Thursday, September 12, 2013

कर्ज के जंजाल में फंसा जेपी ग्रुप, क्या करें



जेपी ग्रुप भारी भरकम कर्ज में डूबा है और कर्ज कम करने के लिए इसने अपना गुजरात का 1 सीमेंट प्लांट 3800 करोड़ रुपए में अल्ट्राटेक सीमेंट को बेच दिया है। जिससे इसका कर्ज कुछ कम होगा, लेकिन बहुत ही मामूली। पूरे जेपी ग्रुप पर 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। इंफ्रा, सीमेट, रियल एस्टेट में तेजी से उभरती कंपनी आखिर इतने बुरे जाल में कैसे फंस गई? कैसे बाहर निकलेगी कंपनी कर्ज के इस जाल से और क्या करना चाहिए जेपी ग्रुप के शेयरों में इस पर सीएनबीसी आवाज़ की खास पेशकश।

पिछले 5 साल में कंपनी ने सीमेंट, पावर कोराबार में तगड़ा क्षमता विस्तार किया लेकिन ये क्षमता विस्तार कर्ज के जरिए हुआ है। पिछले 5 साल में सीमेंट क्षमता 90 लाख टन से बढ़ाकर 3.35 करोड़ टन कर ली है। पिछले 5 साल में करचम, वांगटू, वास्पा, जैसे बड़े प्रोजेक्टस जोड़े हैं।

जेपी ग्रुप के सीमेंट कारोबार पर 16,500 करोड़ रुपये का कर्ज, जयप्रकाश पावर पर 23,000 करोड़ रुपये का कर्ज और जेपी इंफ्रा पर 8000 करोड़ रुपये का कर्ज है।

वित्त वर्ष 2013 के अंत तक ग्रुप पर पर 60,283 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड कर्ज होगा। वित्त वर्ष 2013 के अंत तक 25,000 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन कर्ज होगा। अल्ट्राटेक सीमेंट के साथ हुए सौदे से कंसोलिडेटेड कर्ज में 6.3 फीसदी की कमी आने की उम्मीद है और स्टैंडअलोन कर्ज में 15 फीसदी की कमी आने की उम्मीद है।

जेपी ग्रुप ने कई सेक्टर में कारोबार फैला लिया है लेकिन इसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। जेपी ग्रुप का फोकस किसी एक दिशा में नही था जिसका नुकसान जेपी एसोसिएट्स, जेपी पावर, जेपी इंफ्रा को हुआ है। जेपी ग्रुप को अपना कर्ज कम करने के लिए कुछ और ऐसेट बेचने होंगे। शायद कंपनी जेपी पावर का प्लांट बेच सकती है। वित्त वर्ष 2014 में जेपी ग्रुप ने कर्ज 15,000 करोड़ रुपये कम करने का लक्ष्य रखा है जिसे हासिल करने के लिए कंपनी को कुछ और ऐसेट बेचने ही होंगे।

देवेन चोकसी के मुताबिक जेपी ग्रुप की सारी परेशानियों को खत्म होने में वक्त लगेगा जिसके चलते अभी इस ग्रुप के शेयरों से दूर रहना चाहिए।
कंपनी पर भारी भरकम कर्ज है और अल्ट्राटेक सीमेंट के साथ सौदा होने से कंपनी को जो रकम मिलेगी उससे जेपी एसोसिएट्स का बहुत ज्यादा कर्ज कम नहीं होगा। हालांकि जेपी एसोसिएट्स के लिए ये कर्ज कम करने की दिशा में अच्छा कदम होगा जिससे इसका शेयर ऊपर चढ़ सकता है जिसका कंपनी को फायदा मिल सकता है। जेपी पावर को भी अपना बड़ा कर्ज कम करना है जिसके लिए कोई ऐसेट बेचा जा सकता है।

जेपी ग्रुप के शेयरों से फिलहाल दूरी बनाए रखनी चाहिए क्योंकि सीमेंट सेक्टर मुश्किल दौर से गुजर रहा है और पावर व इंफ्रा सेक्टर के लिए भी हालात अच्छे नहीं हैं। इसके चलते अभी इस ग्रुप के शेयरों में तेजी आने की उम्मीद नहीं है।कि सीमेंट सेक्टर में अभी लगभग 2 साल तक मंदी की हालत बनी रहेगी जिसके चलते सीमेंट कंपनियों की दिक्कतें बनी रहेंगी। खासकर दक्षिण क्षेत्र में ज्यादा सप्लाई के चलते सीमेंट कंपनियां कम यूटिलाईजेशन पर कारोबार कर रही हैं। इसी के चलते जेपी एसोसिएट्स को अपना गुजरात प्लांट कम वैल्यूएशन पर बेचना पड़ा।

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