Friday, February 15, 2013

नतीजों के बाद किन शेयरों की बदलेगी चाल

तीसरी तिमाही नतीजों का सीजन करीब करीब पूरा हो गया है और नतीजों के लिहाज से ये खास अच्छा नहीं रहा है। पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनियों की बिक्री तो करीब 5.3 फीसदी बढ़ी है लेकिन मुनाफा 2 फीसदी से भी कम बढ़ा है।

तीसरी तिमाही के नतीजे इकोनॉमी की अच्छी तस्वीर पेश नहीं कर रहे हैं। ये लगातार दूसरी तिमाही है जब कंपनियों की बिक्री महंगाई दर के मुकाबले काफी कम बढ़ी है। जिससे साफ पता लगता है कि अर्थव्यवस्था में मंदी दिख रही है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वी के शर्मा का कहना है कि इंफोसिस के अच्छे नतीजों के चलते बाजार में अच्छे नतीजों की उम्मीद थी लेकिन बाद में आने वाले खराब नतीजों से बाजार का मूड बिगड़ गया। तीसरी तिमाही के कमजोर नतीजों के पीछे खराब आर्थिक आंकड़े भी एक वजह रही है।

3 साल में बिक्री की सबसे कमजोर रफ्तार होने से बाजार में मायूसी आई है। हालांकि बाजार को भी नतीजों से ज्यादा अच्छे नतीजों की उम्मीद नहीं थी।

वी के शर्मा के मुताबिक पीएसयू बैंक के खराब नतीजे रहे हैं और इनके मुकाबले निजी बैंकों के मुनाफे और आय में जोरदार बढ़ोतरी देखी गई है। इस सेक्टर में निवेश बनाए रखा जा सकता है। इसके अलावा मीडिया सेक्टर में भी अच्छे नतीजे देखे गए हैं और आगे भी देखे जाएंगे। मीडिया सेक्टर भी निवेश के लिहाज से अच्छा है।

खराब अनुमान के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजे अच्छे रहे हैं और ये बाजार में तेजी ला सकता है। कंपनी के पेट्रोकैमिकल मार्जिन और जीआरएम बढ़े हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए आने वाली तिमाही भी अच्छी रहने की उम्मीद है। गैस के दाम बढ़ने की आशा है जिससे आगे चलकर कंपनी को फायदा होगा। हालांकि बाजार की कमजोरी के चलते मार्च तक शेयर में 40-50 रुपये की गिरावट आ सकती है। लेकिन 1 साल में रिलायंस इंडस्ट्रीज में 20-25 फीसदी की तेजी देखी जा सकती है और इसमें मौजूदा भाव पर खरीदारी की जा सकती है।

हीरो मोटोकॉर्प के नतीजे खराब रहे हैं। होंडा के नए प्लांट के आने के बाद कंपनी के लिए मुकाबला और कड़ा हो जाएगा। कंपनी के हरिद्वार प्लांट को मिल रही टैक्स छूट 31 मार्च तक खत्म हो जाएगी जिससे कंपनी को आगे चलकर ज्यादा टैक्स देना होगा। हीरो मोटोकॉर्प में निवेश ना करें। हालांकि टाटा मोटर्स के खराब नतीजों के बावजूद आगे चलकर कंपनी में तेजी आएगी और निवेशक टाटा मोटर्स में निवेश कर सकते हैं।

आईसीआईसीआई बैंक के नतीजे भी बाजार की उम्मीद से ज्यादा रहे हैं। बैंक के मार्जिन में बढ़ोतरी हुई है और एनपीए में कमी आई है। एनपीए घटने से आगे चलकर 18 फीसदी की ग्रोथ संभव है। बाजार की स्थिति सुधरने के साथ ही बैंक के कारोबार में और भी अच्छा सुधार देखा जाएगा। इसके अलावा कुछ अन्य मिडकैप बैंकों के वैल्यूएशन भी अच्छे हो रहे हैं और इनमें निवेश कर सकते हैं।

एक्सिस बैंक के वैल्थ मैनेजमेंट ग्रुप के इंवेस्टमेंट हेड शरद शुक्ला का कहना है कि बाजार में कन्सोलिडेशन देखा जा रहा है। जनवरी में एफआईआई का भारी पैसा आया है। इतनी तेजी के बाद बाजार में गिरावट आनी स्वाभाविक है और अगर 5-7 फीसदी की गिरावट और आती है तो बाजार में निवेश के लिए अच्छे स्तर बन जाएंगे।

