शेयर बाजार के लिए आज नई सीरीज का पहला दिन था लेकिन कहीं से कोई जोश नहीं दिखा। बल्कि कई दिनों की तेजी के बाद बाजार में आज थकावट हावी हो गई। बाजार आज 0.5 फीसदी से ज्यादा फिसल गए। हालांकि इस हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी ने करीब 1.5 फीसदी की ऊंचाई चढ़ी है।
मारुति सुजुकी के अच्छे नतीजों ने आज सिर्फ ऑटो इंडेक्स को थोड़ा चढ़ाया है नहीं तो बाकी हर तरफ गिरावट ही थी। साथ ही कैपिटल गुड्स कंपनियों के शेयरों में थोड़ी बहुत खरीदारी देखने को मिली। हालांकि रियल्टी, ऑयल एंड गैस, आईटी, बैंक, मेटल और पावर शेयरों की सबसे ज्यादा पिटाई हुई। आज के कारोबार में दिग्गजों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की भी पिटाई हुई है।
आज के कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 120 अंक यानि 0.6 फीसदी की गिरावट के साथ 19,286.7 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 45 अंक यानि 0.75 फीसदी की कमजोरी के साथ 5,871.50 पर बंद हुआ।
आज के कारोबार में एचसीएल टेक, जिंदल स्टील, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचयूएल, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, रिलायंस इंफ्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, सन फार्मा, इंडसइंड बैंक, बीएचईएल, एसबीआई, जेपी एसोसिएट्स, आईडीएफसी, ग्रासिम, बैंक ऑफ बड़ौदा, डीएलएफ, पीएनबी, एनएमडीसी, अंबुजा सीमेंट और एक्सिस बैंक जैसे दिग्गज शेयर 5.2-1 फीसदी टूटकर बंद हुए। वहीं मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, बजाज ऑटो, गेल, एचडीएफसी, टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स, एलएंडटी, हिंडाल्को, कोटक महिंद्रा बैंक, सिप्ला, कोल इंडिया, केर्न और टाटा पावर जैसे दिग्गज शेयर 5.2-0.5 फीसदी चढ़कर बंद हुए।
आज के कारोबार में मिडकैप शेयरों में डेल्टा कॉर्प, यूनिटेक, एचडीआईएल, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और पुंज लॉयड सबसे ज्यादा 10-5.2 फीसदी लुढ़ककर बंद हुए। वहीं स्मॉलकैप शेयरों में कामा होल्डिंग्स, फेम इंडिया, भंसाली इंजीनियरिंग, श्री राम अर्बन और पीआई इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा 19.4-8 फीसदी लुढ़ककर बंद हुए।
पूरे हफ्ते भर के कारोबार की बात करें तो मारुति सुजुकी में 10 फीसदी, कोटक महिंद्रा बैंक में 7 फीसदी, एचडीएफसी में 6.7 फीसदी, भारती एयरटेल और कोल इंडिया में 6.4 फीसदी की मजबूती देखने को मिली है। हीरो मोटोकॉर्प में 6.3 फीसदी, एनटीपीसी में 6.2 फीसदी, बजाज ऑटो में 6 फीसदी, हिंडाल्को में 5.6 फीसदी, गेल में 5.5 फीसदी और टाटा मोटर्स में 5.2 फीसदी की मजबूती रही। हालांकि पूरे हफ्ते भर में एचसीएल टेक 7.2 फीसदी, जेएसपीएल 7 फीसदी, टीसीएस 6 फीसदी, इंफोसिस, डीएलएफ और एचयूएल 3.6 फीसदी टूट गए।
पूरे हफ्ते भर में मिडकैप शेयरों में स्पाइसजेट 24 फीसदी, इंडियाबुल्स रियल एस्टेट 16.5 फीसदी, जेट एयरवेज 19 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेशियल 13 फीसदी, यूनाइटेड फॉस्फोरस 10.2 फीसदी और गोदरेज कंज्यूमर 9 फीसदी चढ़ने में कामयाब हुए हैं। हालांकि पूरे हफ्ते भर में मिडकैप शेयरों में डेल्टा कॉर्प 13 फीसदी, अरविंद 8.5 फीसदी, हेक्सावेयर 5.2 फीसदी और जीएमआर इंफ्रा 5 फीसदी कमजोर हुए हैं।
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Friday, April 26, 2013
कमोडिटी बाजारः कॉपर करीब 1% लुढ़का :
कॉपर आज फिर से दबाव मे आ गया है। एमसीएक्स पर कॉपर में करीब 1 फीसदी की गिरावट पर कारोबार हो रहा है। ऊंची कीमतों पर मांग घटने और सप्लाई बढ़ने से कॉपर पर दबाव बढ़ता जा रहा है। आज लंदन मेटल एक्सचेंज के वेयरहाउस में कॉपर का स्टॉक बढ़कर 6.10 लाख टन के स्तर पर पहुंच गया है। इस बीच क्रेडिट सुईस ने कॉपर पर अपना अनुमान घटा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल मार्केट में कॉपर का भाव करीब 6,000 डॉलर तक लुढ़क सकता है।
फिलहाल एमसीएक्स पर कॉपर करीब 1 फीसदी की कमजोरी के साथ 385.5 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं एल्यूमिनियम में 0.2 फीसदी, निकेल में 0.1 फीसदी, लेड में 0.5 फीसदी और जिंक में 0.6 फीसदी की कमजोरी आई है।
