करंट अकाउंट घाटा कम होने और आरबीआई द्वारा दरें घटाए जाने की उम्मीद से बाजार 1 फीसदी से ज्यादा चढ़े। सेंसेक्स 231 अंक चढ़कर 19736 और निफ्टी 69 अंक चढ़कर 5999 पर बंद हुए।
बाजार में तेजी में दिग्गजों के साथ-साथ छोटे और मझौले शेयरों ने भी पूरा योगदान दिया। निफ्टी मिडकैप 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। बीएसई स्मॉलकैप में 0.5 फीसदी की तेजी आई।
सबसे ज्यादा तेजी आईटी और तकनीकी शेयरों ने दिखाई। आईटी और तकनीकी शेयर 2.5-2 फीसदी उछले। साथ ही, आरबीआई द्वारा दरें घटाने की उम्मीद से रियल्टी और बैंक 1.5-1 फीसदी चढ़े।
कैपिटल गुड्स, पावर, ऑयल एंड गैस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में 1.5-1 फीसदी की तेजी आई। एफएमसीजी, पीएसयू, हेल्थकेयर और पीएसयू शेयर 0.7-0.3 फीसदी मजबूत हुए। मेटल शेयर हल्की बढ़त पर बंद हुए।
बाजार की चाल
कमजोर अंतर्राष्ट्रीय संकेतों की वजह से घरेलू बाजार भी गिरावट के साथ खुले। हालांकि, कारोबार के शुरुआती मिनटों बाजार हरे निशान में पहुंचे। मिडकैप शेयरों में भी मजबूती बढ़ती नजर आई।
बाजार में तेजी लगातार बढ़ती चली गई और निफ्टी 6000 के ऊपर पहुंचा। 4 फरवरी 2013 के बाद पहली बार निफ्टी 6000 का स्तर पार कर पाया। सेंसेक्स में भी 230 अंक की तेजी आई। मिडकैप शेयर 1.75 फीसदी चढ़े।
बाजार की तेजी के पीछे वजह रही करंट अकाउंट घाटे में कमी आने की उम्मीद। कच्चे तेल और सोने की कीमतों में गिरावट आने की वजह से करंट अकाउंट घाटा कम होने की संभावना है।
साथ ही, बाजार को शुक्रवार को होने वाली क्रेडिट पॉलिसी से भी बड़ी उम्मीदें हैं। बाजार का अनुमान है कि महंगाई कम होने के बाद दरें घटने का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा अप्रैल मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई से भी मंदी के संकेत मिले हैं।
यूरोपीय बाजारों की कमजोर शुरुआत भी घरेलू बाजारों के मूड को खराब नहीं कर पाई। सेंसेक्स करीब 300 अंक चढ़ा और निफ्टी 6019 के स्तर पर पहुंचा। मिडकैप शेयरों में भी तेजी बरकरार रही।
दोपहर 2 बजे के बाद बाजार पर थोड़ा मुनाफावसूली का दबाव दिखा और बाजार ऊपरी स्तरों से फिसले। निफ्टी 6000 के नीचे पहुंचा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की भी मजबूती कम हुई।
क्या चढ़ा, क्या गिरा
दिग्गजों में रिलायंस इंफ्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, जेपी एसोसिएट्स, एमएंडएम, एलएंडटी, पावर ग्रिड, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अंबुजा सीमेंट्स, एनटीपीसी, एसीसी 3.5-2 फीसदी उछले।
कच्चे तेल में गिरावट आने की वजह से एचपीसीएल, इंडियन ऑयल और बीपीसीएल 1.75-0.6 फीसदी चढ़े। सब्सिडी बोझ कम होने की उम्मीद से ओएनजीसी 0.7 फीसदी और ऑयल इंडिया 1 फीसदी मजबूत हुए।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही के अच्छे नतीजों की वजह से आईडीएफसी 2.5 फीसदी चढ़ा।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक का मुनाफा 27.8 फीसदी बढ़कर 666 करोड़ रुपये रहा। कोटक महिंद्रा बैंक 1.25 फीसदी मजबूत हुआ।