Friday, March 8, 2013

जल्द दिखेगा 6000 का स्तर; बैंक शेयर होंगे दमदार:

बजट के बाद बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है। बाजार लगातार चढ़ रहा है और निवेशकों में जोश देखा जा रहा है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि मार्च का महीना अच्छा रहेगा और बाजार में निवेश का मौका गंवाना नहीं चाहिए।

मोतीलाल ओसवाल के एसोसिएट वीपी योगेश मेहता का कहना है कि बजट से पहले बाजार में गिरावट देखी गई थी। लेकिन अब अच्छा बजट आने के बाद स्थिति बदल चुकी है। वित्त मंत्री ने वित्तीय घाटा नियंत्रित करने का भरोसा दिलाया है और जीडीपी ग्रोथ के लिए अच्छा अनुमान दिया है। एफआईआई के लिए भी कोई खराब खबर नहीं आई है।

योगेश मेहता के मुताबिक मार्च में बाजार जल्द ही 6000 के पार जा सकता है। निफ्टी के लिए 5920-5950 का अहम स्तर पार करना जरूरी है।

निवेशकों को आईटी और निजी बैंकों में निवेश करना चाहिए। अगर निजी बैंकों में कुछ बैंकों के वैल्यूएशन ज्यादा महंगे लग रहे हैं तो इंडसइंड बैंक, यस बैंक में निवेश किया जा सकता है। इनके वैल्यूएशन ठीक हैं और इनमें निवेश किया जा सकता है।

योगेश मेहता के मुताबिक 19 मार्च को आने वाली क्रेडिट पॉलिसी में आरबीआई प्रमुख दरों में 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है। हालांकि बाजार को दरों में 0.50 फीसदी की कटौती की उम्मीद है।

एक्सिस कैपिटल के नंदन चक्रवर्ती का कहना है कि अगले 1 महीने में आरबीआई द्वारा प्रमुख दरों में 0.50 फीसदी की कटौती की उम्मीद है। बचे हुए साल 2013 में आरबीआई दरों में 1 फीसदी की कटौती कर सकता है।

प्लान एक्सपेंडिटर का खर्च बढ़ाने से देश की आर्थिक ग्रोथ में सुधार आ सकता है। टैक्स दायरे को बढ़ाने से वित्त वर्ष 2014 में सरकारी राजस्व बढ़ सकता है। आर्थिक ग्रोथ अभी सुस्त लग रही है लेकिन वित्त वर्ष 2014 से स्थिति बदलेगी।

खाने पीने की चीजें, कच्चे तेल के आयात से महंगाई बढ़ती रहेगी। एमएसपी में बढो़तरी से महंगाई बढ़ने का खतरा बना रहेगा। देखना होगा कि सरकार नियमित अंतराल पर डीजल में 50 पैसे की बढो़तरी कर पाती है या नहीं।

रुपये में कमजोरी के बावजूद एफआईआई निवेश जारी है और बाजार विदेशी पूंजी के आधार पर आगे बढ़ता रहेगा। हालांकि अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले भारतीय बाजारों को विदेशी संकेतों से ज्यादा खतरा हो सकता है। अमेरिका का बीएफएसआई सेगमेंट रिकवरी कर रहा है जिससे भारतीय आईटी सेक्टर को भी बढ़ावा मिल सकता है।

एक्सिस कैपिटल ने एसबीआई, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस का वेटेज बढ़ाया गया है। इसके अलावा एलएंडटी में भी तेजी का रुख रहेगा लेकिन इसका वेटेज कम किया गया है।

एचएसबीसी ओबीसी लाइफ इंश्योरेंस की सीआईओ ऋतु अरोड़ा का कहना है कि 19 मार्च को आने वाली क्रेडिट पॉलिसी में आरबीआई गवर्नर महंगाई और ग्रोथ दोनों ही मुद्दे पर ध्यान देंगे। ग्रोथ में सुस्ती आरबीआई के लिए काफी चिंता का विषय रहेगा। इस क्रेडिट पॉलिसी में दरों में 0.25 फीसदी की कटौती की उम्मीद है।

ऋतु अरोड़ा के मुताबिक चौथी तिमाही नतीजों से खास उम्मीदें नहीं हैं क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था की सु्स्ती के साथ ही कंपनियों की कमाई में भी गिरावट आ रही है। हालांकि वित्त वर्ष 2014 की पहली तिमाही में कंपनियों के नतीजे कुछ बेहतर रह सकते हैं।

For more Information Plz log on to www.rpshares.com


No comments:

Post a Comment