Monday, April 29, 2013

इंडियन ओवरसीज बैंक का मुनाफा 88.9% घटा :


वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) का मुनाफा 88.9 फीसदी घटकर 59 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में आईओबी का मुनाफा 529 करोड़ रुपये रहा था।

वित्त वर्ष 2013 की चौथी तिमाही में आईओबी की ब्याज आय 3.3 फीसदी घटकर 1,296 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2012 की चौथी तिमाही में आईओबी की ब्याज आय 1,341 करोड़ रुपये रही थी।

तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईओबी के नेट एनपीए 2.33 फीसदी से बढ़कर 2.50 फीसदी रहे। हालांकि चौथी तिमाही में आईओबी के ग्रॉस एनपीए 4.13 फीसदी से घटकर 4.02 फीसदी रहे।

तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईओबी ने 811 करोड़ रुपये के मुकाबले 1,186 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की है। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईओबी का कैपिटल एडेक्वेसी रेश्यो 11.65 फीसदी से बढ़कर 11.85 फीसदी रहा। 31 मार्च 2013 के अंत तक आईओबी का प्रोविजन कवरेज रेश्यो 58.89 फीसदी रहा।

तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईओबी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.51 फीसदी से घटकर 2.3 फीसदी रहा। साल दर साल आधार पर चौथी तिमाही में आईओबी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 1,002 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,146 करोड़ रुपये रहा।

तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में आईओबी के एडवांसेज 4.3 फीसदी बढ़कर 1.57 लाख करोड़ रुपये रहे। चौथी तिमाही में आईओबी के डिपॉजिट 8.92 फीसदी बढ़कर 1.85 लाख करोड़ रुपये रहे। चौथी तिमाही में आईओबी का 99.3 करोड़ रुपये का टैक्स राइटबैक हुआ है।

इंडियन ओवरसीज बैंक के सीएमडी एम नरेंद्र का कहना है कि वित्त वर्ष 2013 बैंक के लिए चुनौतियों से भरा रहा है। हालांकि आने वाले दिनों में आईओबी के एनपीए में कमी आने की उम्मीद है। वहीं वित्त वर्ष 2014 की दूसरी तिमाही के बाद से प्रोविजनिंग भी कम होने की उम्मीद है।

एम नरेंद्र के मुताबिक रीस्ट्रक्चरिंग 2,400 करोड़ रुपये से बढ़कर 18,049 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। लंबी अवधि में आईओबी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3 फीसदी के आसपास रहने की उम्मीद है।

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