सेबी ने माना है कि कंपनियों की पूंजी जुटाने की क्षमता में कमी आई है। सेबी के चेयरमैन, यू के सिन्हा का कहना है कि पिछले कुछ सालों में कंपनियों द्वारा बाजार से जुटाई गई पूंजी में भारी गिरावट आई है।
यू के सिन्हा के मुताबिक पिछले 3 साल में कंपनियों ने 60000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना टाली है। वित्त वर्ष 2013 में अब तक कंपनियों ने बाजार से 14400 करोड़ रुपये जुटाए हैं। जबकि पिछले साल ये आंकड़ा 16000 करोड़ रुपये था।
कंपनियों द्वारा कम पूंजी जुटाए जाने का सीधा पर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। निवेश घटने से ग्रोथ की रफ्तार सुस्त होती है। लेकिन, यू के सिन्हा का मानना है कि सरकार और आरबीआई द्वारा उठाए गए कदम ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए काफी है।
हाल में लिस्टेड कंपनियों में से 60 फीसदी कंपनियों के शेयरों का भाव इश्यू प्राइस के नीचे आ चुका है। यू के सिन्हा के मुताबिक आईपीओ शेयरों पर नजर रखने के लिए इंवेस्टर बैंकर्स की जिम्मेदारी बढ़ाई गई है।
जून से 25 फीसदी पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियम लागू होना है। यू के सिन्हा के मुताबिक नियमों को लागू न करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रावाई होगी। 200 कंपनियों में अब तक प्रमोटरों के पास 75 फीसदी से ज्यादा हिस्सा है।
सेबी शेयर बायबैक के लिए जल्द नियम बनाने वाला है। शेयर बायबैक नियम निवेशकों के हित की रक्षा करने के लिए बनाए जाएंगे। इसी साल सेबी इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए नए नियमों का ऐलान करेगा।
इसके अलावा सेबी बिना आईपीओ के एसएमई ट्रेडिंग को मंजूरी देने पर विचार कर रहा है। सभी निवेश विकल्पों के लिए एक ही केवाईसी फॉर्म लागू करने पर 2 महीनों में अंतिम सिफारिशें जारी की जाएंगी।
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