इस बीच सोने की शुरुआती तेजी खत्म हो गई है। एमसीएक्स पर सोना 0.4 फीसदी की बढ़त के साथ 27,150 रुपये पर कारोबार कर रहा है। वहीं कॉमैक्स पर सोना 1470 डॉलर के पास कारोबार कर रहा है। चांदी पर भी दबाव बढ़ गया है। एमसीएक्स पर चांदी 0.15 फीसदी की कमजोरी के साथ 45,110 रुपये पर कारोबार कर रही है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल 0.1 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 5,060 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है।
सोयाबीन में तेजी से सरसों की कीमतों को भी सहारा मिला है। मंडियों में नई फसल की आवक के बावजूद एनसीडीईएक्स पर सरसों 1.5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ 3,530 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। एनसीडीईएक्स पर सोयाबीन में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त आई है। हालांकि एनसीडीईएक्स पर कपास खली और मक्के में करीब 1 फीसदी की कमजोरी आई है।
निकेल एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : खरीदें - 827, स्टॉपलॉस - 815 और लक्ष्य - 845
नेचुरल गैस एमसीएक्स (मई वायदा) : बेचें - 232, स्टॉपलॉस - 236 और लक्ष्य - 223/220
सरसों एनसीडीईएक्स (मई वायदा) : खरीदें - 3530, स्टॉपलॉस - 3490 और लक्ष्य - 3475/3478
सोयातेल एनसीडीईएक्स (मई वायदा) : खरीदें - 721, स्टॉपलॉस - 716.5 और लक्ष्य - 725.5/726
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फिलहाल एमसीएक्स पर कॉपर करीब 1 फीसदी की कमजोरी के साथ 385.5 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं एल्यूमिनियम में 0.2 फीसदी, निकेल में 0.1 फीसदी, लेड में 0.5 फीसदी और जिंक में 0.6 फीसदी की कमजोरी आई है।
इस बीच सोने की शुरुआती तेजी खत्म हो गई है। एमसीएक्स पर सोना 0.4 फीसदी की बढ़त के साथ 27,150 रुपये पर कारोबार कर रहा है। वहीं कॉमैक्स पर सोना 1470 डॉलर के पास कारोबार कर रहा है। चांदी पर भी दबाव बढ़ गया है। एमसीएक्स पर चांदी 0.15 फीसदी की कमजोरी के साथ 45,110 रुपये पर कारोबार कर रही है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल 0.1 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 5,060 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है।
सोयाबीन में तेजी से सरसों की कीमतों को भी सहारा मिला है। मंडियों में नई फसल की आवक के बावजूद एनसीडीईएक्स पर सरसों 1.5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ 3,530 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। एनसीडीईएक्स पर सोयाबीन में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त आई है। हालांकि एनसीडीईएक्स पर कपास खली और मक्के में करीब 1 फीसदी की कमजोरी आई है।
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नेचुरल गैस एमसीएक्स (मई वायदा) : बेचें - 232, स्टॉपलॉस - 236 और लक्ष्य - 223/220
सरसों एनसीडीईएक्स (मई वायदा) : खरीदें - 3530, स्टॉपलॉस - 3490 और लक्ष्य - 3475/3478
सोयातेल एनसीडीईएक्स (मई वायदा) : खरीदें - 721, स्टॉपलॉस - 716.5 और लक्ष्य - 725.5/726
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सीमेंस के मुनाफे में 90.1% की गिरावट :
साल 2013 की जनवरी-मार्च (दूसरी) तिमाही में सीमेंस का मुनाफा 90.1 फीसदी घटकर 30 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले साल की दूसरी तिमाही में सीमेंस का मुनाफा 304 करोड़ रुपये रहा था। सीमेंस का कहना है कि आय और खर्चों के अनुमान की दोबारा समीक्षा में 90 करोड़ रुपये मुनाफा कम हुआ है।
साल 2013 की जनवरी-मार्च (दूसरी) तिमाही में सीमेंस की बिक्री 27 फीसदी घटकर 2,908 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की दूसरी तिमाही में सीमेंस की बिक्री 3,988 करोड़ रुपये रही थी।
साल दर साल आधार पर दूसरी तिमाही में सीमेंस का एबिटडा 544.4 करोड़ रुपये से घटकर 75.3 करोड़ रुपये रहा। सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में सीमेंस का एबिटडा मार्जिन 13.6 फीसदी से घटकर 2.6 फीसदी रहा।
