छोटे-मझौले शेयर 2 फीसदी टूटे हैं।

रियल्टी, आईटी, तकनीकी शेयरों में 3-2 फीसदी गिरावट है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, बैंक, कैपिटल गुड्स, पावर, एफएमसीजी, मेटल शेयर 1.75-1 फीसदी टूटे हैं। ऑयल एंड गैस, हेल्थकेयर, ऑटो शेयर 0.4-0.2 फीसदी कमजोर हैं। पीएसयू शेयर सुस्त हैं।

निफ्टी शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट, जेपी एसोसिएट्स, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, डीएलएफ, सेसा गोवा, जिंदल स्टील, इंफोसिस, रिलायंस इंफ्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा, कोटक महिंद्रा बैंक 5-2.5 फीसदी लुढ़के हैं।


दिल्ली हाई कोर्ट के डिविजन बेंच के स्टे ऑर्डर को रद्द करने से भारती एयरटेल के शेयरों में 1.25 फीसदी की गिरावट है।

दिग्गजों में बायबैक की खबरों से कोल इंडिया 4 फीसदी चढ़ा है। डॉ रेड्डीज, एचयूएल, ओएनजीसी, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, एनएमडीसी, आईडीएफसी, टाटा मोटर्स 2.5-0.5 फीसदी मजबूत हैं।

निफ्टी मिडकैप में जैन इरिगेशन, ऑप्टो सर्किट्स, रिलायंस कैपिटल, पैंटालून रिटेल, एचडीआईएल, टाटा केमिकल, अदानी एंटरप्राइसेज, कर्नाटक बैंक 6-3 फीसदी टूटे हैं। बीएसई स्मॉलकैप में सुप्रीम इंफ्रा, एस मोबिलिटी 8 फीसदी लुढ़के हैं।

For more Information Plz log on to www.rpshares.com



स्टॉक टॉक: किन शेयरों में मिलेगा बढ़िया रिटर्न :

एफआईआई बिकवाली और राजनीतिक अनिश्चितता बाजार में गिरावट का बड़ा कारण बना है। अब ऐसे में कैसा होगा बाजार का आगे का रुख और किन शेयरों में लंबे वक्त के लिए पैसा लगाकर आपको मिल सकता हैं जोरदार रिटर्न। 

एफआईआई की बिकवाली के चलते बाजार में कमजोरी नजर आ रही है। एफआईआई की खरीद के कारण बाजार को सपोर्ट मिलता था लेकिन अब वो सपोर्ट नहीं दिख रहा है। साथ ही राजनीतिक अस्थिरता से भी बाजार पर दबाव बना हुआ है।

रेट सेंसिटिव शेयरों मे और कमजोरी आना बाकी है। आगे चलकर दरों कटौती होगी इस उम्मीद से निवेशकों ने रेट सेंसिटिव शेयरों में खरीदारी की थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अगर आरबीआई रेपो रेट के साथ-साथ सीआरआर में भी कटौती करती तो उसका रेट सेंसिटिव शेयरों को फायदा हो सकता था। अब आगे जाकर दरों में तेजी से कटौती होने की उम्मीद नहीं है और इस वजह से ऑटो और बैंकिंग शेयरों में और गिरावट आ सकती है। पावर सेक्टर पर सकारात्मक नजरिया रखा जा सकता है। मौजूदा निवेशक पावर शेयरों में बने रह सकते हैं और गिरावट आने पर खरीदारी भी कर सकते हैं। 

फार्मा कंपनियों के मुकाबले सिप्ला में काफी सुरक्षित निवेश हो सकता है। सिप्ला का डाइवर्सिफाइड बिजनेस है। कंपनी में 50 फीसदी बिजनेस एक्सपोर्ट्स से और 50 फीसदी घरेलू बाजार से आता है। कंपनी को इंदौर सेज की क्षमता में बढ़ोतरी से बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी दक्षिण अफ्रीका की कंपनी मेडप्रो को 2700 करोड़ रुपये में खरीद सकती है। दक्षिण अफ्रीकी मेडप्रो के अधिग्रहण से कंपनी वहां के बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ा सकती है। निवेशक शेयर में मौजूदा स्तरों पर थोड़ी खरीदारी कर सकते हैं। बाकी निवेश शेयर में गिरावट आने पर 335-340 रुपये के स्तर पर कर सकते हैं। 