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में सिंडिकेट बैंक का मुनाफा 91.4 फीसदी बढ़कर 592.3 करोड़ रुपये रहा। सिंडिकेट बैंक करीब 8 फीसदी उछला।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में आंध्रा बैंक का मुनाफा 1.5 फीसदी बढ़कर 345 करोड़ रुपये रहा। आंध्रा बैंक 2.5 फीसदी मजबूत हुआ।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मल्टीब्रैंड रिटेल एफडीआई को मंजूरी देने से फ्यूचर रिटेल, फ्यूचर रिटेल (डीवीआर), प्रोजोन कैपिटल, शॉपर्स स्टॉप, केवल किरण 3-1 फीसदी चढ़े।
मिडकैप शेयरों में रिलायंस कम्यूनिकेशंस, यूनिटेक, जीएमआर इंफ्रा, ऑरबिंदो फार्मा, सिंटेक्स, ऑप्टो सर्किट्स, रिलायंस कैपिटल में 8-3.5 फीसदी की तेजी आई।
कारोबार की रीस्ट्रक्चरिंग की खबर से पोलारिस फाइनेंशियल के शेयरों में 1.5 फीसदी तक की मजबूती आई।
इंग्लिश इंडियन क्ले (ईआईसीएल) में 20 फीसदी का उछाल आया। कंपनी का बोर्ड डीलिस्टिंग पर विचार करने वाला है।
मंगलवार की जोरदार तेजी के बाद एचयूएल पर मुनाफावसूली का दबाव दिखा और शेयर 2 फीसदी लुढ़का।
3.5 फीसदी की गिरावट के साथ शुरुआत करने के बाद भारती एयरटेल ने रिकवरी दिखाई और शेयर 0.5 की कमजोरी पर बंद हुआ।
अप्रैल में बिक्री 15 फीसदी घटने की वजह से टाटा मोटर्स 1 फीसदी से ज्यादा टूटा।
अप्रैल में हीरो मोटोकॉर्प की बिक्री में 10 फीसदी की गिरावट आई। हीरो मोटोकॉर्प 1.75 फीसदी गिरा।
केर्न इंडिया, हिंडाल्को, बजाज ऑटो, गेल, बीएचईएल, डॉ रेड्डीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, सेसा गोवा, लुपिन जैसे दिग्गज 2-0.5 फीसदी कमजोर हुए।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में केनरा बैंक का मुनाफा 12.5 फीसदी घटकर 725 करोड़ रुपये रहा। केनरा बैंक में 0.6 फीसदी की गिरावट आई।
वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में एनपीए बढ़ने की वजह से ओरियंटल बैंक के शेयर 3.5 फीसदी लुढ़के।
सूत्रों के मुताबिक किंगफिशर एयरलाइंस का बकाया कर्ज वसूलने के लिए विजय माल्या और यूबी होल्डिंग्स की गारंटी को भुनाना शुरू किया है। यूबी होल्डिंग्स 1.25 फीसदी और किंगफिशर एयरलाइंस 3 फीसदी टूटे।
अंतर्राष्ट्रीय संकेत
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुझान रहा। निक्केई, कॉस्पी, हैंग सैंग और शंघाई कंपोजिट 0.7-0.2 फीसदी गिरे। स्ट्रेट्स टाइम्स और ताइवान इंडेक्स में 1-0.4 फीसदी की तेजी आई। सिंगापुर निफ्टी 0.6 फीसदी मजबूत है।
यूरोपीय बाजारों पर आर्थिक आंकड़ों का असर दिख रहा है। जर्मनी में उम्मीद से बेहतर मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई की वजह से डीएएक्स 0.3 फीसदी मजबूत हैं। वहीं, कमजोर आंकड़ों की वजह से सीएसी और एफटीएसई लाल निशान में हैं।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आई है। फिलहाल रुपया 53.94 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। मंगलवार को रुपया 54.80 पर बंद हुआ था।
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