राजनीतिक असमंजस और कमजोर यूरोपीय संकेतों की वजह से बाजार 0.6 फीसदी गिरे। सेंसेक्स 91 अंक गिरकर 18793 और निफ्टी 36 अंक गिरकर 5659 पर बंद हुए।दिग्गजों के मुकाबले मिडकैप शेयरों में ज्यादा गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 2 फीसदी टूटे। बीएसई स्मॉलकैप में भी 1.25 फीसदी की कमजोरी आई।रियल्टी शेयर 3 फीसदी लुढ़के। पावर, कैपिटल गुड्स, ऑटो शेयरों में करीब 2.25 फीसदी की गिरावट आई। पीएसयू, ऑयल एंड गैस, मेटल, हेल्थकेयर, एफएमसीजी शेयर 1.2-0.6 फीसदी टूटे। बैंक शेयर 0.3 फीसदी कमजोर हुए।कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयर 0.8 फीसदी, तकनीकी शेयर 0.6 फीसदी और आईटी शेयर 0.25 फीसदी मजबूत हुए।बाजार की चालशेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव नजर आया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स में करीब 300 अंक की उथल-पुथल रही। वहीं, निफ्टी 2013 के निचले स्तर पर पहुंचा।मजबूत अंतर्राष्ट्रीय संकेतों की वजह से बाजारों ने तेजी के साथ शुरुआत की। निफ्टी 5700 के ऊपर खुला। शुरुआती कारोबार में बाजार में खरीदारी बढ़ी और सेंसेक्स 100 अंक चढ़ा।हालांकि, बाजार मजबूती टिका नहीं पाए और कारोबार के पहले घंटे में ही बाजार लाल निशान में फिसले। लेकिन, जैसे बाजार में कमजोरी आई, वैसे ही बाजार में जोश वापस लौटा और सेंसेक्स 19000 के ऊपर पहुंचा।बाजारों ने रफ्तार पकड़ी और 1 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। सेंसेक्स में करीब 300 अंक का उछाल आया। निफ्टी 5750 के अहम स्तर को पार कर गया। मिडकैप शेयरों में 0.5 फीसदी से ज्यादा की मजबूती दिखी।हालांकि, दोपहर के बाद बाजारों ने मजबूती गंवाते दिखे। साथ ही, यूरोपीय बाजारों की कमजोर शुरुआत ने घरेलू बाजारों पर दबाव बनाया। यूरोपीय बाजारों में गिरावट बढ़ने से घरेलू बाजार भी लाल निशान में फिसले।कारोबार के आखिरी आधे घंटे में बाजार में गिरावट गहराई। दिन के ऊपरी स्तरों से सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा टूटा। निफ्टी 5650 के नीचे लुढ़का, जो इस साल का सबसे निचला स्तर है।अंतर्राष्ट्रीय संकेतएशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा। निक्केई करीब 1.5 फीसदी चढ़ा। स्ट्रेट्स टाइम्स, शंघाई कंपोजिट, ताइवान इंडेक्स 0.6-0.2 फीसदी मजबूत हुए। वहीं, कॉस्पी और हैंग सैंग 0.4-0.2 फीसदी गिरे।यूरोजोन के खराब आर्थिक आंकड़ों की वजह से यूरोपीय बाजारों में भारी गिरावट नजर आई है। सीएसी और डीएएक्स 1 फीसदी टूटे हैं। एफटीएसई में 0.75 फीसदी की कमजोरी है।अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में हल्की मजबूती बाकी रह गई है। रुपया 54.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बुधवार को रुपया 54.36 के स्तर पर बंद हुआ था।For more Information Plz log on to www.rpshares.com
बैंकों में मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत के बाद अब आरबीआई सख्त हो गया है। आरबीआई डिप्टी गवर्नर के सी चक्रवर्ती ने कहा है कि आरबीआई मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी बैंकों की जांच कर रहा है और जरूरी होने पर केवाईसी नियमों को और सख्त किया जा सकता है।कुछ दिनों पहले कोबरापोस्ट ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए निजी बैंकों में मनी लॉन्ड्रिंग का पर्दाफाश किया था। इस स्टिंग ऑपरेशन में आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक का नाम आया था।वहीं आईसीआईसीआई बैंक की एमडी चंदा कोचर ने बताया है कि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप की जांच चल रही है और डेलॉयट की शुरुआती जांच रिपोर्ट 31 मार्च तक आएगी।For more Information Plz log on to www.rpshares.com
