Thursday, May 2, 2013

सेंसेक्स 231 अंक चढ़ा, 5999 पर बंद निफ्टी :

करंट अकाउंट घाटा कम होने और आरबीआई द्वारा दरें घटाए जाने की उम्मीद से बाजार 1 फीसदी से ज्यादा चढ़े। सेंसेक्स 231 अंक चढ़कर 19736 और निफ्टी 69 अंक चढ़कर 5999 पर बंद हुए।

बाजार में तेजी में दिग्गजों के साथ-साथ छोटे और मझौले शेयरों ने भी पूरा योगदान दिया। निफ्टी मिडकैप 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। बीएसई स्मॉलकैप में 0.5 फीसदी की तेजी आई।

सबसे ज्यादा तेजी आईटी और तकनीकी शेयरों ने दिखाई। आईटी और तकनीकी शेयर 2.5-2 फीसदी उछले। साथ ही, आरबीआई द्वारा दरें घटाने की उम्मीद से रियल्टी और बैंक 1.5-1 फीसदी चढ़े।

कैपिटल गुड्स, पावर, ऑयल एंड गैस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में 1.5-1 फीसदी की तेजी आई। एफएमसीजी, पीएसयू, हेल्थकेयर और पीएसयू शेयर 0.7-0.3 फीसदी मजबूत हुए। मेटल शेयर हल्की बढ़त पर बंद हुए।

बाजार की चाल

कमजोर अंतर्राष्ट्रीय संकेतों की वजह से घरेलू बाजार भी गिरावट के साथ खुले। हालांकि, कारोबार के शुरुआती मिनटों बाजार हरे निशान में पहुंचे। मिडकैप शेयरों में भी मजबूती बढ़ती नजर आई।

बाजार में तेजी लगातार बढ़ती चली गई और निफ्टी 6000 के ऊपर पहुंचा। 4 फरवरी 2013 के बाद पहली बार निफ्टी 6000 का स्तर पार कर पाया। सेंसेक्स में भी 230 अंक की तेजी आई। मिडकैप शेयर 1.75 फीसदी चढ़े।

बाजार की तेजी के पीछे वजह रही करंट अकाउंट घाटे में कमी आने की उम्मीद। कच्चे तेल और सोने की कीमतों में गिरावट आने की वजह से करंट अकाउंट घाटा कम होने की संभावना है।

साथ ही, बाजार को शुक्रवार को होने वाली क्रेडिट पॉलिसी से भी बड़ी उम्मीदें हैं। बाजार का अनुमान है कि महंगाई कम होने के बाद दरें घटने का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा अप्रैल मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई से भी मंदी के संकेत मिले हैं।

यूरोपीय बाजारों की कमजोर शुरुआत भी घरेलू बाजारों के मूड को खराब नहीं कर पाई। सेंसेक्स करीब 300 अंक चढ़ा और निफ्टी 6019 के स्तर पर पहुंचा। मिडकैप शेयरों में भी तेजी बरकरार रही।

दोपहर 2 बजे के बाद बाजार पर थोड़ा मुनाफावसूली का दबाव दिखा और बाजार ऊपरी स्तरों से फिसले। निफ्टी 6000 के नीचे पहुंचा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की भी मजबूती कम हुई।

क्या चढ़ा, क्या गिरा

दिग्गजों में रिलायंस इंफ्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, जेपी एसोसिएट्स, एमएंडएम, एलएंडटी, पावर ग्रिड, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अंबुजा सीमेंट्स, एनटीपीसी, एसीसी 3.5-2 फीसदी उछले।

कच्चे तेल में गिरावट आने की वजह से एचपीसीएल, इंडियन ऑयल और बीपीसीएल 1.75-0.6 फीसदी चढ़े। सब्सिडी बोझ कम होने की उम्मीद से ओएनजीसी 0.7 फीसदी और ऑयल इंडिया 1 फीसदी मजबूत हुए।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही के अच्छे नतीजों की वजह से आईडीएफसी 2.5 फीसदी चढ़ा।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक का मुनाफा 27.8 फीसदी बढ़कर 666 करोड़ रुपये रहा। कोटक महिंद्रा बैंक 1.25 फीसदी मजबूत हुआ।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में सिंडिकेट बैंक का मुनाफा 91.4 फीसदी बढ़कर 592.3 करोड़ रुपये रहा। सिंडिकेट बैंक करीब 8 फीसदी उछला।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में आंध्रा बैंक का मुनाफा 1.5 फीसदी बढ़कर 345 करोड़ रुपये रहा। आंध्रा बैंक 2.5 फीसदी मजबूत हुआ।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा मल्टीब्रैंड रिटेल एफडीआई को मंजूरी देने से फ्यूचर रिटेल, फ्यूचर रिटेल (डीवीआर), प्रोजोन कैपिटल, शॉपर्स स्टॉप, केवल किरण 3-1 फीसदी चढ़े।

