Monday, April 15, 2013

सेंसेक्स 115 अंक चढ़ा, 5568 पर बंद निफ्टी :

महंगाई में कमी आने के बाद आरबीआई द्वारा दरें घटाने की उम्मीद बढ़ने से बाजार 0.7 फीसदी चढ़े। सेंसेक्स 115 अंक चढ़कर 18358 और निफ्टी 40 अंक चढ़कर 5568 पर बंद हुए।

कारोबार से शुरुआत से ही मजबूती दिखाने वाले छोटे-मझौले शेयर बाद में दिग्गजों से पिछड़ गए। निफ्टी मिडकैप हल्की बढ़त पर बंद हुआ। बीएसई स्मॉलकैप में 0.5 फीसदी की तेजी आई।

कच्चे तेल में भारी गिरावट आने की वजह से ऑयल एंड गैस शेयर करीब 2.5 फीसदी उछले। दरों में कटौती की उम्मीद से बैंक शेयरों में 1 फीसदी की तेजी आई।

एफएमसीजी, पीएसयू, कैपिटल गुड्स शेयर 1.5-0.5 फीसदी मजबूत हुए। रियल्टी शेयरों में हल्की बढ़त दिखी। तकनीकी शेयर सुस्त रहे।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयर 2 फीसदी लुढ़के। मेटल, ऑटो, हेल्थकेयर, पावर और आईटी शेयर 1.25-0.5 फीसदी कमजोर हुए।

बाजार की चाल

कमजोर अंतर्राष्ट्रीय संकेतों की वजह से बाजार गिरावट के साथ खुले। साथ ही, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के 1 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने का भी बाजारों पर दबाव दिखा।

हालांकि, कारोबार के पहले घंटे के बाद ही बाजार में रिकवरी नजर आई। महंगाई में कमी आने की उम्मीद से बैंक शेयरों में तेजी दिखाई दी। ऑयल एंड गैस शेयर भी उछले।

मार्च में महंगाई दर 5.96 फीसदी रही, जो 40 महीने का निचला स्तर है। कोर इंफ्लेशन में भी गिरावट आई है। महंगाई दर से ज्यादा अहम कोर इंफ्लेशन के आंकड़े होते हैं। क्योंकि इसके आधार पर आरबीआई दरों पर फैसला लेता है।

कर्ज जल्द सस्ता होने की उम्मीद से बाजारों ने रफ्तार पकड़ी। सेंसेक्स 180 अंक चढ़ा। निफ्टी 5590 पर पहुंचा। कमजोर यूरोपीय संकेतों के बावजूद बाजार में मजबूती कायम रही। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर दबाव आया।

क्या चढ़ा, क्या गिरा

कच्चे तेल में भारी गिरावट आने की वजह से तेल कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी आई। बीपीसीएल 5.5 फीसदी, एचपीसीएल 5 फीसदी, इंडियन ऑयल 3.75 फीसदी चढ़े। सब्सिडी बोझ कम होने की उम्मीद से ओएनजीसी 3.5 फीसदी उछला।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही के नतीजों के पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब 2.5 फीसदी की मजबूती आई।

बैंक शेयरों में केनरा बैंक, यस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, पीएनबी, एसबीआई, कर्नाटक बैंक, ओरियंटल बैंक, यूनियन बैंक 5.25-2.5 फीसदी चढ़े।

अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, रिलायंस इंफ्रा, ग्रासिम, आईटीसी, एनएमडीसी, एचडीएफसी, जेपी एसोसिएट्स, एक्सिस बैंक जैसे दिग्गजों में 2.75-1.5 फीसदी मजबूत हुए।

बाजार हिस्सेदारी में गिरावट आने के कारण मूडीज ने टाटा मोटर्स की रेटिंग क्रेडिट नेगेटिव कर दी है। टाटा मोटर्स करीब 2.5 फीसदी टूटा।

सेसा गोवा, डॉ रेड्डीज, टीसीएस, डीएलएफ, सिप्ला, टाटा स्टील, कोल इंडिया, टाटा पावर, एमएंडएम, एचसीएल टेक, पावर ग्रिज जैसे दिग्गजों में 3.5-1.5 फीसदी की गिरावट आई।