लंबे समय के इंतजार के बाद आज संसद में फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट रेगुलेशंस अमेंडमेंट (एफसीआरए) बिल पेश हो सकता है। इस बिल को कैबिनेट मे पिछले साल अक्टूबर में ही हरी झंडी मिल गई थी। आज कंज्यूमर अफेयर्स मंत्री के वी थॉमस एफसीआरए बिल को लोकसभा में पेश कर सकते हैं।एफसीआरए बिल के पास होने के बाद वायदा बाजार आयोग यानि एफएमसी को सेबी की तरह ज्यादा अधिकार मिल सकेंगे। साथ ही घरेलू कमोडिटी बाजार में ऑप्शन और इंडेक्स ट्रेडिंग जैसे दूसरे प्रोडक्ट को भी शुरू किया जा सकेगा।मौजूदा कानून के तहत सिर्फ वायदा कारोबार को ही इजाजत है। इस कानून के पास होने के बाद कमोडिटी वायदा में फाइनेंशियल इंस्टीट्यूसंस, म्युचुअल फंडों और इंश्योरेंस कंपनियों को भी पार्टिसिपेट करने को इजाजत मिल सकेगी।For more Information Plz log on to www.rpshares.com
मिडकैप शेयरों में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। पिछले सप्ताह जोरदार गिरावट के बाद चालू कारोबारी सप्ताह में भी मिडकैप शेयर भारी मात्रा में लुढ़क चुके हैं। इस हफ्ते अब तक एचडीआईएल 28 फीसदी, स्टर्लिंग बायोटेक 21 फीसदी, आईवीआरसीएल 20 फीसदी, जबकि श्रेई इंफ्रा 19 फीसदी तक टूट चुका है। हालांकि कंपनियों की ओर से कई बार सफाई दी भी गई कि फंडामेंटल नजरिए से वह काफी मजबूत हैं। बावजूद इसके मिडैकप शेयर लुढ़कते जा रहे हैं।मौजूदा समय में मिडकैप शेयरों में गिरावट फंडामेंटल नहीं बल्कि कमजोर तकनीकी कारणों के चलते देखी जा रही है। मिडकैप क्षेत्र की कंपनियों के कारोबारी ढाचें में कोई बदलाव नहीं आया है, साथ ही कई कंपनियां भारी नकदी पर बैठी हैं। हालांकि एनबीएफसी भुगतान नहीं मिलने पर कुछ कंपनियों के गिरवी शेयर बेच रही हैं, यह एक कारण मिडकैप शेयर में गिरावट का जरूर हो सकता है।इसके अलावा मौजूदा समय में बाजार में खरीदारी का रुझान नहीं दिखाई दे रहा है। वहीं विदेश संस्थागत निवेशकों(एफआईआई) की ओर से अंधाधुंध ट्रेडिंग की जा रही है। वहीं सरकार अपने विनिवेश के लक्ष्य को जल्द हासिल करने के लिए औने-पौने दामों पर कंपनियों के शेयर बेच रही है। जिसके चलते बाजार में दूसरे शेयरों के वैल्युएशन खराब हो रहे हैं।सरकार को ओएफएस लाने की प्रक्रिया में सुधार करना चाहिए। वहीं बाजार नियामक को भी मार्केट मेकिंग जैसे नियमों में सख्ती लाना होगा। जिसके बाद ही बाजार के रुख में सुधार आएगा और निवेशकों का भरोसा लौटेगा।For more Information Plz log on to www.rpshares.com
रुपये की मजबूती के बावजूद घरेलू बाजार में बेस मेटल्स का भाव बढ़ा है। एमसीएक्स पर कॉपर 417 रुपये के पार पहुंच गया है। जिंक और लेड में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है।एमसीएक्स पर कॉपर 0.5 फीसदी की उछाल के साथ 419.50 रुपये के करीब पहुंच गया है। एल्यूमिनियम में 0.5 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। निकेल में 0.25 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। लेड और जिंक 0.7 फीसदी तक उछले हैं।घरेलू बाजार में मजबूत रुपये का सोने और चांदी पर असर साफ दिख रहा है। लेकिन निवेश के लिए अबतक सबसे सुरक्षित माने जाने वाले गोल्ड ईटीएफ में भी अब निवेशकों का रुझान घटने लगा है। एम्फी के आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में गोल्ड ईटीएफ के अंडर एसेट मैनेजमेंट में भारी गिरावट दर्ज हुई है और ये 12,000 करोड़ रुपये के नीचे आ गया है। पिछले 1 महीने में करीब 119 करोड़ रुपये की निकासी हुई है।