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साल 2013 की जनवरी-मार्च (दूसरी) तिमाही में सीमेंस की बिक्री 27 फीसदी घटकर 2,908 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की दूसरी तिमाही में सीमेंस की बिक्री 3,988 करोड़ रुपये रही थी।
साल दर साल आधार पर दूसरी तिमाही में सीमेंस का एबिटडा 544.4 करोड़ रुपये से घटकर 75.3 करोड़ रुपये रहा। सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में सीमेंस का एबिटडा मार्जिन 13.6 फीसदी से घटकर 2.6 फीसदी रहा।
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विजया बैंक के मुनाफे में 23.7% की बढ़ोतरी :
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में विजया बैंक का मुनाफा 23.7 फीसदी बढ़कर 224 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में विजया बैंक का मुनाफा 181 करोड़ रुपये रहा था। चौथी तिमाही में विजया बैंक को 41 करोड़ रुपये का टैक्स राइटबैक मिला है।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में विजया बैंक की ब्याज आय 5 फीसदी बढ़कर 517.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में विजया बैंक की ब्याज आय 492.5 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में विजया बैंक के नेट एनपीए 1.71 फीसदी से घटकर 1.30 फीसदी रहे। चौथी तिमाही में विजया बैंक के ग्रॉस एनपीए 2.91 फीसदी से घटकर 2.17 फीसदी रहे।
तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में विजया बैंक का कैपिटल एडेक्वेसी रेश्यो 11.78 फीसदी से घटकर 11.32 फीसदी रहा। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में विजया बैंक ने 102.7 करोड़ रुपये के मुकाबले 205.3 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की है। 31 मार्च 2013 के अंत तक विजया बैंक का प्रोविजन कवरेज रेश्यो 68.31 फीसदी रहा।
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वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में विजया बैंक की ब्याज आय 5 फीसदी बढ़कर 517.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में विजया बैंक की ब्याज आय 492.5 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में विजया बैंक के नेट एनपीए 1.71 फीसदी से घटकर 1.30 फीसदी रहे। चौथी तिमाही में विजया बैंक के ग्रॉस एनपीए 2.91 फीसदी से घटकर 2.17 फीसदी रहे।
तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में विजया बैंक का कैपिटल एडेक्वेसी रेश्यो 11.78 फीसदी से घटकर 11.32 फीसदी रहा। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में विजया बैंक ने 102.7 करोड़ रुपये के मुकाबले 205.3 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की है। 31 मार्च 2013 के अंत तक विजया बैंक का प्रोविजन कवरेज रेश्यो 68.31 फीसदी रहा।
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एचएसबीसी पर आयकर विभाग का शिकंजाः
आयकर विभाग ने एचएसबीसी के विदेशी खातों की जांच तेजी कर दी है। सीएनबीसी आवाज़ को एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है कि करीब 250 लोगों और कंपनियों को टैक्स नोटिस भेजा गया है। आयकर विभाग के इंवेस्टिगेशन विंग की जांच पूरी हो गई है। अब सारे मामले आयकर विभाग के एसेसमेंट विभाग को सौंपे गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि देशभर में 700 लोगों और कंपनियों के खाते एचएसबीसी की विदेशी शाखा में होने का आरोप था। लिहाजा आयकर विभाग ने कई बड़े कॉरपोरेट, कंपनियों और फिल्मी सितारों को नोटिस जारी की है। कुछ नेताओं के नाम भी नोटिस जारी हुआ है।
हालांकि सूत्रों की मानें तो जांच के बाद ही साफ होगा कि इनमें से कितने खातों में ब्लैक मनी थी या है। मनी लॉन्डरिंग के आरोप जांच के बाद ही साबित होंगे। यहां गौर करने वाली बात ये है कि ऐसा जरूरी नहीं कि जिनको नोटिस मिला वो सभी गुनहगार हैं।
सूत्रों ने बताया कि संसद की स्थायी समिति ने एचएसबीसी के विदेशी खातों की जांच की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई थी। संसद के स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत सिन्हा ने आयकर विभाग से जांच को लेकर सफाई भी मांगी है।