सोने में आई भारी गिरावट का असर गोल्ड फाइनेंस कंपनियों और ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों पर नजर आ रहा है। मुथूट फाइनेंस 13 फीसदी, मन्नापुरम फाइनेंस 10 फीसदी, टाइटन इंडस्ट्रीज 4.5 फीसदी, गीतांजलि जेम्स 2.5 फीसदी, पीसी ज्वैलर 5.5 फीसदी, श्री गणेश ज्वैलरी 5.5 फीसदी लुढ़के।

खबर है कि जेट एयरवेज के प्रमोटर जल्द से जल्द ऑफर फॉर सेल लाने के विचार में हैं। जेट एयरवेज 6 फीसदी चढ़ा।

कल्पतरु पावर की सब्सिडियरी कंपनी में टैनो इंडिया पीई फंड 80 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। कल्पतरु पावर 3 फीसदी उछला।

सुजलॉन एनर्जी के शेयरधारकों ने 9500 करोड़ रुपये के कॉरपोरेट डेट रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी है। सुजलॉन एनर्जी 2 फीसदी मजबूत हुआ।

वॉकहार्ट 2.5 फीसदी टूटा। माना जा रहा है कि कंपनी के औरंगाबाद प्लांट को लेकर अमेरिकी एफडीए ने सवाल उठाए हैं।

अंतर्राष्ट्रीय संकेत

एशियाई बाजारों पर चीन के निराशाजनक जीडीपी आंकड़ों का दबाव दिखा। निक्केई, हैंग सैंग, शंघाई कंपोजिट, ताइवान इंडेक्स 1.5-0.75 फीसदी टूटे। कॉस्पी में भी कमजोर आई।

यूरोपीय बाजारों में गिरावट गहराई है। एफटीएसई, सीएसी और डीएएक्स 1 फीसदी लुढ़के हैं। माइनिंग शेयरों में आई भारी बिकवाली की वजह से बाजार फिसले हैं।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले में कमजोरी कम हुई है। फिलहाल रुपया 54.62 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। शुरुआती कारोबार में रुपया 54.79 के स्तर तक टूटा था।

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कमोडिटी बाजार: और कितना टूटेंगे सोना-चांदी :

एग्री कमोडिटी में आज का कारोबार खत्म हो गया है। पिछले दिनों की तेजी के बाद एनसीडीईएक्स पर सोया तेल और सोयाबीन में भारी गिरावट आई है। सोयाबीन 2.5 फीसदी टूटा है। हालांकि, सोयातेल में रिकवरी दिखी और 0.25 फीसदी की कमजोरी पर बंद हुआ। सरसों पर भी काफी दबाव दिखा और 1 फीसदी गिरा। एमसीएक्स पर सीपीओ भी 1 फीसदी टूटा।

हालांकि, चने में तेजी का रुझान दिखा। एनसीडीईएक्स पर चना 0.5 फीसदी से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ। चीनी में 0.25 फीसदी की मजबूती आई। गेहूं में 0.6 फीसदी की बढ़त आई। आलू 2.5 फीसदी उछला। एमसीएक्स पर मेंथा तेल 4 फीसदी लुढ़का।

मसालों में एनसीडीईएक्स पर जीरा 2.5 फीसदी गिरकर बंद हुआ। हालांकि, हल्दी 3 फीसदी से ज्यादा उछली। लाल मिर्च 0.5 फीसदी और काली मिर्च 0.4 फीसदी मजबूत हुए। धनिया 1 फीसदी चढ़ा। एमसीएक्स पर इलायची 4 फीसदी टूटी।

सोयातेल एनसीडीईएक्स (मई वायदा): बेचें - 705-707, स्टॉपलॉस - 711, लक्ष्य - 696/694

चना एनसीडीईएक्स (मई वायदा): खरीदें - 3690-3700, स्टॉपलॉस - 3660, लक्ष्य - 3770

लाल मिर्च एनसीडीईएक्स (मई वायदा): खरीदें - 6680-6700, स्टॉपलॉस - 6600, लक्ष्य - 6900