फिलहाल एमसीएक्स पर सोना मामूली गिरावट के साथ 29,670 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी सपाट होकर 54,350 रुपये के आसपास कारोबार कर रही है।कच्चे तेल में आज गिरावट आई है। घरेलू और अंतर्रराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में दबाव दिख रहा है। हालांकि अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार करीब 13 लाख बैरल घट गया है। फिलहाल एमसीएक्स पर कच्चा तेल 0.2 फीसदी फिसलकर 5,080 रुपये पर आ गया है। नेचुरल गैस में भी गिरावट जारी है। आज ये 214 रुपये के नीचे आ गया है।For more Information Plz log on to www.rpshares.com
भारती एयरटेल में कई दिनों की गिरावट के बाद खरीदारी लौटी है। भारती एयरटेल के शेयर करीब 8 फीसदी तक उछले हैं। प्रमोटर भारती टेलिकॉम ने 18-19 मार्च को भारती एयरटेल के 8 लाख शेयर खरीदे हैं।पिछले 5 दिन में भारती एयरटेल की पिटाई हुई थी और शेयर 11 फीसदी टूटा था। अतिरिक्त स्पेक्ट्रम मामले में सुनील भारती मित्तल को आरोपी बनाए जाने के बाद भारती एयरटेल में गिरावट आई थी।For more Information Plz log on to www.rpshares.com
ऑटो इंडस्ट्री के लिए एक अच्छी खबर निकल कर आ रही है। बिक्री के मोर्चे पर मात खाने के बाद टायर के दाम सस्ते होने से ऑटो कंपनियों के लिए राहत की खबर है। सूत्रों का कहना है कि एमआरएफ और सीएट की तरफ सेटायर के दाम में 5 फीसदी की कटौती की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक रीप्लेसमेंट और ओईएम की मांग में आ रही गिरावट के चलते एमआरएफ और सीएट ने दाम घटाने का फैसला किया है।
हालांकि इस खबर के आने के बाद बीएसई पर एमआरएफ के शेयरों में 0.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं बीएसई पर सीएट के शेयरों में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
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दुनिया के बाजारों की नजर टिकी है साइप्रस पर और खुद साइप्रस रूस से उम्मीद लगाए है। साइप्रस रूस से 5.75 अरब डॉलर का कर्ज चाहता है। साथ ही उसे पहले से लिए गए 2.5 अरब डॉलर के कर्ज में रियायत भी चाहिए। फिलहाल साइप्रस के वित्त मंत्री इसी मांग के साथ रूस गए हैं।
2 दौर की बातचीत में रुस ने मदद से इनकार भी कर दिया है लेकिन साइप्रस के वित्त मंत्री मॉस्को में ही डटे हैं। उधर मौजूदा आर्थिक संकट से निकलने के लिए साइप्रस की संसद में फिर वोटिंग होगी। नए प्रस्ताव के तहत बैंकों में जमा लोगों के पैसों पर थोड़ा टैक्स लगाया जा सकता है।
दरअसल साइप्रस की अर्थव्यवस्था डांवाडोल है और उसे तुरंत आर्थिक मदद की जरूरत है लेकिन उसकी संसद ने यूरोपीय यूनियन के बेलआउट को ठुकरा दिया है। इस बेलआउट में उसे अपने देश के बचत खातों पर करीब 6 फीसदी का टैक्स लगाना था।
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शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव दिखाने के बाद बाजारों में जोश लौट आया है। सुबह 11:15 बजे, सेंसेक्स 117 अंक चढ़कर 19001 और निफ्टी 38 अंक चढ़कर 5733 के स्तर पर हैं। मिडकैप शेयर 0.5 फीसदी मजबूत हैं।बैंक शेयर 1.5 फीसदी उछले हैं। मेटल, तकनीकी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कैपिटल गुड्स, आईटी 1-0.5 फीसदी मजबूत हैं। ऑयल एंड गैस और पावर शेयरों में भी तेजी है।
ऑटो शेयर 1 फीसदी टूटे हैं। एफएमसीजी शेयर 0.2 फीसदी कमजोर हैं। हेल्थकेयर, रियल्टी और सरकारी कंपनियों के शेयरों में सुस्त कारोबार हो रहा है।
निफ्टी शेयरों में भारती एयरटेल 6.5 फीसदी उछला है। आईसीआईसीआई बैंक, जिंदल स्टील, एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईडीएफसी, गेल, हिंडाल्को, टाटा स्टील 4.5-1 फीसदी तेज हैं।