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सूत्रों का कहना है कि देशभर में 700 लोगों और कंपनियों के खाते एचएसबीसी की विदेशी शाखा में होने का आरोप था। लिहाजा आयकर विभाग ने कई बड़े कॉरपोरेट, कंपनियों और फिल्मी सितारों को नोटिस जारी की है। कुछ नेताओं के नाम भी नोटिस जारी हुआ है।
हालांकि सूत्रों की मानें तो जांच के बाद ही साफ होगा कि इनमें से कितने खातों में ब्लैक मनी थी या है। मनी लॉन्डरिंग के आरोप जांच के बाद ही साबित होंगे। यहां गौर करने वाली बात ये है कि ऐसा जरूरी नहीं कि जिनको नोटिस मिला वो सभी गुनहगार हैं।
सूत्रों ने बताया कि संसद की स्थायी समिति ने एचएसबीसी के विदेशी खातों की जांच की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई थी। संसद के स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत सिन्हा ने आयकर विभाग से जांच को लेकर सफाई भी मांगी है।
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एलआईसी हाउसिंग का मुनाफा 24.4% बढ़ा :
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस का मुनाफा 24.4 फीसदी बढ़कर 316 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस का मुनाफा 254 करोड़ रुपये रहा था।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस की ब्याज आय 24.3 फीसदी बढ़कर 461 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस की ब्याज आय 370.8 करोड़ रुपये रही थी।
साल दर साल आधार पर चौथी तिमाही में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस की आय 1,662 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,055 करोड़ रुपये रही।
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वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस की ब्याज आय 24.3 फीसदी बढ़कर 461 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस की ब्याज आय 370.8 करोड़ रुपये रही थी।
साल दर साल आधार पर चौथी तिमाही में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस की आय 1,662 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,055 करोड़ रुपये रही।
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एयर एशियाः भारतीय आसमान में मचेगा तहलका :
टाटा संस के साथ भारत आ रही मलेशिया की मशहूर एयरलाइंस एयर एशिया लॉन्च के साथ ही भारत के आसमान में तहलका मचाने की तैयारी कर रही है। एयर एशिया के सीईओ टोनी फर्नांडीस का कहना है कि एयर एशिया ऐसी चीजें करेगी जो भारत में पहले कभी नहीं हुई। कंपनी मौजूदा एयरलाइंस को कड़ी टक्कर देगी और नए तरीके अपनाएगी।
एयर एशिया बड़े एयरपोर्ट छोड़कर छोटे एयरपोर्ट्स से उड़ान भर सकती है। कंपनी की उडानों के किराए इतने कम होंगे जो अब तक किसी ने सोचे भी नहीं हैं। साथ ही एयर एशिया दूर दराज के एयरपोर्ट्स और राज्य सरकारों से करार कर डिस्काउंट ले सकती है।
माना जा रहा है कि एक बार एयर एशिया का दबदबा बन गया तो बड़े एयरपोर्ट्स पर लो कॉस्ट टर्मिनल बनाने का दबाव बनेगा। लॉन्च के साथ ही एयर एशिया भारत में एक नई प्राइस वार छेड़ सकता है।
एयर एशिया के मुताबिक भारत में लो कॉस्ट कैरियर्स की नाकामी की वजह उम्मीदें पूरी न करना है और एविएशन के धंधे में अहंकार की लड़ाई बहुत ज्यादा है। कंपनी को भारत में मुकाबले की चिंता नहीं क्योंकि एयर एशिया दुनिया की सबसे किफायती एयरलाइंस है और अभी तक 17 फीसदी मुनाफा कमाती है
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एयर एशिया बड़े एयरपोर्ट छोड़कर छोटे एयरपोर्ट्स से उड़ान भर सकती है। कंपनी की उडानों के किराए इतने कम होंगे जो अब तक किसी ने सोचे भी नहीं हैं। साथ ही एयर एशिया दूर दराज के एयरपोर्ट्स और राज्य सरकारों से करार कर डिस्काउंट ले सकती है।
माना जा रहा है कि एक बार एयर एशिया का दबदबा बन गया तो बड़े एयरपोर्ट्स पर लो कॉस्ट टर्मिनल बनाने का दबाव बनेगा। लॉन्च के साथ ही एयर एशिया भारत में एक नई प्राइस वार छेड़ सकता है।
एयर एशिया के मुताबिक भारत में लो कॉस्ट कैरियर्स की नाकामी की वजह उम्मीदें पूरी न करना है और एविएशन के धंधे में अहंकार की लड़ाई बहुत ज्यादा है। कंपनी को भारत में मुकाबले की चिंता नहीं क्योंकि एयर एशिया दुनिया की सबसे किफायती एयरलाइंस है और अभी तक 17 फीसदी मुनाफा कमाती है