चीनी: निचले स्तरों पर खरीदारी करें

सरसों: दबाव जारी रह सकता है

शाम के सत्र में नॉन-एग्री में रणनीति

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने का दाम 2 साल के निचले स्तर पर आ गया है। कॉमैक्स पर सोना 1400 डॉलर के नीचे का भी स्तर छू लिया है। एमसीएक्स पर सोना 26500 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है। दरअसल यूरोजोन में सोना बेचने को लेकर खबरें आने से दुनिया भर के बाजारों में बिकवाली बढ़ गई है।

चौतरफा बिकवाली के बाद सोने में आई गिरावट से चांदी पर भी दबाव बढ़ा है। कॉमैक्स पर चांदी 10 फीसदी टूटकर 24 डॉलर के भी नीचे कारोबार कर रही है। घरेलू बाजार में चांदी ने 44000 रुपये के भी नीचे गोता लगाया था। फिलहाल एमसीएक्स पर चांदी 44800 रुपये के स्तर पर है।

वैश्विक कमोडिटी बाजार में आई गिरावट का असर कच्चे तेल पर भी पड़ा है। हालाकिं, अभी थोड़ी रिकवरी आई है। नायमैक्स पर कच्चा तेल 2 फीसदी गिरावट के साथ 90 डॉलर के करीब है। ब्रेंट क्रूड भी भारी गिरावट के साथ 100 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल 2.25 फीसदी लुढ़का है।

नैचुरल गैस में बढ़त जरूर है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में नैचुरल गैस 0.75 फीसदी की तेजी के साथ 4.25 डॉलर पर कारोबार कर रही है। एमसीएक्स पर नैचुरल गैस 0.35 फीसदी की मजबूती के साथ 232 रुपये के करीब है।

एलएमई पर बेस मेटल्स में भी भारी गिरावट आई है। एलएमई पर कॉपर 3.5 फीसदी लुढ़का है और भाव 18 महीनों के निचले स्तर पर आ गया है। घरेलू बाजार में भी बेस मेटल्स टूटे हैं। कॉपर, निकेल, लेड, जिंक, एल्यूमिनियम 3.6-1.2 फीसदी गिरे हैं। चीन से आए खराब आंकड़ों का असर बेस मेटल्स पर दिख रहा है। 

कच्चा तेल (अप्रैल वायदा): बेचें - 4960, लक्ष्य - 4880, स्टॉपलॉस - 5010

कॉपर (अप्रैल वायदा): बेचें - 405, लक्ष्य - 398, स्टॉपलॉस - 409

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रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 31% बढ़ेगा! :

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 31 फीसदी बढ़कर 5550 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। पिछले साल की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 4236 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2013 की तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 5502 करोड़ रुपये रहा था।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की बिक्री 8.9 फीसदी बढ़कर 92800 करोड़ रुपये रह सकती है। पिछले साल की चौथी तिमाही में कंपनी की बिक्री 85182 करोड़ रुपये रही थी। वित्त वर्ष 2013 की तीसरी तिमाही में कंपनी का 93886 करोड़ रुपये रही थी।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का जीआरएम 9.8-10 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है। पिछले साल की चौथी तिमाही में कंपनी का जीआएम 7.6 डॉलर प्रति बैरल रहा था। वित्त वर्ष 2013 की तीसरी तिमाही में कंपनी का जीआरएम 9.6 डॉलर प्रति बैरल रहा था।

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महंगाई से राहत, अब आरबीआई पर नजर :

मार्च में महंगाई दर 40 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है। मार्च में महंगाई दर 5.96 फीसदी रही है, जबकि अनुमान 6.4 फीसदी का था। फरवरी में महंगाई दर 6.8 फीसदी रही थी। पिछले साल मार्च में महंगाई दर 7.6 फीसदी रही थी। हालांकि, जनवरी की महंगाई दर को संशोधित करके 6.62 फीसदी से बढ़ाकर 7.31 फीसदी किया गया है।