डाबर इंडिया एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी है जिसके 250 से ज्यादा प्रोडक्ट है। फिलहाल कंपनी का शेयर वित्त वर्ष 2014 की अनुमानित ईपीएस 5.2 रुपये से 28 गुना पर मौजूदा है। निवेशकों को डाबर इंडिया में धीरे-धीरे गिरावट पर खरीदारी करनी चाहिए। शेयर गिरावट पर 125 रुपये तक उससे नीचे जाता है तो निवेश किया जा सकता है। शेयर में 20 फीसदी तक का रिटर्न मिल सकता है। 

मौजूदा निवेशकों को अदानी पावर और श्री रेणुका शुगर्स में बने रहना चाहिए। डीकंट्रोल की खबर आने पर श्री रेणुका शुगर्स में अच्छा उछाल दिख सकता है। निवेशकों को अदानी पावर और श्री रेणुका शुगर्स में बढ़त मिलने पर निकल जाना चाहिए। 

For more Information Plz log on to www.rpshares.com


दाम बढ़ने से टैक्स बोझ कम होगा: डिश टीवी :

डिश टीवी ने आज से पैक के दाम 10 फीसदी बढ़ाए हैं। डीटीएज की कीमतों में बढ़ोतरी पूरे देश में लागू होगी।

डिश टीवी के एमडी, जवाहर गोयल का कहना है कि सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी की वजह से पैक की कीमतें बढ़ाई गई हैं। सर्विस टैक्स 12 फीसदी बढ़ा है, जबकि पैक सिर्फ 10 फीसदी महंगा किया गया है।

जवाहर गोयल के मुताबिक कस्टम ड्यूटी बढ़ने की वजह से सेट टॉप बॉक्स की कीमतें बढ़ी हैं। दाम बढ़ने से कंपनी पर टैक्स बढ़ोतरी का बोझ कम होगा।

31 मार्च 2013 को डिजिटाइजेशन का फेस 2 खत्म हो चुका है। जवाहर गोयल का कहना है कि फेस 2 का कंपनी के कारोबार पर कितना असर होगा, इसका अंदाजा अभी लगाना मुश्किल है।

For more Information Plz log on to www.rpshares.com


हेक्सावेयर ने किया 3 करोड़ डॉलर का करार :

क्या म्यूचुअल फंडों ने शेयर पर दांव लगाया है?
हेक्सावेयर ने 3 साल के लिए अमेरिकी कंपनी के साथ करार किया है। कंपनी को उम्मीद है कि करार से 3 करोड़ डॉलर का राजस्व मिलेगा।

हेक्सावेयर ने अपने पुराने ग्राहक के साथ ही करार किया है। खबर के बाद हेक्सावेयर के शेयरों में 1.25 फीसदी की तेजी आई है।

हेक्सावेयर के चेयरमैन, अतुल निशार का कहना है कि करार का मार्जिन पर सकारात्मक असर दिखने की उम्मीद है।

अतुल निशार के मुताबिक अमेरिका में हालत सुधरे हैं और अमेरिकी ग्राहक ज्यादा निवेश करने की योजना बना रहे हैं। इसका असर जुलाई के बाद दिखाई देगा।

हेक्सावेयर को उम्मीद है कि जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी के एबिटडा में 1.5-2 फीसदी की बढ़त दिख सकती है।

For more Information Plz log on to www.rpshares.com


कारोबार, बाजार के मुताबिक हो शिक्षाः राहुल गांधी :

सीआईआई की सालाना बैठक में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने देश की शिक्षा पद्धति को दुरुस्त करने की वकालत की है। राहुल गांधी के मुताबिक देश की शिक्षा पद्धति पुरानी पड़ चुकी है, जो समय के मुताबिक नहीं है। लिहाजा बिजनेस और बाजार की जरूरत के मुताबिक शिक्षा पद्धति को अमल में लाना चाहिए। लोगों को नौकरियां देने और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर देने में कॉरपोरेट को मदद करनी होगी।

राहुल गांधी का कहना है कि भारत में नई सोच और सपनों के उड़ान की कमी नहीं है। भारत बहुत बदल गया है और देश को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता है। देश के युवा नए विचारों और सपनों को हकीकत बनाने का दम रखते हैं।

राहुल गांधी का मानना है कि लोगों का अलग-थलग पड़ना खतरनाक साबित हो सकता है। लिहाजा तरक्की में सबको भागीदार बनाना जरूरी है। साथ ही महिलाओं के बिना तरक्की की बात नहीं हो सकती है। छोटे-छोटे सुधारों से काम नहीं चलेगा और क्रांतिकारी बदलाव की जरूरत है।

