बारट्रॉनिक्स इंडिया में पिछले कुछ समय से बढ़ती लेनदारी के चलते दबाव देखा जा रहा है। दिसंबर तिमाही के अंत तक कंपनी पर 880 करोड़ रुपए की लेनदारी है। कंपनी की लेनदारी की स्थिति खतरनाक है।
बारट्रॉनिक्स इंडिया के एमडी सुधीर राव का कहना है कि कंपनी पैसे वसूलने के लिए कई कदम उठा रही है जैसे लेनदारों को डिस्काउंट, किश्तों में भुगतान करना आदि कदमों से हालात सुधरने की उम्मीद है। पैसा वापस न आने से कंपनी की ग्रोथ पर दबाव देखा जा रहा है। ग्राहकों से पैसे वसूलने के लिए कंपनी 10 से 40 फीसदी तक के डिस्काउंट दे रही है।
लिक्विडिटी से जूझने के लिए फंड जुटाने की कोशिश जारी है। प्रोमोटरों से कंपनी में फंड डालने के लिए बातचीत जारी है। इसके अलावा कंपनी के कुछ एसेट में निवेश करने के लिए विदेशी निवेशकों से भी बातचीत जारी है। सुधीर राव के मुताबिक मैनेजमेंट 100फीसदी आश्वस्त है कि कारोबार में तेजी वापस आएगी।
23 सरकारी बैंको के साथ फिलहाल प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। कंपनी की कारोबारी स्थिति सुधरने के साथ ही नए ऑर्डरों में भी तेजी आएगी।
कंपनी के कुल 5 करोड़ डॉलर के एफसीसीबी बकाया हैं जो पिछले महीने लंबित हो चुके हैं। इसके लिए बांड होल्डर्स से बातचीत चल रही है, ये चर्चा अंतिम चरण में है। सुधीर राव के मुताबिक जिस देनदार ने हाई कोर्ट में मुकदमा किया है उसके केवल 4 करोड़ रु बकाया हैं।
बारट्रोनिक्स इंडिया हैदराबाद की कंपनी है जो बार कोडिंग सॉल्यूशंस देती है। कंपनी का मार्केट कैप 50 करोड़ रुपये है और इसमें प्रोमोटरों की हिस्सेदारी 20 फीसदी है।
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बारट्रॉनिक्स इंडिया के एमडी सुधीर राव का कहना है कि कंपनी पैसे वसूलने के लिए कई कदम उठा रही है जैसे लेनदारों को डिस्काउंट, किश्तों में भुगतान करना आदि कदमों से हालात सुधरने की उम्मीद है। पैसा वापस न आने से कंपनी की ग्रोथ पर दबाव देखा जा रहा है। ग्राहकों से पैसे वसूलने के लिए कंपनी 10 से 40 फीसदी तक के डिस्काउंट दे रही है।
लिक्विडिटी से जूझने के लिए फंड जुटाने की कोशिश जारी है। प्रोमोटरों से कंपनी में फंड डालने के लिए बातचीत जारी है। इसके अलावा कंपनी के कुछ एसेट में निवेश करने के लिए विदेशी निवेशकों से भी बातचीत जारी है। सुधीर राव के मुताबिक मैनेजमेंट 100फीसदी आश्वस्त है कि कारोबार में तेजी वापस आएगी।
23 सरकारी बैंको के साथ फिलहाल प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। कंपनी की कारोबारी स्थिति सुधरने के साथ ही नए ऑर्डरों में भी तेजी आएगी।
कंपनी के कुल 5 करोड़ डॉलर के एफसीसीबी बकाया हैं जो पिछले महीने लंबित हो चुके हैं। इसके लिए बांड होल्डर्स से बातचीत चल रही है, ये चर्चा अंतिम चरण में है। सुधीर राव के मुताबिक जिस देनदार ने हाई कोर्ट में मुकदमा किया है उसके केवल 4 करोड़ रु बकाया हैं।
बारट्रोनिक्स इंडिया हैदराबाद की कंपनी है जो बार कोडिंग सॉल्यूशंस देती है। कंपनी का मार्केट कैप 50 करोड़ रुपये है और इसमें प्रोमोटरों की हिस्सेदारी 20 फीसदी है।
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