सेल के चेयरमैन, सी एस वर्मा का कहना है कि मार्च में ही विनिवेश की प्रक्रिया पूरी होगी और इसी हफ्ते रोड़ शो शुरू होगा। सरकार सेल का 10.82 फीसदी हिस्सा बेचने वाली है। कंपनी में सरकार का कुल हिस्सा 85.82 फीसदी है।
हालांकि, सी एस वर्मा ने कहा है कि अभी कंपनी का बायबैक का कोई प्रस्ताव नहीं है। खबरें थी कि मार्च में सेल के 5 फीसदी हिस्सेदारी का बायबैक किया जा सकता है।
सी एस वर्मा के मुताबिक बजट में स्टील की मांग बढ़ाने के कई प्रस्ताव रखे गए हैं। वित्त वर्ष 2014 में स्टील की मांग में 9 फीसदी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। चीन और दूसरे देशों के मुकाबले भारत में स्टील की मांग सबसे अच्छी है।
सेल कैपैक्स प्रोग्राम के तहत उत्पादन क्षमता 1.4 करोड़ टन से बढ़ाकर 2.4 करोड़ टन करने वाली है। क्षमता बढ़ाने पर कंपनी 72000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कंपनी अगले 5 साल में 60000 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है।
सी एस वर्मा का कहना है कि बजट में किए गए इंवेस्टमेंट अलाउंस बेनेफिट के तहत कंपनी को 2 साल में 25000 करोड़ रुपये के निवेश पर 15 फीसदी की छूट मिलेगी। निवेश पर छूट मिलने से कंपनी को 400-450 करोड़ रुपये का फायदा होगा।
सी एस वर्मा के मुताबिक कैपैक्स प्रोग्राम के तहत कंपनी को 58000 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले हैं। अगले कुछ महीनों में कई नई यूनिट में काम शुरू होगा। 2013-14 से नई यूनिट का फायदा कंपनी को मिलना शुरू होगा।
सी एस वर्मा का कहना है कि रेल बजट में मालभाड़ा बढ़ने से कंपनी पर 300-350 करोड़ रुपये का दबाव आएगा। स्टील की मांग और आपूर्ति को देखते हुए दाम बढ़ाए जाते हैं। मालभाड़ा बढ़ने से स्टील के दाम बढ़ना संभव है।
सी एस वर्मा के मुताबिक कंपनी ने 1 मार्च 2013 से स्टील के दाम 500 रुपये प्रति टन बढ़ाए हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले 2 महीने में स्टील के दाम 15-20 डॉलर प्रति टन बढ़े हैं। साथ ही, कोकिंग कोल के दाम भी बढ़े हैं।
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हालांकि, सी एस वर्मा ने कहा है कि अभी कंपनी का बायबैक का कोई प्रस्ताव नहीं है। खबरें थी कि मार्च में सेल के 5 फीसदी हिस्सेदारी का बायबैक किया जा सकता है।
सी एस वर्मा के मुताबिक बजट में स्टील की मांग बढ़ाने के कई प्रस्ताव रखे गए हैं। वित्त वर्ष 2014 में स्टील की मांग में 9 फीसदी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। चीन और दूसरे देशों के मुकाबले भारत में स्टील की मांग सबसे अच्छी है।
सेल कैपैक्स प्रोग्राम के तहत उत्पादन क्षमता 1.4 करोड़ टन से बढ़ाकर 2.4 करोड़ टन करने वाली है। क्षमता बढ़ाने पर कंपनी 72000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कंपनी अगले 5 साल में 60000 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है।
सी एस वर्मा का कहना है कि बजट में किए गए इंवेस्टमेंट अलाउंस बेनेफिट के तहत कंपनी को 2 साल में 25000 करोड़ रुपये के निवेश पर 15 फीसदी की छूट मिलेगी। निवेश पर छूट मिलने से कंपनी को 400-450 करोड़ रुपये का फायदा होगा।
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सी एस वर्मा का कहना है कि रेल बजट में मालभाड़ा बढ़ने से कंपनी पर 300-350 करोड़ रुपये का दबाव आएगा। स्टील की मांग और आपूर्ति को देखते हुए दाम बढ़ाए जाते हैं। मालभाड़ा बढ़ने से स्टील के दाम बढ़ना संभव है।
सी एस वर्मा के मुताबिक कंपनी ने 1 मार्च 2013 से स्टील के दाम 500 रुपये प्रति टन बढ़ाए हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले 2 महीने में स्टील के दाम 15-20 डॉलर प्रति टन बढ़े हैं। साथ ही, कोकिंग कोल के दाम भी बढ़े हैं।
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