महीने-दर-महीने आधार पर प्राइमरी आर्टिकल्स की महंगाई दर 9.7 फीसदी से घटकर 7.6 फीसदी रही है। वहीं, मैन्यूफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 4.51 फीसदी से घटकर 4.07 फीसदी रही है। ईंधन समूह की महंगाई दर 10.47 फीसदी से घटकर 10.18 फीसदी रही है। फरवरी के मुकाबले खाद्य महंगाई दर 11.38 फीसदी से घटकर 8.73 फीसदी रही है।

महंगाई दर से ज्यादा अहम कोर इंफ्लेशन के आंकड़े होते हैं। क्योंकि इसके आधार पर आरबीआई दरों पर फैसला लेता है। महीने-दर-महीने आधार पर मार्च में कोर इंफ्लेशन 3.8 फीसदी से घटकर 3.5 फीसदी रही है। कोर इंफ्लेशन, महंगाई दर और रिटेल महंगाई में गिरावट आने के बाद कर्ज सस्ता होने की उम्मीद बढ़ गई है।

रिटेल महंगाई और होलसेल महंगाई के आंकड़े नीचे का रुख दिखा रहे हैं। ऐसे में आरबीआई के पास दरें घटाने का मौका बनाता है। 3 मई की क्रेडिट पॉलिसी में आरबीआई दरें 0.25 फीसदी से कम कर सकता है।

रेपो रेट के साथ सीआरआर घटाने के बाद बैंकों को कॉस्ट ऑफ फंड कम होगा। इसके बाद बैंकों के लिए कर्ज सस्ता करना आसान होगा।

महंगाई में गिरावट जारी रहेगी या नहीं, इस पर आरबीआई की नजर होगी। डीजल और रसोई गैस की में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने की आशंका है। साथ ही, खाद्य महंगाई पर भी नजर रहेगी, क्योंकि गर्मियों में फल-सब्जियों की कीमतें बढ़ती हैं।

आरबीआई दरें घटाने को लेकर सावधानी बरतेगा और जल्द दरों में कटौती होने की संभावना कम है। आरबीआई को आगामी चुनाव और फूड सिक्योरिटी बिल को ध्यान में रखना होगा। साथ ही, इस साल मॉनसून कैसा रहता है, इस पर भी नजर रहेगी।

महंगाई दर में कमी आने से सरकार को भी बड़ी राहत मिली है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष, मोंटेक सिंह अहलूवालिया का कहना है कि महंगाई में धीरे-धीरे कमी आ रही है। सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों की ओर उठाए कदमों का असर नजर आने लगा है।

मंहगाई दर में नरमी के बाद इंडस्ट्री दरों में कटौती की मांग कर रही है। आरबीआई को अगले कुछ महीनों में दरों में 0.5 फीसदी तक कटौती करनी चाहिए जिससे अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में मदद मिलेगी।

महंगाई दर के अलावा बाकी आर्थिक आंकड़े भी दरों में कटौती की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं। फरवरी में आईआईपी उम्मीद से बेहतर 0.6 फीसदी पर रही। हालांकि महीने-दर-महीने आधार पर औद्योगिक उत्पादन में गिरावट ही दिखी। जनवरी में आईआईपी 2.4 फीसदी रही थी।

वहीं, मार्च में रिटेल महंगाई दर 10.5 फीसदी के नीचे रही है। मार्च में ग्रामीण इलाकों में रिटेल महंगाई 11.1 फीसदी से घटकर 10.33 फीसदी रही है। वहीं, शहरी इलाकों में रिटेल महंगाई दर 10.84 फीसदी से घटकर 10.38 फीसदी रही है

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मूडीज ने टाटा मोटर्स की रेटिंग घटाई, शेयर टूटा :

टाटा मोटर्स के शेयरों में आज जोरदार गिरावट देखने को मिली है। दरअसल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने टाटा मोटर्स की रेटिंग घटा दी है। बाजार हिस्सेदारी में गिरावट आने के कारण मूडीज ने टाटा मोटर्स की रेटिंग क्रेडिट नेगेटिव कर दी है।

