बजट से बाजार को निराशा ही हाथ लगी। एसटीटी में थोड़ी कटौती तो जरूर की गई, लेकिन अमीरों और कॉरपोरेट्स पर टैक्स बोझ बढ़ा। सीटीटी ने भी बाजार का मूड खराब किया।
वित्त वर्ष 2014 के लिए वित्तीय घाटे का लक्ष्य 4.8 फीसदी रखा गया, लेकिन सरकार ने घाटा कैसे घटेगा इस पर रोशनी नहीं डाली। साथ ही, विकास को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे इस पर भी कोई सफाई नहीं आई।
लेकिन, बाजार को झटका लगा एफआईआई के टीआरसी नियमों में बदलाव से। साथ ही, अनलिस्टेड कंपनियों के शेयरों के बायबैक पर 20 फीसदी का टैक्स लगने से भी एफआईआई निराश हुए।
सेंसेक्स 291 अंक गिरकर 18861 और निफ्टी 104 अंक गिरकर 5693 पर बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 4.5 फीसदी लुढ़का। बीएसई स्मॉलकैप 2 फीसदी टूटा। बाजार में करीब 4 लाख करोड़ का रिकॉर्ड टर्नओवर रहा।
पावर शेयर 4.25 फीसदी लुढ़के। बैंक, कैपिटल गुड्स, मेटल, पीएसयू, रियल्टी शेयर 3.5-2.7 फीसदी टूटे। ऑयल एंड गैस, ऑटो, हेल्थकेयर, एफएमसीजी शेयरों में 1.6-0.4 फीसदी की गिरावट आई।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में करीब 1 फीसदी की तेजी आई। आईटी शेयर 0.5 फीसदी मजबूत हुए। तकनीकी शेयरों में हल्की बढ़त दिखी।
बाजार की चाल
बजट के पहले बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से भी तेजी के संकेत मिलने से घरेलू बाजारों का जोश बढ़ा। खुलते ही बाजार ने रफ्तार पकड़ी और निफ्टी 5850 के करीब पहुंचा। सेंसेक्स 170 अंक चढ़ा।
कारोबार के पहले 2 घंटे तक बाजारों ने बढ़त बनाए रखी। बाजार की नजरें वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बजट भाषण पर टिकी थी। लेकिन, बजट भाषण शुरू होने के साथ बाजार धीरे-धीरे मजबूती गंवाते चले गए।
बजट में कुछ खास हाथ न लगने से बाजार में निराशा नजर आई और उतार-चढ़ाव भरा कारोबार रहा। दोपहर 1 बजे के बाद बाजारों ने नीचे का रुख किया और निफ्टी 5800 के नीचे फिसला। मजबूत यूरोपीय संकेत भी बाजार को नहीं संभाल पाए।
बाजार लगातार मजबूती गंवाते चले गए। नए बजट में टीआरसी नियमों में बदलाव किए जाने की वजह से बाजार में घबराहट फैल गई। नए नियमों के मुताबिक डीटीएए के तहत टैक्स छूट पाने के लिए टीआरसी काफी नहीं है।
टीआरसी नियमों में फेरबदल के बाद जिन देशों के साथ भारत का डीटीएए करार है, उनके यहां से आने वाले निवेश पर टैक्स लग सकता है। भारत में सबसे ज्यादा एफआईआई निवेश मॉरिशस से आता है।
साथ ही, बजट में अनलिस्टेड कंपनियों के शेयरों के बायबैक पर 20 फीसदी का अंतिम विदहोल्डिंग टैक्स लगाए जाने का ऐलान हुआ है। इसका फिर से एफआईआई निवेश पर असर पड़ेगा।
सेंसेक्स 350 अंक से ज्यादा टूटकर 19000 के नीचे चला गया। निफ्टी भी 125 अंक लुढ़कर 5700 के नीचे फिसला। 27 नवंबर 2012 के बाद पहली बार निफ्टी 5700 के नीचे पहुंचा। आखिरी चंद मिनटों में बाजार थोड़ा संभले।