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सोना 30% टूटेगा, 1000 डॉलर का स्तर संभव :
यूरोप के बड़े बैंकों में से एक एबीएन एमरो ने भी सोने और चांदी पर अपना अनुमान घटा दिया है। एबीएन एमरो बैंक के मुताबिक अगले साल के अंत तक ग्लोबल मार्केट में सोने का दाम 1,000 डॉलर तक गिर सकता है। यानि मौजूदा स्तर से सोने में करीब 30 फीसदी की गिरावट आ सकती है।
सोना ही नहीं चांदी में भी भारी गिरावट आ सकती है। एबीएन एमरो बैंक के मुताबिक चांदी के इसी साल जून तक 20 डॉलर तक गिरने का अनुमान है। यानि अगले 2 महीने में चांदी मौजूदा स्तर से करीब 15 फीसदी तक लुढ़क सकती है।
गौर करने वाली बात ये है कि इसी महीने गोल्डमैन सैक्स ने सोने पर अपना अनुमान घटाया था। इसके ठीक 1.5 हफ्ते बाद एबीएन एमरो ने भी अपने अनुमान में भारी कटौती की है।
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सोना ही नहीं चांदी में भी भारी गिरावट आ सकती है। एबीएन एमरो बैंक के मुताबिक चांदी के इसी साल जून तक 20 डॉलर तक गिरने का अनुमान है। यानि अगले 2 महीने में चांदी मौजूदा स्तर से करीब 15 फीसदी तक लुढ़क सकती है।
गौर करने वाली बात ये है कि इसी महीने गोल्डमैन सैक्स ने सोने पर अपना अनुमान घटाया था। इसके ठीक 1.5 हफ्ते बाद एबीएन एमरो ने भी अपने अनुमान में भारी कटौती की है।
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कोयला घोटाले पर सरकार हर तरफ से घिरी :
कोयला घोटाले पर सरकार हर तरफ से घिर गई है। सीबीआई ने कोयला घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट को हलफनामा सौंपा है जिसमें सीबीआई ने माना है कि कानून मंत्री के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय के 2 और अधिकारियों ने कोयला घोटाले की ड्राफ्ट रिपोर्ट देखी थी।
सीबीआई के सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा सौंपने के बाद कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने इस मामले पर प्रधानमंत्री से मुलाकात भी की। हालांकि कानून मंत्री ने बैठक से जुड़ी कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।
सीबीआई के मुताबिक कानून मंत्री के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव और कोयला मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी ड्राफ्ट रिपोर्ट देखी थी। इस खबर के बाद सरकार को बड़ा झटका लगा है। मामले पर चर्चा के लिए सरकार ने कोर ग्रुप की बैठक बुलाई थी। बैठक में शरद पवार, फारुख अब्दुल्ला और अजित सिंह शामिल हुए थे।
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि कोयला घोटाले पर प्रधानमंत्री या कानून मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे। विपक्ष की ओर से इस्तीफे की मांग जायज नहीं है। वहीं सुप्रीम कोर्ट में कानून मंत्री अश्विनी कुमार की भूमिका पर फैसला 30 अप्रैल को होगा।
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सीबीआई के सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा सौंपने के बाद कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने इस मामले पर प्रधानमंत्री से मुलाकात भी की। हालांकि कानून मंत्री ने बैठक से जुड़ी कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।
सीबीआई के मुताबिक कानून मंत्री के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव और कोयला मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी ड्राफ्ट रिपोर्ट देखी थी। इस खबर के बाद सरकार को बड़ा झटका लगा है। मामले पर चर्चा के लिए सरकार ने कोर ग्रुप की बैठक बुलाई थी। बैठक में शरद पवार, फारुख अब्दुल्ला और अजित सिंह शामिल हुए थे।
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि कोयला घोटाले पर प्रधानमंत्री या कानून मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे। विपक्ष की ओर से इस्तीफे की मांग जायज नहीं है। वहीं सुप्रीम कोर्ट में कानून मंत्री अश्विनी कुमार की भूमिका पर फैसला 30 अप्रैल को होगा।
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आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा 21.1% बढ़ा :
