लगातार 4 दिन की तेजी के बाद निवेशकों का भरोसा बाजार पर लौटा है। वैश्विक संकेत भी सुधरते नजर आ रहे हैं और घरेलू मोर्चे पर भी कुछ अच्छी खबरें सुनने को मिली हैं। बाजार में और कितनी तेजी की उम्मीद बाकी है, और ऐसे बाजार में निवेश की कहां गुंजाइश है, इस पर जानकारों ने अपनी राय दी है।
बाजार को जिस भरोसे की जरूरत थी उसे रघुराम राजन की बात से काफी सपोर्ट मिला है। रघुराम राजन के आरबीआई गवर्नर बनने के बाद उनके पहले भाषण से बाजार का भरोसा लौटा है।
रुपये का सबसे खराब समय खत्म हो चुका है। रुपया गिरने से एक्सपोर्ट बढ़ता है और इंपोर्ट घटता है। हाल के दिनों रुपये में काफी गिरावट आई और इसके चलते व्यापार घाटे के सितंबर और अक्टूबर के आंकड़े में भी सुधार दिखेगा। हालांकि फॉरेन ट्रैवल्स कम हो जाते हैं। आरबीआई रुपये को फंडामेंटल तौर पर मजबूती दे सकता है।आरबीआई अगर 10 अरब डॉलर के फॉरेन रिजर्व का इस्तेमाल करे तो रुपये में और मजबूती आ सकती है। पिछले कुछ दिनों में इंडेक्स बॉन्ड फंड में खरीदारी हुई है। बाजार की हाल की तेजी ज्यादातर ईटीएफ की ओर से खरीदारी के चलते देखी गई है। रघुराम राजन के आने से बैंकिंग शेयर को मजबूती मिली है। भारतीय बाजारों में ईटीएफ, इंडेक्स और इमर्जिंग मार्केट फंड्स का पैसा आ रहा है।
एफसीएनआर में स्वैप की कॉस्ट आरबीआई उठाएगी और एमएनसी को स्टॉक खरीदने की अनुमति दी गई है। हाल में सरकार और आरबीआई की तरफ से कई सारे कदम उठाए गए हैं जिससे सेंटीमेंट बदल गया है। बाजार अब अच्छे फंडामेंटल की तरफ बढ़ रहा है।
अगर सीरिया में बात बिगड़ती है तो इससे वैश्विक बाजारों को थोड़ा फर्क पड़ेगा। हालांकि इससे भारतीय बाजारों पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ने वाला है। बाजार में अभी खरीदारी के अच्छे मौके हैं। आईटी स्टॉक बहुत अच्छे लग रहे हैं और बैकिंग स्टॉक में तेजी रहेगी। बैंकिंग शेयरों में एचडीएफसी बैंक में खरीदारी कर सकते हैं। निवेशक इक्विटी में पैसा लगा सकते हैं। निवेशक अल्ट्राटेक सीमेंट और हीरो मोटोकॉर्प में निवेश कर सकते हैं।
रुपये की हाल की कमजोरी को देखते हुए आईटी, फार्मा शेयरों में अब भी निवेश का मौका है। कैपिटल गुड्स सेक्टर में ऐसी कंपनियों में निवेश करें जिसमें ज्यादा कर्ज ना हो और राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी हो रही हो। पावर ग्रिड और टाटा स्टील में भी खरीदारी की जानी चाहिए।
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