चीन में जेएलआर की बिक्री घटने की आशंका से टाटा मोटर्स के शेयरों में 3.5 फीसदी की गिरावट है।
सद्भाव इंजीनियरिंग को हरियाणा प्रोजेक्ट के लिए 1210 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। सद्भभाव इंजीनियरिंग में 1.5 फीसदी तक की तेजी आई है।
खबर है कि टायर कंपनियों ने सभी कैटेगरी के उत्पादों के दाम 5 फीसदी तक घटाए हैं। सिएट और एमआरएफ में हल्की बढ़त है।
सूत्रों के मुताबिक आंध्रा बैंक ने 400-500 करोड़ रुपये के एनपीए की बिक्री टाल दी है। आंध्रा बैंक 2 फीसदी चढ़ा है।
बीएसई पर अदानी एंटरप्राइसेज के 45 लाख शेयरों की 220.5 रुपये के भाव पर ब्लॉक डील हुई है। अदानी एंटरप्राइसेज करीब 0.5 फीसदी मजबूत है।
बीएसई पर जोडियैक क्लोदिंग के 4.42 लाख शेयरों की 198.1 रुपये के भाव पर ब्लॉक डील हुई है। जोडियैक क्लोदिंग 2.25 फीसदी तक उछला है।
कॉरपोरेट डेट रीस्ट्रक्चरिंग करने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेने की खबर से मोजर बेयर 4.75 तक चढ़ा है।
आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट ने महिंद्रा सत्यम के कारोबार समेटने के मामले पर फैसला सुरक्षित रखा है। महिंद्रा सत्यम 1 फीसदी मजबूत है।
प्रोमोटर्स समूह किंग्स फूटवेयर इंडिया ने एम्टेक ऑटो में 61.75 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 11.9 लाख शेयर खरीदे। एम्टेक ऑटो 1 फीसदी मजबूत है।
क्रेडिट सुईस सिंगापुर ने एचडीआईएल के 50.99 रुपये के भाव पर 57.3 लाख शेयर बेचे। एचडीआईएल 0.5 फीसदी मजबूत है।
एमटीएनएल बोर्ड 25 मार्च को 3,000 करोड़ रुपये जुटाने पर विचार करेगा। एमटीएनएल करीब 1 फीसदी चढ़ा है।
विजय माल्या ने कहा है किंगफिशर एयरलाइंस ने डीजीसीए आगे की प्रक्रिया का प्लान सौंपा है। किंगफिशर एयरलाइंस 4.5 फीसदी चढ़ा है।
नाल्को के ओएफएस ने एलआईसी ने 5.25 करोड़ शेयर खरीदे हैं। नाल्को के शेयरों में करीब 0.5 फीसदी की गिरावट आई है।
3एम इंडिया के ओएफएस को फ्लोर प्राइस 3,300 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। 3एम इंडिया 1 फीसदी गिरा है।
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गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और ब्रिटिश गैस ने लंबी अवधि के लिए एलनजी खरीदने के लिए एमओयू साइन किया है। इस करार के तहत ब्रिटिश गैस, जीएसपीसी को हर साल 25 लाख टन एलएनजी सप्लाई करेगी। शुरूआती दौर में यानि 2015 से लेकर 20 साल तक 12.5 लाख टन के हिसाब से गैस सप्लाई होगी जो दो साल के बाद बढ़कर 25 लाख टन हो जाएगी।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि इस एमओयू के कारण न केवल दो कंपनी बल्कि गुजरात और ब्रिटन के रिश्ते भी मजबूत बनेंगे। इस के कारण गुजरात उर्जा की दिशा में और प्रगति कर सकेगा।
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अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सुस्ती और रुपये की चाल मजबूत होने से घरेलू बाजार में सोना-चांदी सुस्त नजर आ रहे हैं। नायमैक्स पर कच्चा तेल 0.25 फीसदी फिसलकर 93.20 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर में करीब 1 फीसदी की उछाल आई है।
फिलहाल एमसीएक्स पर सोना करीब 0.1 फीसदी की गिरावट के साथ 29,660 रुपये पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी सपाट होकर 54,370 रुपये पर कारोबार कर रही है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल सपाट होकर 5,100 रुपये के आसपास ही बना हुआ है। एमसीएक्स पर बेस मेटल्स में 0.3-0.7 फीसदी की मजबूती आई है। कॉपर 0.6 फीसदी चढ़कर 420 रुपये के करीब पहुंच गया है। एल्यूमिनियम में 0.5 फीसदी, निकेल में 0.3 फीसदी, लेड में 0.7 फीसदी और जिंक में 0.6 फीसदी की बढ़त आई है।