For more Information Plz log on to www.rpshares.com
वित्त वर्ष 2014 के लिए वित्तीय घाटे का लक्ष्य 4.8 फीसदी रखा गया, लेकिन सरकार ने घाटा कैसे घटेगा इस पर रोशनी नहीं डाली। साथ ही, विकास को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे इस पर भी कोई सफाई नहीं आई।
लेकिन, बाजार को झटका लगा एफआईआई के टीआरसी नियमों में बदलाव से। साथ ही, अनलिस्टेड कंपनियों के शेयरों के बायबैक पर 20 फीसदी का टैक्स लगने से भी एफआईआई निराश हुए।
सेंसेक्स 291 अंक गिरकर 18861 और निफ्टी 104 अंक गिरकर 5693 पर बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 4.5 फीसदी लुढ़का। बीएसई स्मॉलकैप 2 फीसदी टूटा। बाजार में करीब 4 लाख करोड़ का रिकॉर्ड टर्नओवर रहा।
पावर शेयर 4.25 फीसदी लुढ़के। बैंक, कैपिटल गुड्स, मेटल, पीएसयू, रियल्टी शेयर 3.5-2.7 फीसदी टूटे। ऑयल एंड गैस, ऑटो, हेल्थकेयर, एफएमसीजी शेयरों में 1.6-0.4 फीसदी की गिरावट आई।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में करीब 1 फीसदी की तेजी आई। आईटी शेयर 0.5 फीसदी मजबूत हुए। तकनीकी शेयरों में हल्की बढ़त दिखी।
बाजार की चाल
बजट के पहले बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से भी तेजी के संकेत मिलने से घरेलू बाजारों का जोश बढ़ा। खुलते ही बाजार ने रफ्तार पकड़ी और निफ्टी 5850 के करीब पहुंचा। सेंसेक्स 170 अंक चढ़ा।
कारोबार के पहले 2 घंटे तक बाजारों ने बढ़त बनाए रखी। बाजार की नजरें वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बजट भाषण पर टिकी थी। लेकिन, बजट भाषण शुरू होने के साथ बाजार धीरे-धीरे मजबूती गंवाते चले गए।
बजट में कुछ खास हाथ न लगने से बाजार में निराशा नजर आई और उतार-चढ़ाव भरा कारोबार रहा। दोपहर 1 बजे के बाद बाजारों ने नीचे का रुख किया और निफ्टी 5800 के नीचे फिसला। मजबूत यूरोपीय संकेत भी बाजार को नहीं संभाल पाए।
बाजार लगातार मजबूती गंवाते चले गए। नए बजट में टीआरसी नियमों में बदलाव किए जाने की वजह से बाजार में घबराहट फैल गई। नए नियमों के मुताबिक डीटीएए के तहत टैक्स छूट पाने के लिए टीआरसी काफी नहीं है।
टीआरसी नियमों में फेरबदल के बाद जिन देशों के साथ भारत का डीटीएए करार है, उनके यहां से आने वाले निवेश पर टैक्स लग सकता है। भारत में सबसे ज्यादा एफआईआई निवेश मॉरिशस से आता है।
साथ ही, बजट में अनलिस्टेड कंपनियों के शेयरों के बायबैक पर 20 फीसदी का अंतिम विदहोल्डिंग टैक्स लगाए जाने का ऐलान हुआ है। इसका फिर से एफआईआई निवेश पर असर पड़ेगा।
सेंसेक्स 350 अंक से ज्यादा टूटकर 19000 के नीचे चला गया। निफ्टी भी 125 अंक लुढ़कर 5700 के नीचे फिसला। 27 नवंबर 2012 के बाद पहली बार निफ्टी 5700 के नीचे पहुंचा। आखिरी चंद मिनटों में बाजार थोड़ा संभले।
For more Information Plz log on to www.rpshares.com

No comments:
Post a Comment