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा 21.1 फीसदी बढ़कर 2,304 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा 1,902 करोड़ रुपये रहा था।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक की ब्याज आय 22.5 फीसदी बढ़कर 3,803 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक की ब्याज आय 3,105 करोड़ रुपये रही थी।
हालांकि तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक के नेट एनपीए 0.76 फीसदी से मामूली बढ़कर 0.77 फीसदी रहे। रुपये में बात करें तो चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक के नेट एनपीए 2,181 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,230 करोड़ रुपये रहे।
तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक के ग्रॉस एनपीए 3.31 फीसदी से घटकर 3.22 फीसदी रहे। रुपये में बात करें तो चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक के ग्रॉस एनपीए 9,763 करोड़ रुपये से घटकर 9,608 करोड़ रुपये रहे।
आईसीआईसीआई बैंक ने 20 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। वित्त वर्ष 2013 में आईसीआईसीआई बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.11 फीसदी रहा। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक का कैपिटल एडेक्वेसी रेश्यो 19.53 फीसदी से घटकर 18.74 फीसदी रहा। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक ने 369 करोड़ रुपये के मुकाबले 460 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की है।
31 मार्च 2013 के अंत तक आईसीआईसीआई बैंक का लोन बुक 14 फीसदी बढ़कर 2.9 लाख करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर आईसीआईसीआई बैंक का कासा रेश्यो 40.9 फीसदी से बढ़कर 41.9 फीसदी रहा। 31 मार्च 2013 के अंत तक आईसीआईसीआई बैंक ने कंपनियों के 5,315 करोड़ रुपये के कर्ज की रीस्ट्रक्चरिंग की है।
आईसीआईसीआई बैंक का कहना है कि चौथी तिमाही में प्रोविजनिंग पर ज्यादा खर्च करने के कारण नतीजों पर असर हुआ है। चौथी तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.3 फीसदी रहा। वित्त वर्ष 2014 में नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 0.1 फीसदी का सुधार संभव है।
आईसीआईसीआई बैंक के मुताबिक चौथी तिमाही में 779 करोड़ रुपये के नए एनपीए जुड़े हैं। वित्त वर्ष 2014 में डिपॉजिट ग्रोथ में दबाव की आशंका है। सालाना आधार पर ऑटो लोन में 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कॉरपोरेट, इंटरनेशनल लोन ग्रोथ 18 फीसदी रही।
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वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक की ब्याज आय 22.5 फीसदी बढ़कर 3,803 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक की ब्याज आय 3,105 करोड़ रुपये रही थी।
हालांकि तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक के नेट एनपीए 0.76 फीसदी से मामूली बढ़कर 0.77 फीसदी रहे। रुपये में बात करें तो चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक के नेट एनपीए 2,181 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,230 करोड़ रुपये रहे।
तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक के ग्रॉस एनपीए 3.31 फीसदी से घटकर 3.22 फीसदी रहे। रुपये में बात करें तो चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक के ग्रॉस एनपीए 9,763 करोड़ रुपये से घटकर 9,608 करोड़ रुपये रहे।
आईसीआईसीआई बैंक ने 20 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। वित्त वर्ष 2013 में आईसीआईसीआई बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.11 फीसदी रहा। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक का कैपिटल एडेक्वेसी रेश्यो 19.53 फीसदी से घटकर 18.74 फीसदी रहा। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक ने 369 करोड़ रुपये के मुकाबले 460 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की है।
