Tuesday, April 23, 2013

कोल पूलिंग से नहीं पड़ेगा फर्कः एनटीपीसी :

सरकार कोल प्राइस पूलिंग पर कोई फैसला नहीं ले पाई है लेकिन 2 प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई गई है। दरअसल कोयले की बढ़ी कीमत को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं। लिहाजा 2009 से पहले बने पावर प्लांट को तय कीमत पर कोयला मिलेगा। इसके अलावा 2009 के बाद बने पावर प्लांट को बाजार भाव पर इंपोर्टेड कोयला मिलेगा। वहीं यूएमपीपी को कोयला देने के लिए सीसीआई में फैसला होगा।

एनटीपीसी के सीएमडी अरूप रॉयचौधरी का कहना है कि कोल पूलिंग के अंतर्गत कंपनी का कोई प्रोजेक्ट नहीं है। लिहाजा कोल प्राइस पूलिंग से एनटीपीसी के कारोबार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। एनटीपीसी के लिए औसतन पूल प्राइस की लागत 2.9 रुपये प्रति यूनिट पर है। एनटीपीसी पिछले 4 साल से स्वतंत्र रूप से कोयले का आयात कर रही है। फिलहाल कुल जरूरत का करीब 10 फीसदी कोयला आयात किया जा रहा है।

अरूप रॉयचौधरी के मुताबिक कोयले की क्वालिटी के विवाद के चलते कोल इंडिया के साथ भुगतान में देरी हो रही है। सरकार को कोल इंडिया और एनटीपीसी के विवाद में कोई दखल नहीं देना चाहिए। साथ ही सरकार को भी कोल इंडिया और एनटीपीसी विवाद को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

अरूप रॉयचौधरी ने बताया कि राज्य बिजली बोर्डों की माली हालत खराब है लेकिन भुगतान को लेकर कोई दिक्कत नहीं दिख रही है। ईंधन को लेकर चिंता जरूर है, पर अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। ईंधन की कमी के कारण सभी गैस आधारित प्रोजेक्ट पर काम रोकने की योजना है। एनटीपीसी ने 9,000 मेगावॉट क्षमता की बिजली उत्पादन पर काम शुरू कर दिया है।

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