मिडकैप शेयरों में रिलायंस कम्यूनिकेशंस, यूनिटेक, जीएमआर इंफ्रा, ऑरबिंदो फार्मा, सिंटेक्स, ऑप्टो सर्किट्स, रिलायंस कैपिटल में 8-3.5 फीसदी की तेजी आई।

कारोबार की रीस्ट्रक्चरिंग की खबर से पोलारिस फाइनेंशियल के शेयरों में 1.5 फीसदी तक की मजबूती आई।

इंग्लिश इंडियन क्ले (ईआईसीएल) में 20 फीसदी का उछाल आया। कंपनी का बोर्ड डीलिस्टिंग पर विचार करने वाला है।

मंगलवार की जोरदार तेजी के बाद एचयूएल पर मुनाफावसूली का दबाव दिखा और शेयर 2 फीसदी लुढ़का।

3.5 फीसदी की गिरावट के साथ शुरुआत करने के बाद भारती एयरटेल ने रिकवरी दिखाई और शेयर 0.5 की कमजोरी पर बंद हुआ।

अप्रैल में बिक्री 15 फीसदी घटने की वजह से टाटा मोटर्स 1 फीसदी से ज्यादा टूटा।

अप्रैल में हीरो मोटोकॉर्प की बिक्री में 10 फीसदी की गिरावट आई। हीरो मोटोकॉर्प 1.75 फीसदी गिरा।

केर्न इंडिया, हिंडाल्को, बजाज ऑटो, गेल, बीएचईएल, डॉ रेड्डीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, सेसा गोवा, लुपिन जैसे दिग्गज 2-0.5 फीसदी कमजोर हुए।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में केनरा बैंक का मुनाफा 12.5 फीसदी घटकर 725 करोड़ रुपये रहा। केनरा बैंक में 0.6 फीसदी की गिरावट आई।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में एनपीए बढ़ने की वजह से ओरियंटल बैंक के शेयर 3.5 फीसदी लुढ़के।

सूत्रों के मुताबिक किंगफिशर एयरलाइंस का बकाया कर्ज वसूलने के लिए विजय माल्या और यूबी होल्डिंग्स की गारंटी को भुनाना शुरू किया है। यूबी होल्डिंग्स 1.25 फीसदी और किंगफिशर एयरलाइंस 3 फीसदी टूटे।

अंतर्राष्ट्रीय संकेत

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुझान रहा। निक्केई, कॉस्पी, हैंग सैंग और शंघाई कंपोजिट 0.7-0.2 फीसदी गिरे। स्ट्रेट्स टाइम्स और ताइवान इंडेक्स में 1-0.4 फीसदी की तेजी आई। सिंगापुर निफ्टी 0.6 फीसदी मजबूत है।

यूरोपीय बाजारों पर आर्थिक आंकड़ों का असर दिख रहा है। जर्मनी में उम्मीद से बेहतर मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई की वजह से डीएएक्स 0.3 फीसदी मजबूत हैं। वहीं, कमजोर आंकड़ों की वजह से सीएसी और एफटीएसई लाल निशान में हैं।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आई है। फिलहाल रुपया 53.94 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। मंगलवार को रुपया 54.80 पर बंद हुआ था।

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आंध्रा बैंक: मुनाफा 1.5%, ब्याज आय 4.3% बढ़ी :

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में आंध्रा बैंक का मुनाफा 1.5 फीसदी बढ़कर 345 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में बैंक का मुनाफा 340 करोड़ रुपये रहा था।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में आंध्रा बैंक की ब्याज आय 4.3 फीसदी बढ़कर 953.4 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में बैंक की ब्याज आय 913.8 करोड़ रुपये रही थी।

तिमाही दर तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च में आंध्रा बैंक के नेट एनपीए 2.29 फीसदी से बढ़कर 2.45 फीसदी रहे। वहीं, बैंक के ग्रॉस एनपीए 3.66 फीसदी से बढ़कर 3.71 फीसदी रहे।