तिमाही नतीजे ठीक ठाक रहे हैं और अर्थव्यवस्था की हालत को देखते हुए नतीजों को बुरा नहीं कहा जा सकता है। बाजार का माहौल अभी भी सकारात्मक है और इसमें एफआईआई का निवेश जारी रहेगा।

शरद शुक्ला का कहना है कि बजट में सरकार द्वारा ऐसी कोई घोषणा होने की उम्मीद नहीं है जिससे बाजार को झटका लगेगा।

इस समय बाजार में बैंकिंग सेक्टर में निवेश किया जा सकता है। निजी बैंक शेयर सरकारी बैंकों के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन करेंगे और इनमें निवेश किया जा सकता है।

एचएसबीसी एएमसी के सीआईओ तुषार प्रधान का कहना है कि कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे मिलेजुले रहे। दूसरे चरण में घोषित हुए नतीजों से थोड़ी निराशा जरूर हुई। तीसरी तिमाही नतीजों से साफ जाहिर है कि कई कंपनियों की आय पर दबाव बरकरार है।

तुषार प्रधान के मुताबिक तीसरी तिमाही के नतीजों का भारतीय बाजार को बहुत ज्यादा सहारा नहीं मिलने वाला है। ऐसे में अगर दूसरे एमर्जिंग मार्केट्स में सुधार दिखता है, तो भारतीय बाजार में निवेश की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है।

बजट पर तुषार प्रधान का मानना है कि सरकार की तरफ से अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए अहम ऐलान किए जा सकते हैं। हालांकि अभी जल्द देश में निवेश का माहौल सुधरता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। सरकार को इंफ्रा सेक्टर में बड़े पैमाने पर खर्च करने की जरूरत है।

डायमेंशंस कंसल्टिंग के सीईओ अजय श्रीवास्तव का कहना है कि मिडकैप शेयरों में करेक्शन से खरीदारी का माहौल बन गया है। मिडकैप शेयर एक बार फिर आकर्षक स्तरों पर आ गए हैं। करेक्शन के बाद फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज, एमसीएक्स और टाटा ग्लोबल जैसे मिडकैप शेयरों में दांव लगाने की सलाह है। साथ ही साल 2013 में मिडकैप इंडेक्स के शेयरों में तेजी बरकरार रहने की उम्मीद है। हाल के करेक्शन के बाद यूनाइटेड ब्रुअरीज और हैवेल्स इंडिया पर भी दांव लगाया जा सकता है।

अजय श्रीवास्तव के मुताबिक एफआईआई हर गिरावट पर ब्लूचिप शेयरों में खरीदारी की रणनीति पर कायम हैं। लिहाजा ट्रेडिंग के लिहाज से जेपी एसोसिएट्स में 90-100 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदारी की जा सकती है। हिंडाल्को में 100 रुपये के स्तर पर 130 रुपये के लक्ष्य के लिए खरीदारी करने की सलाह है। मिडकैप शेयरों में थोड़े थोड़े अंतराल पर मुनाफावसूली की रणनीति अपनानी चाहिए।

अजय श्रीवास्तव ने जीएमआर और जीवीके पावर जैसे इंफ्रा शेयरों से दूरी बनाने की सलाह दी है। हालांकि मौजूदा स्तर पर फोर्टिस हेल्थकेयर में खरीदारी की जा सकती है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के ऑटो एनालिस्ट हितेश गोयल का कहना है कि नतीजों के बाद टाटा मोटर्स में 330 रुपये के लक्ष्य के साथ निवेश किया जा सकता है। टाटा मोटर्स का घरेलू कारोबार कंपनी के कमाई में ज्यादा योगदान नहीं दे पाएगा। घरेलू कारोबार कंपनी के कंसोलिडेटेड कारोबार में 5 फीसदी का योगदान दे सकता है। टाटा मोटर्स का घरेलू कमर्शियल व्हीकल का कारोबार स्थिर रहने का अनुमान है।

मैक्वायरी के बैंकिंग एनालिस्ट सुरेश गणपति का कहना है कि एसबीआई के नतीजों से ज्यादा निराशा नहीं हुई है। तिमाही आधार पर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में गिरावट थोड़ी चिंता का विषय है।

मौजूदा समय से बैंकों के ऐसेट क्वालिटी में सुधार होना शुरु होगा। वित्त वर्ष 2014 बैंकों के लिए कुछ बेहतर साबित होगा।

सुरेश गणपति के मुताबिक पीएसयू बैंकों में एसबीआई सबसे पसंदीदा शेयर बना रहेगा। तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद बैंक ऑफ बडौ़दा के ऊपर विश्वास कुछ कम हुआ है।

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