31 मार्च 2013 के अंत तक आईसीआईसीआई बैंक का लोन बुक 14 फीसदी बढ़कर 2.9 लाख करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर आईसीआईसीआई बैंक का कासा रेश्यो 40.9 फीसदी से बढ़कर 41.9 फीसदी रहा। 31 मार्च 2013 के अंत तक आईसीआईसीआई बैंक ने कंपनियों के 5,315 करोड़ रुपये के कर्ज की रीस्ट्रक्चरिंग की है।
आईसीआईसीआई बैंक का कहना है कि चौथी तिमाही में प्रोविजनिंग पर ज्यादा खर्च करने के कारण नतीजों पर असर हुआ है। चौथी तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.3 फीसदी रहा। वित्त वर्ष 2014 में नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 0.1 फीसदी का सुधार संभव है।
आईसीआईसीआई बैंक के मुताबिक चौथी तिमाही में 779 करोड़ रुपये के नए एनपीए जुड़े हैं। वित्त वर्ष 2014 में डिपॉजिट ग्रोथ में दबाव की आशंका है। सालाना आधार पर ऑटो लोन में 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कॉरपोरेट, इंटरनेशनल लोन ग्रोथ 18 फीसदी रही।
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मारुति सुजुकी का मुनाफा 1.8 गुना बढ़ा :
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी का मुनाफा 1.8 गुना बढ़कर 1,150 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं सुजुकी पावरट्रेन के विलय को जोड़कर चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी का मुनाफा 1,240 करोड़ रुपये रहा है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी का मुनाफा 640 करोड़ रुपये रहा था।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी का राजस्व 13.4 फीसदी बढ़कर 13,304 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी का राजस्व 11,727 करोड़ रुपये रहा था।
साल दर साल आधार पर चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी की अन्य आय 297 करोड़ रुपये से बढ़कर 399 करोड़ रुपये रही। मारुति सुजुकी ने 8 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। सालाना आधार पर चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी की घरेलू बिक्री 3.21 लाख यूनिट से घटकर 3.08 लाख यूनिट रही।
मारुति सुजुकी का कहना है कि येन की कमजोरी, नई कारों की बिक्री बढ़ने और खर्चों में कटौती के चलते मुनाफा बढ़ा है। वित्त वर्ष 2013 पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री के लिहाज से चुनौती भरा रहा। वित्त वर्ष 2013 में मारुति सुजुकी की बाजार हिस्सेदारी 1 फीसदी बढ़कर 39.1 फीसदी रही। सालाना आधार पर मारुति सुजुकी की वित्त वर्ष 2013 में डीजल गाड़ियों की बिक्री 48 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी रही।
मारुति सुजुकी के मुताबिक छोटी अवधि के लिए भारतीय इकोनॉमी को लेकर चिंताएं जरूर हैं। लेकिन लंबी अवधि में भारतीय इकोनॉमी में सुधार की पूरी उम्मीद है।
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वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी का राजस्व 13.4 फीसदी बढ़कर 13,304 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी का राजस्व 11,727 करोड़ रुपये रहा था।
साल दर साल आधार पर चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी की अन्य आय 297 करोड़ रुपये से बढ़कर 399 करोड़ रुपये रही। मारुति सुजुकी ने 8 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। सालाना आधार पर चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी की घरेलू बिक्री 3.21 लाख यूनिट से घटकर 3.08 लाख यूनिट रही।
मारुति सुजुकी का कहना है कि येन की कमजोरी, नई कारों की बिक्री बढ़ने और खर्चों में कटौती के चलते मुनाफा बढ़ा है। वित्त वर्ष 2013 पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री के लिहाज से चुनौती भरा रहा। वित्त वर्ष 2013 में मारुति सुजुकी की बाजार हिस्सेदारी 1 फीसदी बढ़कर 39.1 फीसदी रही। सालाना आधार पर मारुति सुजुकी की वित्त वर्ष 2013 में डीजल गाड़ियों की बिक्री 48 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी रही।
मारुति सुजुकी के मुताबिक छोटी अवधि के लिए भारतीय इकोनॉमी को लेकर चिंताएं जरूर हैं। लेकिन लंबी अवधि में भारतीय इकोनॉमी में सुधार की पूरी उम्मीद है।
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