तिमाही-दर-तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च में आंध्रा बैंक की अन्य आय 238 करोड़ रुपये से बढ़कर 354 करोड़ रुपये रही। वहीं, बैंक का टैक्स एक्पेंस 170 करोड़ रुपये से घटकर 4 करोड़ रुपये रहा।

पिछली तिमाही के मुकाबले जनवरी-मार्च तिमाही में आंध्रा बैंक के प्रोविजंस 285 करोड़ रुपये से बढ़कर 365 करोड़ रुपये रहे। वहीं, बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो 11.86 फीसदी से घटकर 11.76 फीसदी रही।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में आंध्रा बैंक का प्रोविजन कवरेज रेश्यो 49.57 फीसदी है। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.35 फीसदी से घटकर 3.04 फीसदी रहा।

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एलेंबिक फार्मा का मुनाफा 2 गुना से ज्यादा बढ़ा :

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में एलेंबिक फार्मा का 2 गुना से ज्यादा बढ़कर 43.6 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में एलेंबिक फार्मा का मुनाफा 20.3 करोड़ रुपये रहा था।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में एलेंबिक फार्मा की बिक्री 10 फीसदी बढ़कर 376.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में एलेंबिक फार्मा की बिक्री 342.3 करोड़ रुपये रही थी।

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सिंडिकेट बैंक के मुनाफे में 91.4% की बढ़ोतरी :

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में सिंडिकेट बैंक का मुनाफा 91.4 फीसदी बढ़कर 592.3 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में सिंडिकेट बैंक का मुनाफा 309.4 करोड़ रुपये रहा था।

हालांकि वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में सिंडिकेट बैंक की ब्याज आय 0.5 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 1,344 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में सिंडिकेट बैंक की ब्याज आय 1,336.6 करोड़ रुपये रही थी।

वहीं तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में सिंडिकेट बैंक के नेट एनपीए 0.85 फीसदी से घटकर 0.76 फीसदी रहे। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में सिंडिकेट बैंक के ग्रॉस एनपीए 2.31 फीसदी से घटकर 1.99 फीसदी रहे।

तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में सिंडिकेट बैंक का टैक्स राइटबैक 309.4 करोड़ रुपये के मुकाबले 104 करोड़ रुपये का रहा। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में सिंडिकेट बैंक का कैपिटल एडेक्वेसी रेश्यो 11.38 फीसदी से बढ़कर 12.59 फीसदी रहा। 31 मार्च 2013 के अंत तक सिंडिकेट बैंक का प्रोविजन कवरेज रेश्यो 83.41 फीसदी रहा।

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आरबीआई ने जीडीपी और महंगाई का अनुमान घटाया :

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2014 के लिए जीडीपी अनुमान 6.5 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी किया है। आरबीआई के मुताबिक अर्थव्यवस्था की रिकवरी सुस्त रहेगी। हालांकि, आरबीआई ने महंगाई का अनुमान 7 फीसदी से घटाकर 6.5 फीसदी किया है।

वित्त वर्ष 2014 में इंडस्ट्री ग्रोथ का अनुमान 4.7 फीसदी से घटाकर 4.4 फीसदी किया है। वहीं, सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 7.8 फीसदी के मुकाबले 7.1 फीसदी रहने का अनुमान है। कृषि सेक्टर 3 फीसदी की दर से बढ़ेगा। आरबीआई को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2014 की दूसरी छमाही में ग्रोथ को रफ्तार मिल सकती है।

आरबीआई ने बैंकों की गिरती एसेट क्वालिटी चिंता जताई है। आरबीआई के मुताबिक गवर्नेंस के मुद्दे पर चिंता का असर ग्रोथ पर पड़ेगा। आरबीआई का मानना है कि वित्तीय घाटा कम हुआ तो करंट अकांउट घाटे से राहत मिल सकती है।

आरबीआई का कहना है कि वित्त वर्ष 2013 में करंट अकाउंट घाटा 5 फीसदी के नए रिकॉर्ड स्तर पर रह सकता है। आरबीआई का कहना है कि कमोडिटी की कीमतों में गिरावट से करंट अकाउंट घाटा कम हो सकता है। वित्त वर्ष 2013 में औसत महंगाई दर 7.4 फीसदी रहने का अनुमान है।

हालांकि, आरबीआई का कहना है कि दरों में कटौती की गुंजाइश काफी कम है। अब शुक्रवार को होने वाली आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी बैठक पर नजर टिकी है।