For more Information Plz log on to www.rpshares.com


कमोडिटी बाजारः कच्चा तेल 0.5% फिसला :

घरेलू बाजार में कच्चे तेल में जोरदार गिरावट दिख रही है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल 5,200 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है। कच्चा तेल 0.5 फीसदी फिसलकर 5,175 रुपये पर आ गया है। वहीं नायमैक्स पर कच्चा तेल सुस्ती के साथ 94.4 डॉलर पर कारोबार कर रहा है।

दरअसल अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार बढ़कर 23 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इसी वजह से नायमैक्स पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। नेचुरल गैस में भी गिरावट आई है और ये 215 रुपये के नीचे आ गया है।

कॉमैक्स पर सोने का भाव 10 महीने के निचले स्तर पर आ गया है। कोरिया को लेकर तनाव बढ़ने और तेजी की कोई खास वजह दिखाई न देने से सोने में बिकवाली बढ़ गई है। गोल्ड फंडों में से भी निवेशक अपना पैसा निकाल रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड फंड एसपीडीआर गोल्ड की होल्डिंग गिरकर 7 महीने के निचले स्तर पर आ गई है।

हालांकि घरेलू बाजार की बात करें तो डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी से एमसीएक्स पर सोना और चांदी में हल्की बढ़त दिख रही है। एमसीएक्स पर सोना 0.1 फीसदी चढ़कर 28,860 रुपये पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी करीब 0.5 फीसदी की उछाल के साथ 50,950 रुपये के कारोबार कर रही है।

मांग घटने के अनुमान से लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर का भाव 8 महीने के निचले स्तर पर आ गया है। घरेलू बाजार में कॉपर 400 रुपये के पास कारोबार कर रहा है। एमसीएक्स पर कॉपर 0.2 फीसदी की गिरावट के साथ 402.50 रुपये पर कारोबार कर रहा है। निकेल में 0.1 फीसदी और जिंक में 0.15 फीसदी की कमजोरी आई है। एल्यूमिनियम और लेड में सुस्ती दिख रही है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बावजूद घरेलू बाजार में सोयाबीन में तेजी आई है। एनसीडीईएक्स पर सोयाबीन का अप्रैल वायदा 3,800 रुपये के पार पहुंच गया है। लेकिन सीबॉट पर सोयाबीन 14 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है।

For more Information Plz log on to www.rpshares.com


Sensex 15000 ?

Over the past 2 years, we have sounded like a broken record with our theme that earnings is likely to be downgraded. Unfortunately, we were right, with FY13 Sensex EPS likely to come in below Rs1200, nearly 10% lower
than the bottomup number a year ago. Sadly, we continue with the same theme – we expect FY14 Sensex EPS to be downgraded below Rs1300, for growth of under 10%, vs.
current bottom-up growth of 17%. For the bulls, the only good news is that we think FY14 EPS growth, at 8-9%, will be higher than the 5% we will get for FY13.
The other good news is that, for long-term investors, we are probably close to the bottom of the earnings cycle, though FY14 is unlikely to be the year of recovery.
What will drive FY14 EPS downgrades?
We think 2 factors will lead to downgrades in FY14:
1. Concentration risk: 2 sectors (financials and energy) account for half of the profit growth in FY14. Similarly, 5 stocks (ONGC, ICICI Bank, HDFC Bank,State Bank, Tata Steel) account for nearly half of the profit growth.
2. Delay in recovery: Analysts are, as in FY13, being too optimistic about a recovery in the economy on the back of a sustained fall in interest rates. So far, rate cuts have been slow and we think sales growth in FY14 will continue to be weak. Hence, the expected recovery in margins may disappoint.
Which sectors will lead earnings downgrades?
The majority of the downgrades over the past year has come from cyclical sectors like autos, metals, telecom and industrials. On the other hand, financials, pharma and consumers have seen some upgrades. Among the companies that led to the bulk of the downgrades in both FY13/14 are Tata Motors, Tata Steel and Bharti.
For FY14, analysts are building an increase in sales growth as well as margins in energy, metals and some of the auto companies. We think these sectors are likely vulnerable to downgrades.
Long term: are we close to bottom of the cycle earnings?
While FY14 is unlikely to see a recovery in earnings, we expect some mean reversion over the next few years. Just to put this in perspective, the weakest spell of EPS growth over a 5-year period was between FY97 to FY01, when EPS grew 5%. However, over next 7 years, EPS growth averaged 22%. The 5-year period to FY13 has averaged 8.8% EPS growth. It is worth remembering that: 

For more Information Plz log on to www.rpshares.com