सियाम के मार्च के आंकड़ों में टाटा मोटर्स की बाजार हिस्सेदारी मारुति सुजुकी और ह्युंदई के बाद तीसरे नंबर पर रही। मार्च में टाटा मोटर्स के पैसेंजर वाहनों की बाजार हिस्सेदारी 14.2 फीसदी से घटकर 11.8 फीसदी हो गई है। वहीं टाटा मोटर्स के कमर्शियल वाहनों की बिक्री की बाजार हिस्सेदारी 58.5 फीसदी से घटकर 56.1 फीसदी हो गई है।

बाजार हिस्सेदारी में लगातार गिरावट से टाटा मोटर्स के प्रदर्शन और वित्तीय स्थिति पर दबाव देखने को मिल सकता है। घरेलू बाजार में टाटा मोटर्स का महिंद्रा एंड महिंद्रा से कड़ा मुकाबला है। वहीं विदेशी बाजार में टाटा मोटर्स का टोयोटा, फोक्सवैगन, फोर्ड और जनरल मोटर्स से कड़ा मुकाबला है।

लिहाजा मूडीज का मानना है कि पैसेंजर वाहनों की बाजार हिस्सेदारी को वापस हासिल करने के लिए टाटा मोटर्स को प्रोडक्ट डेवलपमेंट में निवेश करना होगा। साथ ही टाटा मोटर्स को डीजल वेरिएंट में निवेश बढ़ाने पर जोर देना होगा।

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अब तक बुक हुईं 13500 होंडा अमेज :

होंडा अमेज को शानदार रिस्पांस मिल रहा है। 1 अप्रैल से अब तक 13,500 होंडा अमेज की बुकिंग हुई है। 70 फीसदी अमेज डीजल और 30 फीसदी अमेज पेट्रोल की बुकिंग कराई गई है। हालांकि कंपनी की क्षमता हर महीने 5,000 गाड़ी बनाने की है।

लिहाजा माना जा रहा है कि भारी बुकिंग की वजह से होंडा अमेज के लिए वेटिंग पीरियड बढ़ सकता है। वहीं मारुति सुजुकी ने होंडा को टक्कर देने के लिए अमेज के मुकाबले डिजायर का सस्ता वेरिएंट लॉन्च कर दिया है। मारुति डिजायर के सस्ते वेरिएंट की कीमत 5.6 लाख रुपये है।

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कैसे रहेंगे ऑयल एंड गैस सेक्टर के नतीजे :

नतीजों का दौर शुरु हो चुका है और मंगलवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजों के साथ ऑयल एंड गैस सेक्टर के नतीजों की शुरुआत होगी। ऑयल एंड गैस सेक्टर में क्या रणनीति अपनाएं।

चौथी तिमाही में ऑयल कंपनियों की अंडर रिकवरी 37,000 करोड़ रुपये रह सकती है जो तीसरी तिमाही के मुकाबले बहुत थोड़ी ही कम हुई है। तीसरी तिमाही में कंपनियों की अंडर रिकवरी 40,000 करोड़ रुपये थी। इसका असर कंपनियों के नतीजों पर देखने को मिल सकता है।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी के नतीजे अच्छे रह सकते हैं। चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज के जीआरएम 10 डॉलर प्रति बैरल रह सकते हैं। इसके अलावा कंपनी के पेटकैम मार्जिन भी अच्छे रह सकते हैं। कंपनी का मुनाफा 5500 करोड़ रुपये के आसपास आ सकता है हालांकि कंपनी के मार्जिन पर कुछ दबाव देखने को मिल सकता है।

जनवरी-मार्च तिमाही में केर्न इंडिया के नतीजे सपाट रह सकते हैं। कंपनी का मुनाफा और आय स्थिर रहने का अनुमान है। अगर सरकार सब्सिडी शेयरिंग फार्मूले में बदलाव करती है तो ओएनजीसी पर दबाव देखने को मिल सकता है।

चौथी तिमाही नतीजों के आधार पर निवेशक ऑयल इंडिया, केर्न इंडिया, ओएनजीसी में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा गैस कंपनियों में जीएसपीएल और पेट्रोनेट एलएनजी में निवेश किया जा सकता है।

