मंदी से जूझती अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए कर्ज सस्ता होना बेहद जरूरी है। ग्रोथ को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी अब वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आरबीआई पर सौंपी है।
पी चिदंबरम ने कहा है कि सरकार ने अपना वादा निभाते हुए वित्तीय घाटा कम करने के लिए कदम उठाए हैं। वादे के मुताबिक वित्तीय घाटा 5.2 फीसदी से कम रहा है। अब दरों पर आरबीआई को फैसला लेना है।
पी चिदंबरम का कहना है कि वित्त वर्ष 2014 में वित्तीय घाटा 4.8 फीसदी रह सकता है। मौजूदा कारोबारी साल के मुकाबले वित्त वर्ष 2014 में सरकार सिर्फ 100 अरब रुपये ज्यादा उधारी लेगी।
आरबीआई के गवर्नर, डी सुब्बाराव का कहना है कि 2012-13 के पहले 10 महीनों में महंगाई दर 7.5 फीसदी रही है। आरबीआई को फोकस महंगाई को 4-4.5 फीसदी के स्तर पर लाने पर है।
डी सुब्बाराव के मुताबिक वैश्विक स्तर पर कमोडिटी कीमतें काफी ज्यादा हैं। साथ ही, सरकार की रोजगार योजना की वजह से खाद्य महंगाई दर पर दबाव है।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि आरबीआई के साथ हुई बैठक में महंगाई दर आधारित बॉन्ड लाने पर चर्चा नहीं हुई। इसके अलावा पी चिदंबरम ने सेबी के चेयरमैन यू के सिन्हा के साथ भी मुलाकात की।
यू के सिन्हा ने कहा है कि बैठक में वित्त मंत्री के साथ भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा हुई। पी चिदंबरम ने भरोसा दिलाया है कि सरकारी कंपनियां मिनिमम शेयरहोल्डिंग नियमों का पालन करेंगी।
यू के सिन्हा के मुताबिक पी चिदंबरम ऑफर फॉर सेल और डेट सीमा के नियमों से संतुष्ट हैं। राजीव गांधी इक्विटी सेविंग्स स्कीम में बदलाव सरकार को करने हैं। बदलाव होने पर सेबी नियमों में फेरबदल करेगा।
केवाईसी नियमों को आसान बनाने के लिए सेबी की कमेटी 19 मार्च को बैठक करने वाली है। घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिए केवाईसी नियम आसान होने की उम्मीद है।
यू के सिन्हा ने भरोसा दिलाया कि बाजार में कोई गड़बड़ी होने पर सेबी तुरंत कार्रवाई करेगा।
For more Information Plz log on to www.rpshares.com
पी चिदंबरम ने कहा है कि सरकार ने अपना वादा निभाते हुए वित्तीय घाटा कम करने के लिए कदम उठाए हैं। वादे के मुताबिक वित्तीय घाटा 5.2 फीसदी से कम रहा है। अब दरों पर आरबीआई को फैसला लेना है।
पी चिदंबरम का कहना है कि वित्त वर्ष 2014 में वित्तीय घाटा 4.8 फीसदी रह सकता है। मौजूदा कारोबारी साल के मुकाबले वित्त वर्ष 2014 में सरकार सिर्फ 100 अरब रुपये ज्यादा उधारी लेगी।
आरबीआई के गवर्नर, डी सुब्बाराव का कहना है कि 2012-13 के पहले 10 महीनों में महंगाई दर 7.5 फीसदी रही है। आरबीआई को फोकस महंगाई को 4-4.5 फीसदी के स्तर पर लाने पर है।
डी सुब्बाराव के मुताबिक वैश्विक स्तर पर कमोडिटी कीमतें काफी ज्यादा हैं। साथ ही, सरकार की रोजगार योजना की वजह से खाद्य महंगाई दर पर दबाव है।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि आरबीआई के साथ हुई बैठक में महंगाई दर आधारित बॉन्ड लाने पर चर्चा नहीं हुई। इसके अलावा पी चिदंबरम ने सेबी के चेयरमैन यू के सिन्हा के साथ भी मुलाकात की।
यू के सिन्हा ने कहा है कि बैठक में वित्त मंत्री के साथ भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा हुई। पी चिदंबरम ने भरोसा दिलाया है कि सरकारी कंपनियां मिनिमम शेयरहोल्डिंग नियमों का पालन करेंगी।
यू के सिन्हा के मुताबिक पी चिदंबरम ऑफर फॉर सेल और डेट सीमा के नियमों से संतुष्ट हैं। राजीव गांधी इक्विटी सेविंग्स स्कीम में बदलाव सरकार को करने हैं। बदलाव होने पर सेबी नियमों में फेरबदल करेगा।
केवाईसी नियमों को आसान बनाने के लिए सेबी की कमेटी 19 मार्च को बैठक करने वाली है। घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिए केवाईसी नियम आसान होने की उम्मीद है।
यू के सिन्हा ने भरोसा दिलाया कि बाजार में कोई गड़बड़ी होने पर सेबी तुरंत कार्रवाई करेगा।
For more Information Plz log on to www.rpshares.com

No comments:
Post a Comment