इस बीच एनसीडीईएक्स पर हल्दी 2 फीसदी की उछाल के साथ 6,750 रुपये के पार पहुंच गई है। हालांकि एनसीडीईएक्स पर कपास में 1.5 फीसदी और कपास खली में 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
कॉपर एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : खरीदें - 416.5-416.8, स्टॉपलॉस - 413.90 और लक्ष्य - 420.80/423
चांदी एमसीएक्स (मई वायदा) : खरीदें - 54210-54230, स्टॉपलॉस - 53950 और लक्ष्य - 54630/54800
हल्दी एनसीडीईएक्स (अप्रैल वायदा) : खरीदें - 6550, स्टॉपलॉस - 6400 और लक्ष्य - 6750
इलायची एमसीएक्स (अप्रैल वायदा) : खरीदें - 885, स्टॉपलॉस - 910 और लक्ष्य - 855
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सोने की चमक धीरे धीरे फीकी पड़ती जा रही है। ताजे आंकड़ों के मुताबिक सोने की घटती कीमत के चलते निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ में से पैसे निकालना शुरू कर दिया है, जिसके चलते एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 12,000करोड़ रुपये के नीचे पहुंच गया है। पिछले दिनों ही कमोडिटी बाजार के गुरू जॉर्ज सोरस ने सोने में अपने निवेश का एक बड़ा हिस्सा बेच दिया है। इसके बाद से ही सोने पर कुछ दबाव बना हुआ है।
दरअसल, सोने के घटते दाम के चलते अब लोग सोने में पैसे लगाने से डर रहे हैं, और निवेश के दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं। म्युचुअल फंड्स संगठन एएमएफआई के मुताबिक 7 महीने पहले, गोल्ड ईटीएफ में गिरावट में देखने को मिली थी। दिसंबर 2012 के बाद सोने की कीमतों में 2.5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
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टाटा मोटर्स के शेयरों में 5 फीसदी तक की गिरावट आई है। वजह है चीन के नए फ्यूल इफिशियंसी नियम। इसका असर जैगुआर-लैंडरोवर की बिक्री पर दिखेगा।टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी जैगुआर-लैंडरोवर की कुल बिक्री 23 फीसदी हिस्सा चीन से आता है। वहीं, चीन से जैगुआर-लैंडरोवर का मुनाफे का करीब 50 फीसदी आता है।For more Information Plz log on to www.rpshares.com
देश में चल रही राजनीतिक उठापठक से बाजार अछूता नहीं है और बाजार में गिरावट का दौर शुरु हो गया है। क्या वक्त से पहले चुनाव की स्थिति आ सकती है और बाजार को इसका खराब असर झेलना पड़ सकता है, इस सवाल पर सबकी निगाहें बनी हुई है। जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक स्थिति नहीं सुधरी तो बाजार पर दबाव और बढ़ जाएगा।
देश की राजनीतिक स्थिति नाजुक हो चुकी है। देश में मौजूदा राजनीतिक अनिश्चितता बहुत बड़ी चिंता का विषय है। राजनीतिक असमंजस की वजह से बाजार पर दबाव देखा जाएगा। अब कॉंग्रेस का ध्यान सरकार बचाने और राजनीतिक मोर्चे पर ज्यादा रहेगा और आर्थिक मोर्चे पर ध्यान कम होगा। इसका बाजार पर नकारात्मक असर देखा जाएगा।
राजनीतिक अनिश्चितता के चलते देश में वक्त से पहले मध्यावधि चुनाव की स्थिति आ सकती है। अगर मध्यावधि चुनाव होते हैं तो ये बाजार के लिए अच्छा रहेगा। बाजार फिर से दायरे में जा सकता है और फिर से डिफेंसिव शेयरों में निवेश करना चाहिए।
निवेशकों को सरकारी बैंकों के बजाए निजी बैंकों में निवेश करना चाहिए। सरकारी बैंकों में समस्याएं बनी रहेंगी। पावर कंपनियों को कोयले की दिक्कत से जूझना पड़ रहा है और उनका उत्पादन कम हो रहा है जिससे बैंकों को परेशानी हो सकती है क्योंकि पावर कंपनियों में बैंको का काफी एक्सपोजर है।
