देश में इस साल भी गेहूं का बंपर पैदावार होने जा रहा है, इसे देखते हुए सरकार गेहूं निर्यात करने की पूरी कोशिश कर रही है। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद सरकारी कंपनियों को अपना टेंडर रद्द करना पड़ा है। साथ ही सरकारी गोदामों में करीब 3 करोड़ टन गेहूं का भंडार मौजूद है।
सूत्रों के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय बाजार भाव गिरने से एमएमटीसी और एसटीसी ने करीब 1.60 लाख टन गेहूं निर्यात के टेंडर रद्द कर दिए हैं, क्योंकि इन्हें बेहद कम भाव पर बोलियां मिली थीं। कंपनियों को करीब 300 डॉलर प्रति टन के भाव पर बोलियां मिली थी। इस बीच वायदा में आज गेहूं का भाव 1,400 रुपये के नीचे आ गया है।
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