ऑटो सेक्टर में मंदी अब गहराने लगी है। कंपनियों की गाड़ियां बिक नहीं रही हैं और बढ़ती इन्वेंटरी से निपटने के लिए डीलर और कार कंपनियां छूट के साथ जोरदार ऑफर भी दे रही हैं। लेकिन इन ऑफर का फायदा भी ऑटो कंपनियों को हो नहीं रहा है। इसके अलावा ऑटो सेक्टर में मजदूरों का असंतोष बड़ी परेशानी बन गया है। पहले मारुति सुजुकी, फिर हीरो मोटोकॉर्प, होंडा मोटर्स और अब महिंद्रा एंड महिंद्रा में हड़ताल बड़ी समस्या बन गई है।
कारनेशन ऑटो के सीएमडी जगदीश खट्टर का कहना है कि हीरो मोटोकॉर्प के कर्मचारी यूनियन को समझदारी दिखानी चाहिए। अगर हीरो मोटोकॉर्प के कर्मचारियों के लिए वेतन बढ़ाए जाते हैं तो इसका असर मानेसर के आसपास की अन्य कंपनियों पर भी होगा और वहां भी मांगे बढ़ेंगी। अब हड़ताल तोड़ने के लिए सरकार को दखल देना चाहिए।
जगदीश खट्टर के मुताबिक अगले 2-3 महीने में ऑटो सेक्टर में सुधार होने की उम्मीद नहीं है। आगे चलकर गर्मी के चलते भी ऑटो सेक्टर पर असर देखा जाएगा। अगले 2-3 महीने में डीजल गाड़ियों की सप्लाई में सुधार हो सकता है और इनकी मांग स्थिर हो सकती है।
ऑटो सेक्टर में मंदी गहरा रही है और ऑटो सेक्टर में अनिश्चितता देखी जा रही है। कंपनियों की बिक्री बढ़ नहीं रही है। डीजल पेट्रोल के बीच अंतर गहराता जा रहा है जिससे पेट्रोल गाड़ियों की बिक्री घट रही है। हालांकि अब डीजल के दाम भी बढ़ेगे जिससे पेट्रोल गाड़ियों की बिक्री में सुधार होने की उम्मीद है।
जगदीश खट्टर के मुताबिक ऑटो सेक्टर में डिस्काउंट या ऑफर देने से बिक्री बढ़ने की ज्यादा उम्मीद नहीं है। इसके चलते ऑटो कंपनियां अपना खर्च भी बढ़ाती हैं लेकिन इससे ज्यादा फायदा नहीं मिल पाता है। इसकी बजाए कंपनियां अपने प्रोडक्ट पर ध्यान दें तो स्थिति में ज्यादा सुधार आ सकता है।
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जगदीश खट्टर के मुताबिक अगले 2-3 महीने में ऑटो सेक्टर में सुधार होने की उम्मीद नहीं है। आगे चलकर गर्मी के चलते भी ऑटो सेक्टर पर असर देखा जाएगा। अगले 2-3 महीने में डीजल गाड़ियों की सप्लाई में सुधार हो सकता है और इनकी मांग स्थिर हो सकती है।
ऑटो सेक्टर में मंदी गहरा रही है और ऑटो सेक्टर में अनिश्चितता देखी जा रही है। कंपनियों की बिक्री बढ़ नहीं रही है। डीजल पेट्रोल के बीच अंतर गहराता जा रहा है जिससे पेट्रोल गाड़ियों की बिक्री घट रही है। हालांकि अब डीजल के दाम भी बढ़ेगे जिससे पेट्रोल गाड़ियों की बिक्री में सुधार होने की उम्मीद है।
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