Tuesday, September 3, 2013

आरबीआई की सख्ती, सोने की तस्करी बढ़ी



आरबीआई की सोने पर इंपोर्ट की सख्ती ने से जहां सोने की कीमत में इजाफा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ सोने की स्मलिंग को भी आरबीआई के कड़े नियमों ने बढ़ावा दिया है।

सरकार अपनी पीठ ठोकने के लिए कह सकती है कि देश में सोने का इंपोर्ट तेजी से घट रहा है, लेकिन सच ये है कि सोने की स्मगलिंग फिर जोर पकड़ रही है।

सूत्रों के मुताबिक रोज 100-150 किलो सोने की तस्करी हो रही है। तस्करी से आ रहा सोना दुबई, अबू धाबी, कतर, सिंगापुर, रियाद, मेहसाणा, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल से आता है। बाजार में फिलहाल दुबई और काठमांडू के रास्ते 60 फीसदी तस्करी आती है और बाकी दूसरे देशों से।

सरकारी की तमाम कोशिशों के बावजूद सोने की स्मगलिंग बढती जा रही है। पिछले साल जहां केवल 4 क्विंटल सोना देश में अवैध तरीके से आया था, वहीं पिछले 2 महीनों में ही 35 क्विंटल सोना स्मगलिंग के जरिए आ चुका है।

तस्करी से मंगाया गया 10 ग्राम सोना इंपोर्टेड सोने के मुकाबले 1,000-1,500 रुपये सस्ता है। सोना लाने के स्मगलरों का आजमाया हुआ तरीका है शरीर के अंदर छुपाकर लाने का। लगेज और इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स के अंदर भी सोना छिपाकर वो कस्टम को चकमा देते हैं। बॉर्डर पर जानवरों के शरीर में सोना छुपाकर जमीनी रास्ते से तस्करी की जाती है। तस्करी में पकड़े जाने का रिस्क है तो रिवॉर्ड भी बड़ा है।

सोने की स्मगलिंग में जिन लोगों को सीधे लगाया जाता है यानी कुरियर को 5 किलो की खेप पर 1-1.5 लाख रुपये दिए जाते हैं। कुरियर एक ट्रिप में औसतन 2-10 किलो का कंसाइनमेंट लेकर आता है। धड़ल्ले से तस्करी बगैर अधिकारियों की मिलीभगत के मुमकिन नहीं है। बताया जाता है कि हर किलो पर कस्टम अधिकारियों का 50,000 रुपये पक्का है।

धंधे से जुड़े लोगों का मानना है कि दिवाली तक डिमांड बढ़ने पर सोने की तस्करी रोजाना 1000 किलो तक पहुंच सकती है। यानी सरकार को सोने का इंपोर्ट बिल थोड़ा कम जरूर दिखे लेकिन मार्केट में सोने की कमी बैकडोर से पूरी होती रहेगी। यानी उसे इंपोर्ट ड्यूटी तो दूर, सेल्स टैक्स, सर्विस टैक्स या वैट जैसे टैक्स से भी हाथ धोना पड़ेगा।


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