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कमोडिटी बाजारः सोने-चांदी में लौट आई उछाल :

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बुधवार की तेज गिरावट के बाद सोने में आज भी दबाव बना हुआ है। हालांकि घरेलू बाजार में सोने में बढ़त दिख रही है और एमसीएक्स पर सोना 26,600 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। एमसीएक्स पर बुधवार को शाम के सत्र में सोना करीब 500 रुपये टूट गया था।

बुधवार को फेडरल रिजर्व की ओर से क्यूई पर ऐलान के बाद सोने में तेज गिरावट आई थी। जानकारों का मानना है कि सोना पूरी तरह से मंदी की चपेट में आ गया है और इस साल के अंत तक सोना घरेलू बाजार में 22,000 रुपये के स्तर तक भी गिर सकता है।

चांदी में भी तेज उछाल देखने को मिल रही है। फिलहाल एमसीएक्स पर चांदी 1.2 फीसदी की मजबूती के साथ 44,180 रुपये पर कारोबार कर रही है। वहीं सोना 0.5 फीसदी चढ़कर 26,670 रुपये पर कारोबार कर रहा है।

एमसीएक्स पर कच्चे तेल में भी मजबूती लौट आई है। एमसीएक्स पर कच्चा तेल 1.25 फीसदी की उछाल के साथ 4,930 रुपये के पार पहुंच गया है। बेस मेटल्स में भी मजबूती लौट आई है। एमसीएक्स पर कॉपर 1.7 फीसदी की तेज बढ़त के साथ 374.20 रुपये पर कारोबार कर रहा है। एल्यूमिनियम में 1.15 फीसदी, निकेल में 0.9 फीसदी, लेड में 1.6 फीसदी और जिंक में 1.3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।

आज जीरा वायदा में तेज गिरावट आई है। एनसीडीईएक्स पर मई और जून वायदा करीब 1.5 फीसदी तक टूट चुके हैं। हालांकि हाजिर बाजारों में गिरावट ज्यादा नहीं है। लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि हाजिर में जीरे का भाव वायदा से काफी नीचे चल रहा है।

चने में आज तेजी आई है। एनसीडीईएक्स पर चने का मई वायदा 1 फीसदी की बढ़त के साथ 3,470 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। आज हाजिर बाजारों में भी बढ़त पर कारोबार हो रहा है। जयपुर में चने का भाव करीब 50 रुपये बढ़कर 3,500 रुपये पर पहुंच गया है। वहीं दिल्ली में चना करीब 25 रुपये बढ़कर 3,475 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

नेचुरल गैस एमसीएक्स (मई वायदा) : बेचें - 237, स्टॉपलॉस - 242 और लक्ष्य - 227

एल्यूमिनियम मिनी एमसीएक्स (मई वायदा) : खरीदें - 98, स्टॉपलॉस - 95.20 और लक्ष्य - 104

जीरा एनसीडीईएक्स (मई वायदा) : बेचें - 12800-12850, स्टॉपलॉस - 13000 और लक्ष्य - 12500

आलू एमसीएक्स (मई वायदा) : बेचें - 1000-1005, स्टॉपलॉस - 1020 और लक्ष्य - 970

चना एनसीडीईएक्स (जून वायदा) : खरीदें - 3540, स्टॉपलॉस - 3495 और लक्ष्य - 3585/3590

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ईसीबी ने ब्याज दरें 0.25% से घटाई :

यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) ने ब्याज दरें 0.25 फीसदी से घटाने का फैसला किया है। साथ ही, मार्जिनल लेंडिंग रेट 1.5 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी किया है। ईसीबी ने डिपॉजिट रेट 0 फीसदी पर बरकरार रखा है। पिछले साल जुलाई में ईसीबी ने दरें घटाई थीं।

ईसीबी द्वारा दरें घटाए जाने की खबर से यूरोपीय बाजारों में तेजी नजर आई थी। हालांकि, बाजारों पर फिर से दबाव लौटता नजर आ रहा है। फिलहाल डीएएक्स और सीएसी में बढ़त है। हालांकि, एफटीएसई लाल निशान में हैं। अप्रैल मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई 4 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है, जिससे बाजारों पर दबाव है।

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कोटक महिंद्रा बैंक का मुनाफा 27.8% बढ़ा :

