सीआईआई की सालाना बैठक में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने देश की शिक्षा पद्धति को दुरुस्त करने की वकालत की है। राहुल गांधी के मुताबिक देश की शिक्षा पद्धति पुरानी पड़ चुकी है, जो समय के मुताबिक नहीं है। लिहाजा बिजनेस और बाजार की जरूरत के मुताबिक शिक्षा पद्धति को अमल में लाना चाहिए। लोगों को नौकरियां देने और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर देने में कॉरपोरेट को मदद करनी होगी।
राहुल गांधी का कहना है कि भारत में नई सोच और सपनों के उड़ान की कमी नहीं है। भारत बहुत बदल गया है और देश को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता है। देश के युवा नए विचारों और सपनों को हकीकत बनाने का दम रखते हैं।
राहुल गांधी का मानना है कि लोगों का अलग-थलग पड़ना खतरनाक साबित हो सकता है। लिहाजा तरक्की में सबको भागीदार बनाना जरूरी है। साथ ही महिलाओं के बिना तरक्की की बात नहीं हो सकती है। छोटे-छोटे सुधारों से काम नहीं चलेगा और क्रांतिकारी बदलाव की जरूरत है।
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