ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम पा चुकी कंपनियों के लिए बेहद अच्छी खबर है। अब वो कुछ लाइसेंस फीस देकर अपने स्पेक्ट्रम के जरिए वॉयस कॉल भी दे सकेंगी। अभी तक ये सुविधा सिर्फ 2जी लाइसेंस पाने वाली कंपनियों को थी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास फिलहाल पूरे देश में वायरलेस ब्रॉडबैंड का लाइसेंस है।
टेलिकॉम सचिव आर चंद्रशेखर का कहना है कि मौजूदा ऑपरेटरों को तुरंत यूनिफाइड लाइसेंस लेने की छूट दी है। साथ ही 4जी ऑपरेटर 1,658 करोड़ रुपये की फीस देकर वॉयस सर्विस दे सकेंगी।
आर चंद्रशेखर के मुताबिक टेलिकॉम कमीशन ने मार्च में 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी का फैसला बरकरार रखा है। मार्च में 1,800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रक की नीलामी की जाएगी।
हालांकि टावर कंपनियों को यूनिफाइड लाइसेंस के तहत लाने की योजना टाल दी गई है। वहीं टेलिकॉम कमीशन ने नक्सल प्रभावित इलाकों में 2,199 नए टावर लगाने को मंजूरी दी है। टेलिकॉम टावर लगाने के सरकार को 3,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सरकार ने टीसीआईएल के विनिवेश की योजना टाल दी है।
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टेलिकॉम सचिव आर चंद्रशेखर का कहना है कि मौजूदा ऑपरेटरों को तुरंत यूनिफाइड लाइसेंस लेने की छूट दी है। साथ ही 4जी ऑपरेटर 1,658 करोड़ रुपये की फीस देकर वॉयस सर्विस दे सकेंगी।
आर चंद्रशेखर के मुताबिक टेलिकॉम कमीशन ने मार्च में 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी का फैसला बरकरार रखा है। मार्च में 1,800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रक की नीलामी की जाएगी।
हालांकि टावर कंपनियों को यूनिफाइड लाइसेंस के तहत लाने की योजना टाल दी गई है। वहीं टेलिकॉम कमीशन ने नक्सल प्रभावित इलाकों में 2,199 नए टावर लगाने को मंजूरी दी है। टेलिकॉम टावर लगाने के सरकार को 3,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सरकार ने टीसीआईएल के विनिवेश की योजना टाल दी है।
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