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पेट्रोल के दाम में कटौती संभवः बीपीसीएल :

ब्रेंट क्रूड 9 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस गिरावट के बाद माना जा रहा है कि पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर 50 पैसे से 1 रुपये की कटौती की जा सकती है।

बीपीसीएल के सीएमडी आर के सिंह का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी से कंपनी का घाटा और सरकार की सब्सि़डी कम हो सकती है।

हालांकि आर के सिंह का कहना है कि सिर्फ 1 दिन की गिरावट के आधार पर पेट्रोल कीमतों में कटौती नहीं की जा सकती है। इसके लिए तेल के दामों का लगातार कुछ समय तक नीचे आना जरूरी है।

आर के सिंह के मुताबिक इस समय डीजल पर बीपीसीएल को 10-11 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है और अगर क्रूड सस्ता होता रहा तो भी कंपनी फिलहाल डीजल के दाम नहीं घटाएगी।

आर के सिंह ने बताया वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बाद पेट्रोल के दाम में कटौती की जा सकती है। पेट्रोल के दाम में कटौती पर कंपनी आज या कल में फैसला ले सकती है। साथ ही तेल उत्पादों पर मौजूदा घाटे के आंकड़े आज कल में जारी हो सते हैं।

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ब्रेंट क्रूड 2% टूटने से एचपीसीएल 5% उछला :

कच्चे तेल में भारी गिरावट आने की वजह से तेल कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी आई। बीपीसीएल 5.5 फीसदी, एचपीसीएल 4.5 फीसदी, इंडियन ऑयल 3.75 फीसदी चढ़े। सब्सिडी बोझ कम होने की उम्मीद से ओएनजीसी 3.5 फीसदी उछला।

कॉमैक्स पर कच्चा तेल 89 डॉलर के स्तर पर आ गया है। वहीं, ब्रेंट क्रूड 2 फीसदी लुढ़कर 101 डॉलर के नीचे आ गया है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल 2 फीसदी फिसलकर 4875 रुपये के नीचे कारोबार कर रहा है। 2013 की पहली तिमाही में चीन की जीडीपी ग्रोथ उम्मीद कम रहने की वजह से कच्चे तेल पर दबाव दिख रहा है।

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सोने में गिरावट से मुथूट फाइनेंस 13% लुढ़का :

सोने में आई भारी गिरावट का असर गोल्ड फाइनेंस कंपनियों और ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों पर नजर आ रहा है। मुथूट फाइनेंस 13 फीसदी, मन्नापुरम फाइनेंस 10 फीसदी, टाइटन इंडस्ट्रीज 4.5 फीसदी, गीतांजलि जेम्स 2.5 फीसदी, पीसी ज्वैलर 5.5 फीसदी टूटे।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने में बिकवाली का असर घरेलू बाजार पर भी नजर आ रहा है। एमसीएक्स पर सोना 27000 रुपये के नीचे फिसल गया है, जो 1.5 साल का निचला स्तर है। सोने के साथ-साथ चांदी भी लुढ़की है। एमसीएक्स पर चांदी 44000 रुपये के नीचे आ गई है।

मुथूट फाइनेंस का कहना है कि कंपनी के कारोबार पर ज्यादा असर दिखने की आशंका नहीं है। पहले भी सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था।

मुथूट फाइनेंस के कर्ज की अवधि 3 महीने है। कंपनी के मुताबिक डिफॉल्ट रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई है।

श्री गणेश ज्वैलरी के शेयर भी 5.5 फीसदी टूटे। कंपनी के चेयरमैन, नीलेश पारिख का कहना है कि सोने की कीमतों में पिछले 2 महीनों से गिरावट नजर आ रही है। आज की गिरावट अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के असर से आई है।

नीलेश पारिख के मुताबिक सोना सस्ता होने से गहनों की बिक्री में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। आगे चलकर कारोबार सुधरने का अनुमान है। श्री गणेश ज्वैलरी को मुनाफे के मार्जिन कायम रखने की उम्मीद है।

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