जैसे जैसे बाजार में अस्थिरता बढ़ेगी निवेशक ब्याज दरों के असर से प्रभावित होने वाले शेयरों में निवेश कम करेंगे और डिफेंसिव शेयर जैसे एफएमसीजी, फार्मा में खरीदारी करेंगे। असमंजस की वजह से बैंक, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में बिकवाली देखी जाएगी। मौजूदा स्थिति को देखते हुए निवेशकों को एफएमसीजी, आईटी, फार्मा सेक्टर और चुनिंदा बैंकों में खरीदारी करनी चाहिए।
विदेशी बाजारों में साइप्रस से जुड़ी चिंताएं खत्म हो चुकी हैं, साइप्रस मुद्दे से बाजार का नुक्सान सीमित रहेगा। हालांकि इटली में राजनीतिक स्थिति यूरोपीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंताजनक बनी रहेगी। वहीं भारत में 2014 के बाद भी राजनीतिक स्थिति अस्थिर बनी रहेगी। लेकिन इसके बावजूद भारतीय बाजार अगले 3-4 सालों के लिए काफी आकर्षक लग रहे हैं।
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The Cabinet Committee on Investment (CCI) today cleared Reliance Industries’ KG-D6 block and gas discovery area NEC-25 along with three other areas where the defence ministry had either barred oil and gas activity or placed stringent conditions.
In all, eight blocks were declared “no-go” zones for reasons such as overlap with a proposed naval base or being close to missile launching and air force exercise areas. Stringent conditions were placed on another 31 exploration areas.
The CCI, which had asked the ministries of petroleum and defence to sort out differences, cleared five of the barred blocks, official sources said.
However, two blocks of Oil and Natural Gas Corporation and one block of BG Group in the KG basin will remain out of bounds as they fall directly within the boundaries of a proposed naval base.
The CCI said the oil ministry would take steps to terminate the contracts for these blocks.
Explorers have already spent $13.4 billion on the 40 blocks and another $2.5 billion is likely to be invested in the next three to four years.
Reliance and its partner BP had recently announced an investment of $5 billion over the next three to five years to boost gas output from the KG basin, which fell to an all time low of 19.4 million metric standard cubic meters (mmscmd) of gas per day because of geological complexities.
Sources said 30 per cent of the 7,645 square kilometre KG-D6 block overlapped with the navy’s firing and exercise area.
The ministry of defence felt that any exploration and production activities near its naval base would hamper surveillance and noise generated from exploration activities would affect the sonar and radar functionalities.
RIL agreed to relinquish the 495 sq km that fell in the “no-go” area, following which the navy agreed to realign the boundary required for naval operations for its proposed base to allow oil and gas activities in the remaining block.
In the NEC-25 block, about 60-70 per cent area fell within the 50km radius of the Chandipur Missile launch pad and about 50 per cent of the block fell within the danger zone of the Balasore air-to-air firing range of the IAF.
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