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक का मुनाफा 27.8 फीसदी बढ़कर 666 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक का मुनाफा 521 करोड़ रुपये रहा था।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक की ब्याज आय 26.1 फीसदी बढ़कर 1,324 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक की ब्याज आय 1,049.3 करोड़ रुपये रही थी।

वहीं तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक के नेट एनपीए बिना बदलाव के 0.64 फीसदी पर बरकरार हैं। हालांकि तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक के ग्रॉस एनपीए 1.2 फीसदी से बढ़कर 1.3 फीसदी रहे।

तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक ने 42.4 करोड़ रुपये के मुकाबले 37.4 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की है। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक का कैपिटल एडेक्वेसी रेश्यो 15.63 फीसदी से बढ़कर 16.05 फीसदी रहा।

कोटक महिंद्रा बैंक के एक्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन और एमडी उदय कोटक का कहना है कि चौथी तिमाही में बैंक का प्रोविजन कवरेज रेश्यो 49.57 फीसदी रहा। चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद वित्त वर्ष 2013 में बैंक का प्रदर्शन बेहतर रहा। प्रोविजनिंग में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2014 की दूसरी छमाही में ग्रोथ बढ़ने की उम्मीद है।

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केनरा बैंक का मुनाफा घटा, ब्याज आय बढ़ी :

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में केनरा बैंक का मुनाफा 12.5 फीसदी घटकर 725 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में केनरा बैंक का मुनाफा 829 करोड़ रुपये रहा था।

हालांकि वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में केनरा बैंक की ब्याज आय 2.5 फीसदी बढ़कर 2,091 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में केनरा बैंक की ब्याज आय 2,040 करोड़ रुपये रही थी।

वहीं तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में केनरा बैंक के नेट एनपीए 2.35 फीसदी से घटकर 2.18 फीसदी रहे। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में केनरा बैंक के ग्रॉस एनपीए 2.77 फीसदी से घटकर 2.57 फीसदी रहे। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में केनरा बैंक ने 626 करोड़ रुपये के मुकाबले 752 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की है।

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भारती एयरटेल के मुनाफे में 79% की बढ़ोतरी :

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में भारती एयरटेल का मुनाफा 79.2 फीसदी बढ़कर 508.6 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2013 की तीसरी तिमाही में भारती एयरटेल का मुनाफा 283.7 करोड़ रुपये रहा था।

हालांकि वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में भारती एयरटेल की आय 1 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 20,448 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2013 की तीसरी तिमाही में भारती एयरटेल की आय 20,254 करोड़ रुपये रही थी।

चौथी तिमाही में तिमाही दर तिमाही आधार पर भारती एयरटेल का एबिटडा 6,169.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,487 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में भारती एयरटेल का एबिडटा मार्जिन 30.46 फीसदी से बढ़कर 31.7 फीसदी रहा है।

तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में भारती एयरटेल की औसतन प्रति ग्राहक आय 185 रुपये से बढ़कर 193 रुपये रही। हालांकि तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में भारती एयरटेल का अफ्रीकी कारोबार का राजस्व 113.3 करोड़ डॉलर के मुकाबले 1 फीसदी से ज्यादा घटकर 112 करोड़ डॉलर रहा। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में भारती एयरटेल के अफ्रीकी कारोबार का एबिटडा मार्जिन 26.5 फीसदी से घटकर 25.4 फीसदी रहा।

भारती एयरटेल का कहना है कि चौथी तिमाही में 96 करोड़ रुपये की अतिरिक्त टैक्स प्रोविजनिंग की गई है। वहीं आगे बांग्लादेशी कारोबार में बाकी बची 30 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की योजना है।

भारती एयरटेल के मुताबिक आगे बाजार हिस्सेदारी और मार्जिन बढ़ने की उम्मीद है। डेटा कारोबार में लगातार बढ़त देखने को मिल रही है। हालांकि पिछले कुछ महीनों से नए ग्राहक बनाने की रफ्तार जरूर धीमी पड़ गई है। फिर भी चौथी तिमाही में ग्राहकों की संख्या बढ़ी है।

भारती एयरटेल का मानना है कि टेलिकॉम ऑपरेटरों के बीच प्राइसिंग को लेकर फिर से प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। टेलिकॉम ऑपरेटरों की तरफ से सस्ती दरों में मोबाइल सेवाएं देने की होड़ धीरे-धीरे खत्म हो रही है। भारतीय कारोबार में मिनट यूसेज में बढ़त दिखी है। बाजार में फिर से प्राइसिंग को लेकर स्थिरता नजर आ रही है।

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