कैंसर की दवा ग्लिवेक पर हार से नोवार्टिस बहुत निराश है। मगर बावजूद इसके नोवार्टिस भारत में निवेश करती रहेगी। नोवार्टिस इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर रंजीत साहनी ने सीएनबीसी आवाज़ से खास बातचीत में बताया कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां दवाओं पर अपने पेटेंट को बहुत अहम मानती हैं और रिसर्च को सुरक्षा नहीं मिलने से इनोवेशन के खत्म होने की आशंका है।
रंजीत साहनी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के पेटेंट नहीं देने से निराशा हुई है। फिर भी पेटेंट के बावजूद सस्ती दवाएं देने के कई विकल्प मौजूद हैं। लेकिन पेटेंट को खत्म करने का मतलब है इनोवेशन को खत्म करना इसीलिए नई दवाएं बनने के लिए पेटेंट बेहद जरूरी है।
रंजीत साहनी का मानना है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला निराश करने वाला है। निराशा के बावजूद भारत के साथ 65 साल का रिश्ता कायम रहेगा।
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