साल 2006 से 2009 के दौरान आवंटित किए गए कोल ब्लॉक रद्द हो सकते हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को लताड़ लगाई है और कोल ब्लॉक्स का आवंटन रद्द करने का विचार कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से इस मामले में अतिरिक्त हलफनामा सौंपने को कहा है।
साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से आवंटन के मामले में 30 अप्रैल तक जांच रिपोर्ट भी मांगी है। दरअसल सीबीआई ने ही अंदेशा जताया था कि साल 2006 से 2009 के दौरान कंपिनयों को कोल ब्लॉक देने में मनमानी की गई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।
इस खबर के बाद जिंदल स्टील, हिंडाल्को और टाटा पावर के शेयरों में कमजोरी देखने को मिल रही है। मेटल, सीमेंट और पावर कंपनियों के लिए निगेटिव खबर हो सकती है। हालांकि आगे चलकर इन सभी सेक्टर में सुप्रीम कोर्ट के कड़े रवैये का अच्छा फायदा भी देखने को मिल सकता है।
अगर सुप्रीम कोर्ट ने कोल ब्लॉक रद्द करने का फैसला किया तो जिन कंपनियों के पावर प्लांट आने वाले हैं ऐसी कंपनियों को झटका लग सकता है। इन कंपनियों में आधुनिक पावर, डीबी पावर, मोनेट इस्पात और सीईएससी जैसी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि इस फैसले का कोल इंडिया को फायदा होगा।
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अगर सुप्रीम कोर्ट ने कोल ब्लॉक रद्द करने का फैसला किया तो जिन कंपनियों के पावर प्लांट आने वाले हैं ऐसी कंपनियों को झटका लग सकता है। इन कंपनियों में आधुनिक पावर, डीबी पावर, मोनेट इस्पात और सीईएससी जैसी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि इस फैसले का कोल इंडिया को फायदा होगा।
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